मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मिथुन चक्रवर्ती के आवास पर की मुलाकात, भेंट की मां काली की प्रतिमा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शनिवार, 17 मई 2025 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और प्रख्यात अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती के कोलकाता स्थित आवास पर उनसे मिलने पहुँचे। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान अधिकारी ने अभिनेता का हालचाल जाना और उन्हें मां काली की प्रतिमा भेंट की।
मुलाकात का संदर्भ
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए हैं। दोनों नेताओं की पश्चिम बंगाल में व्यापक लोकप्रियता है और दोनों भाजपा के प्रमुख बंगाली चेहरों में गिने जाते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस भेंट को शिष्टाचार मुलाकात बताया।
सुवेंदु अधिकारी: राजनीतिक सफर
सुवेंदु अधिकारी ने 1995 में कांथी नगरपालिका के पार्षद के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। उन्होंने रवींद्र भारती विश्वविद्यालय से इतिहास में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है और जनसेवा को ही अपना परिवार मानते हुए आजीवन अविवाहित रहने का संकल्प लिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के प्रमुख रणनीतिकार के रूप में उन्होंने 2007 के नंदीग्राम आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मतभेदों के चलते सितंबर 2020 में उन्होंने TMC छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
मिथुन चक्रवर्ती का राजनीतिक उतार-चढ़ाव
फिल्म जगत में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले मिथुन चक्रवर्ती का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आमंत्रण पर वे 2014 में तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए और पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा। हालांकि, शारदा चिट फंड घोटाले में नाम आने के बाद उन्होंने 2016 के अंत में राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया और सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली।
7 मार्च 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में मिथुन चक्रवर्ती भाजपा में शामिल हुए। पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल में अपना प्रमुख बंगाली चेहरा और स्टार प्रचारक बनाया, जिनकी रैलियों में भारी भीड़ उमड़ती रही। गौरतलब है कि उन्होंने चुनावी राजनीति में कोई प्रशासनिक पद लेने या चुनाव लड़ने के बजाय स्वयं को पार्टी विचारधारा के प्रचार और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने तक सीमित रखा है।
आगे क्या
यह मुलाकात राज्य में भाजपा के नए प्रशासन और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय के संकेत के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में मिथुन चक्रवर्ती की भाजपा सरकार में भूमिका को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा जारी रहेगी।