'श्री बाबा नीम करोली महाराज' को मिला सेंसर सर्टिफिकेट, 29 मई को सिनेमाघरों में होगी रिलीज

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'श्री बाबा नीम करोली महाराज' को मिला सेंसर सर्टिफिकेट, 29 मई को सिनेमाघरों में होगी रिलीज

सारांश

कानूनी अड़चनों और CBFC की प्रक्रियागत देरी से जूझती रही 'श्री बाबा नीम करोली महाराज' को बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सेंसर सर्टिफिकेट मिला। सुबोध भावे अभिनीत यह फिल्म 29 मई को सिनेमाघरों में आएगी — करोड़ों भक्तों की आस्था अब बड़े पर्दे पर।

मुख्य बातें

फिल्म 'श्री बाबा नीम करोली महाराज' 29 मई 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
अभिनेता सुबोध भावे फिल्म में नीम करोली बाबा की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
फिल्म पहले 24 अप्रैल को रिलीज होनी थी, लेकिन CBFC की प्रक्रियागत देरी के कारण टल गई।
निर्माताओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसके बाद सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में तेज़ी आई।
फिल्म के निर्माताओं में बलराम गर्ग , बलवीर सिंह , शरद सिंह ठाकुर , खड़ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह शामिल हैं।

फिल्म 'श्री बाबा नीम करोली महाराज' लंबी कानूनी लड़ाई और सेंसर बोर्ड की प्रक्रियागत देरी के बाद आखिरकार 29 मई 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है। नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेशों पर आधारित इस फिल्म में अभिनेता सुबोध भावे मुख्य भूमिका में हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने फिल्म को प्रमाण पत्र जारी किया, जिससे निर्माताओं और भक्तों दोनों ने राहत की सांस ली।

रिलीज में क्यों हुई देरी

फिल्म को शुरुआत में 24 अप्रैल को रिलीज किया जाना था, लेकिन पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य और सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में आई अड़चनों के कारण यह तारीख टल गई। निर्माताओं के अनुसार, उन्होंने बाबा के परिवार, कानूनी उत्तराधिकारियों और संबंधित ट्रस्ट से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) सहित सभी आवश्यक दस्तावेज़ पहले ही जमा कर दिए थे। इसके बावजूद CBFC की ओर से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही थी।

निर्माताओं का दावा है कि वे लंबे समय तक संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला। स्थिति तब और जटिल हो गई जब इस प्रक्रियागत गतिरोध ने फिल्म की व्यावसायिक योजनाओं को प्रभावित करना शुरू कर दिया।

बॉम्बे हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

निर्माताओं ने अंततः बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि CBFC की ओर से सर्टिफिकेशन में अनावश्यक देरी की जा रही है। निर्माताओं के अनुसार, मामला अदालत तक पहुँचने के बाद ही प्रक्रिया में तेज़ी आई और फिल्म को अंततः सेंसर प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ।

यह घटनाक्रम उन फिल्म निर्माताओं के लिए एक मिसाल बन सकता है जो धार्मिक या ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए सर्टिफिकेशन में समान बाधाओं का सामना करते हैं।

निर्देशक और निर्माताओं की प्रतिक्रिया

फिल्म के निर्देशक शरद सिंह ठाकुर ने सेंसर प्रमाण पत्र मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, 'यह सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि लाखों लोगों की आस्था और भावनाओं से जुड़ी कहानी है।' उन्होंने कहा कि तमाम नियमों का पालन करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद देरी हो रही थी, लेकिन अंत में न्याय मिला।

फिल्म का निर्माण बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड़ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह ने संयुक्त रूप से किया है।

दर्शकों और भक्तों की उत्सुकता

नीम करोली बाबा की देश-विदेश में करोड़ों भक्तों की आस्था को देखते हुए इस फिल्म को लेकर प्रारंभ से ही असाधारण उत्सुकता रही है। गौरतलब है कि नीम करोली बाबा के भक्तों में न केवल भारतीय, बल्कि अंतरराष्ट्रीय हस्तियाँ भी शामिल हैं, जिससे इस फिल्म की पहुँच व्यापक होने की संभावना है।

आगे क्या

सेंसर प्रमाण पत्र मिलने के बाद फिल्म की टीम ने 29 मई 2025 की रिलीज की तैयारी तेज़ कर दी है। अब देखना होगा कि आस्था और सिनेमा के इस संगम को दर्शक किस तरह स्वीकार करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चिंताजनक ज़रूर है। निर्माताओं के पास NOC सहित सभी दस्तावेज़ थे, फिर भी प्रक्रिया महीनों तक अटकी रही — यह दर्शाता है कि सर्टिफिकेशन तंत्र में पारदर्शिता और समयबद्धता की गंभीर कमी है। आस्था-आधारित सिनेमा की बढ़ती माँग को देखते हुए CBFC को ऐसे मामलों के लिए स्पष्ट और त्वरित प्रक्रिया बनानी होगी, अन्यथा हर फिल्म निर्माता के लिए अदालत ही एकमात्र विकल्प बनती रहेगी।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'श्री बाबा नीम करोली महाराज' फिल्म कब रिलीज होगी?
फिल्म 29 मई 2025 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह तारीख CBFC से सेंसर सर्टिफिकेट मिलने और बॉम्बे हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद तय हुई है।
फिल्म की रिलीज में इतनी देरी क्यों हुई?
फिल्म पहले 24 अप्रैल को रिलीज होनी थी, लेकिन पोस्ट-प्रोडक्शन और CBFC सर्टिफिकेशन में प्रक्रियागत देरी के कारण तारीख टलती रही। निर्माताओं को अंततः बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करनी पड़ी, जिसके बाद सर्टिफिकेट जारी हुआ।
फिल्म में मुख्य भूमिका कौन निभा रहा है?
अभिनेता सुबोध भावे फिल्म में नीम करोली बाबा की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर ने किया है।
फिल्म के निर्माताओं के पास NOC थी, फिर भी CBFC ने देरी क्यों की?
निर्माताओं के अनुसार, उन्होंने बाबा के परिवार, कानूनी उत्तराधिकारियों और संबंधित ट्रस्ट से NOC सहित सभी ज़रूरी दस्तावेज़ पहले ही जमा कर दिए थे। इसके बावजूद CBFC की ओर से प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ रही थी; देरी के सटीक कारण का आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है।
नीम करोली बाबा कौन थे और उन पर फिल्म क्यों बन रही है?
नीम करोली बाबा एक प्रसिद्ध हिंदू संत थे, जिनकी देश-विदेश में करोड़ों भक्त हैं। उनके आध्यात्मिक संदेशों और जीवन से प्रेरित होकर यह फिल्म बनाई गई है, जो आस्था और सिनेमा के संगम का एक प्रयास है।
राष्ट्र प्रेस
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