क्या विजय की 'जन नायकन' को सेंसर सर्टिफिकेट में देरी हो रही है?
सारांश
Key Takeaways
- फिल्म 'जन नायकन' का बजट लगभग 500 करोड़ रुपए है।
- सेंसर बोर्ड ने कुछ दृश्य काटने के सुझाव दिए हैं।
- फिल्म की रिलीज 9 जनवरी को होनी है।
- प्रोडक्शन हाउस ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
- फिल्म को लेकर शिकायत करने वाले ने इसे देखा नहीं है।
नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अभिनेता-राजनेता थलपति विजय की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज से पहले सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। फिल्म 9 जनवरी को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली है, लेकिन अब तक इसे सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
इस विषय पर फिल्म के प्रोडक्शन हाउस केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। कंपनी ने अदालत से अनुरोध किया है कि सेंसर बोर्ड को तत्काल सर्टिफिकेट जारी करने का निर्देश दिया जाए। यह फिल्म लगभग 500 करोड़ रुपए के बजट से निर्मित हुई है और इसे विजय की लीड एक्टर के रूप में अंतिम फिल्म माना जा रहा है।
प्रोडक्शन कंपनी के अनुसार, फिल्म को दिसंबर में ही सेंसर बोर्ड को सर्टिफिकेट के लिए प्रस्तुत किया गया था। बोर्ड ने कुछ दृश्य काटने और कुछ संवाद म्यूट करने के सुझाव दिए, जिन्हें मानकर फिल्म को फिर से सबमिट किया गया। दूसरी जांच के बाद, बोर्ड ने इसे यू/ए सर्टिफिकेट के लिए उपयुक्त बताया। लेकिन एक शिकायत में आरोप लगाया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। इस आधार पर, बोर्ड ने फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया।
प्रोडक्शन कंपनी का तर्क है कि शिकायतकर्ता ने फिल्म देखी ही नहीं है, तो ऐसे आरोप कैसे लगाए जा सकते हैं? इसलिए, बिना किसी देरी के सर्टिफिकेट जारी किया जाना चाहिए। वहीं, सेंसर बोर्ड ने कहा कि शिकायत मिलने पर फिल्म को दोबारा जांचना आवश्यक है और निश्चित समय सीमा के भीतर सर्टिफिकेट जारी करने के लिए कोई दबाव नहीं डाला जा सकता। बोर्ड ने कानून का हवाला देते हुए कहा कि प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है।
जस्टिस पी.टी. आशा की बेंच में इस याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जज ने सेंसर बोर्ड को निर्देश दिया कि फिल्म के खिलाफ आई शिकायत की कॉपी कोर्ट में जमा की जाए। सुनवाई को एक दिन के लिए टाल दिया गया। इस दौरान सेंसर बोर्ड के वकील ने जोर देकर कहा कि रिलीज की तिथि निर्धारित होने के बावजूद फिल्म केवल कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर ही रिलीज हो सकती है।
जज ने प्रोडक्शन कंपनी से पूछा कि क्या रिलीज को 10 जनवरी तक नहीं टाला जा सकता? कंपनी के वकील ने जवाब दिया कि रिलीज की तिथि पहले ही घोषित हो चुकी है और इसे बदलना कठिन है।