बिहार ईओयू का बड़ा एक्शन: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर छापा, ₹40 लाख नकद बरामद

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बिहार ईओयू का बड़ा एक्शन: एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर छापा, ₹40 लाख नकद बरामद

सारांश

बिहार ईओयू ने ग्रामीण कार्य प्रमंडल के इंजीनियर गोपाल कुमार के पटना और जमुई में चार ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। ₹2 करोड़ से अधिक की कथित बेहिसाब संपत्ति — आय से 81.5% अधिक — के मामले में ₹40 लाख नकद बरामद हुए हैं और जांच जारी है।

मुख्य बातें

बिहार ईओयू ने 17 मई 2025 को एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार के 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
कथित बेहिसाब संपत्ति ₹2,00,61,000 — आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 81.5% अधिक।
तलाशी के दौरान अब तक ₹40 लाख नकद बरामद।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 15 मई 2025 को केस दर्ज; पटना की विशेष सतर्कता अदालत से वारंट लिया गया।
छापे पटना (ज्योतिपुरम, कंकड़बाग) और जमुई (झाझा कार्यालय, किराये का मकान) में मारे गए।
तलाशी अभियान अभी जारी; जब्त वस्तुओं का विस्तृत ब्यौरा बाद में जारी होगा।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने शनिवार, 17 मई 2025 को जमुई के झाझा स्थित ग्रामीण कार्य प्रमंडल के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार से जुड़े चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई ₹2,00,61,000 की कथित बेहिसाब संपत्ति के मामले में की गई, जो अधिकारियों के अनुसार उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक है। तलाशी के दौरान अब तक ₹40 लाख नकद बरामद किए जा चुके हैं।

मामले की पृष्ठभूमि और केस दर्ज होने की प्रक्रिया

बिहार पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, ईओयू ने 15 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गोपाल कुमार के विरुद्ध केस दर्ज किया। यह कदम एक प्रारंभिक जांच के निष्कर्षों पर आधारित था, जिसमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले थे। केस दर्ज होने के तुरंत बाद, ईओयू ने पटना की विशेष सतर्कता अदालत से तलाशी वारंट प्राप्त किया और अगले ही दिन सुबह छापेमारी शुरू की।

गौरतलब है कि यह इकाई उन्हीं मामलों में हस्तक्षेप करती है जहाँ वित्तीय अनियमितताएँ बड़े पैमाने पर हों और जिनके लिए विशेष जांच कौशल की आवश्यकता हो।

किन ठिकानों पर हुई छापेमारी

पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में टीमों ने चार स्थानों पर एक साथ तलाशी ली। इनमें पटना के ज्योतिपुरम स्थित मजिस्टर कॉलोनी के जगत पीला अपार्टमेंट में उनका फ्लैट, कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर, रोड नंबर 4 स्थित आवास, जमुई में केकेएम कॉलेज के पास एक किराये का मकान और झाझा स्थित उनका कार्यालय शामिल हैं।

जांचकर्ता रियल एस्टेट संपत्तियों, निवेश दस्तावेजों, बैंकिंग लेनदेन और अन्य वित्तीय अभिलेखों की बारीकी से जाँच कर रहे हैं।

अब तक की बरामदगी और जांच की स्थिति

तलाशी अभियान के दौरान अब तक ₹40 लाख नकद बरामद किए गए हैं। ईओयू के अनुसार, छापेमारी अभी भी जारी है और अभियान पूरा होने के बाद जब्त वस्तुओं तथा जांच के विस्तृत निष्कर्ष सार्वजनिक किए जाएंगे।

अधिकारियों ने बताया कि कथित संपत्ति उनकी वैध आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में लगभग 81.5 प्रतिशत अधिक आँकी गई है — जो भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत कार्रवाई का आधार बनी।

आर्थिक अपराध इकाई की भूमिका

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) राज्य का वह विशेष प्रभाग है जो जटिल 'व्हाइट-कॉलर' अपराधों, वित्तीय धोखाधड़ी और बड़े पैमाने के घोटालों की जांच करता है। यह इकाई उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करती है जिनके प्रभाव अंतर-राज्यीय स्तर पर पड़ सकते हैं और जिनके लिए उच्च स्तरीय फॉरेंसिक एवं वित्तीय विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।

आगे क्या होगा

जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद जब्त साक्ष्यों की विधिवत जांच की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी साझा की जाएगी। गोपाल कुमार के विरुद्ध मामले की अगली सुनवाई पटना की विशेष सतर्कता अदालत में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विभागीय ऑडिट और वित्तीय निगरानी तंत्र सक्रिय रहते हैं। बिहार में सरकारी ठेकेदारी और ग्रामीण विकास परियोजनाओं में कमीशनखोरी की शिकायतें नई नहीं हैं — लेकिन ईओयू की यह कार्रवाई तब अर्थपूर्ण होगी जब अभियोजन तेज़ और पारदर्शी हो, न कि केवल छापे तक सीमित रहे।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार ईओयू ने गोपाल कुमार पर छापा क्यों मारा?
ईओयू की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ग्रामीण कार्य प्रमंडल, झाझा के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार ने कथित तौर पर अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से लगभग 81.5% अधिक — यानी ₹2,00,61,000 — की संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर 15 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया।
छापेमारी में अब तक क्या बरामद हुआ है?
तलाशी अभियान के दौरान अब तक ₹40 लाख नकद बरामद किए गए हैं। जांचकर्ता रियल एस्टेट दस्तावेजों, बैंकिंग लेनदेन और निवेश अभिलेखों की भी जांच कर रहे हैं। अभियान पूरा होने के बाद जब्त वस्तुओं का विस्तृत ब्यौरा जारी किया जाएगा।
किन-किन स्थानों पर छापे मारे गए?
ईओयू ने एक साथ चार ठिकानों पर छापे मारे — पटना के ज्योतिपुरम स्थित जगत पीला अपार्टमेंट, कंकड़बाग के पूर्वी इंदिरा नगर में आवास, जमुई में केकेएम कॉलेज के पास किराये का मकान और झाझा स्थित कार्यालय।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) क्या है और इसका काम क्या है?
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) एक विशेष प्रभाग है जो जटिल वित्तीय धोखाधड़ी, व्हाइट-कॉलर अपराधों और बड़े पैमाने के घोटालों की जांच करता है। यह उन मामलों पर ध्यान केंद्रित करती है जिनके लिए उच्च स्तरीय फॉरेंसिक और वित्तीय विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी?
तलाशी अभियान पूरा होने के बाद जब्त साक्ष्यों की विधिवत जांच की जाएगी। मामला पटना की विशेष सतर्कता अदालत में चलेगा और ईओयू के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी अभियान समाप्त होने पर साझा की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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