पूर्वी चंपारण में अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, 2 पिस्टल-देसी बंदूक सहित नेपाली मुद्रा बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी चंपारण जिले के ढाका थाना क्षेत्र में बिहार पुलिस ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। बरेवा गाँव में संदिग्ध खुर्शीद आलम के मकान पर छापेमारी के दौरान दो पिस्टल, दो मैगजीन, पाँच जिंदा कारतूस, एक देसी बंदूक और 3,000 नेपाली रुपये बरामद किए गए। इस कार्रवाई में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
छापेमारी का घटनाक्रम
पुलिस अधिकारी के अनुसार, गुरुवार को गुप्त सूचना मिली कि बरेवा गाँव निवासी खुर्शीद आलम अपने घर में अवैध और अत्याधुनिक हथियार छुपाए हुए है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने मकान को घेरकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
तलाशी के दौरान बरामद हथियारों के साथ नेपाली मुद्रा मिलना इस गिरोह के सीमापार संपर्क की ओर इशारा करता है। पुलिस इस कोण से भी जाँच कर रही है। गिरफ्तार दो महिलाओं से फिलहाल पूछताछ जारी है।
एक दिन पहले भी बड़ी कार्रवाई
यह छापेमारी ऐसे समय में हुई है जब बुधवार को मोतिहारी में छतौनी थाना पुलिस ने हथियार तस्करी के खिलाफ अलग अभियान में पाँच तस्करों को गिरफ्तार किया था। उस कार्रवाई में संदिग्ध ऑटो को बरियारपुर इलाके के पास रोककर तलाशी ली गई, जिसमें अब्बास खान नामक युवक के पास से एक देसी पिस्टल बरामद हुई।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर डीआईयू और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पकड़ीदयाल इलाके में छापा मारकर दो और युवकों को दबोचा। उनके पास से एक और देसी पिस्टल और पाँच जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बुधवार की कार्रवाई में कुल दो देसी पिस्टल, पाँच जिंदा कारतूस, चार मोबाइल फोन और एक ऑटो जब्त किया गया।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
गौरतलब है कि पूर्वी चंपारण जिला नेपाल सीमा से सटा हुआ है, जो इसे हथियारों की अवैध आवाजाही के लिए संवेदनशील क्षेत्र बनाता है। 3,000 नेपाली रुपये की बरामदगी इस बात का संकेत है कि यह गिरोह सीमापार सक्रिय हो सकता है। पुलिस के अनुसार, गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान जारी है।
आगे की जाँच
फिलहाल गिरफ्तार महिलाओं और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश की जा रही है। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि ये हथियार किन्हें आपूर्ति किए जाने थे और इनका अंतिम गंतव्य क्या था। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।