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भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद बिहार पुलिस ने एसडीपीओ गौतम कुमार को पदमुक्त किया

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भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बाद बिहार पुलिस ने एसडीपीओ गौतम कुमार को पदमुक्त किया

सारांश

बिहार पुलिस ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते किशनगंज के एसडीपीओ गौतम कुमार को पदमुक्त कर दिया है। इस मामले में ईओयू द्वारा की गई छापेमारी में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है।

मुख्य बातें

गौतम कुमार को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पदमुक्त किया गया।
ईओयू ने छापेमारी की और करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा किया।
आगे की जांच जारी है, जिससे और कार्रवाई संभव है।

पटना, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार पुलिस मुख्यालय ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते किशनगंज के अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) गौतम कुमार को तत्काल प्रभाव से उनके कार्यों से मुक्त कर दिया है।

उन्हें पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है और उन्हें 'पोस्टिंग का इंतजार' की श्रेणी में रखा गया है। इस बीच, पुलिस मुख्यालय ने किशनगंज सदर-2 के एसडीपीओ को इस पद का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा है।

यह कार्रवाई 31 मार्च को आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा गौतम कुमार से जुड़े छह ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद की गई है।

इस अभियान के दौरान, अधिकारियों को कथित तौर पर गौतम कुमार, उनकी पत्नी, सास और एक महिला सहयोगी के नाम पर पंजीकृत करोड़ों रुपये की संपत्ति मिली। प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि अधिकारी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी सेवा अवधि के दौरान लगभग 80 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है।

ईओयू ने 29 मार्च को पुलिस स्टेशन में बीएनएस 2023 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। प्रथम दृष्टया सबूतों के अनुसार, गौतम कुमार ने करोड़ों रुपये की संपत्ति जमा की है। इसी आधार पर, ईओयू की टीमों ने मंगलवार को पटना, पूर्णिया और किशनगंज में उनसे जुड़े छह ठिकानों पर छापेमारी शुरू की।

गौतम कुमार 1994 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में पुलिस बल में शामिल हुए थे और बाद में उन्हें पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदोन्नत किया गया। उन्होंने अररिया, किशनगंज और पूर्णिया क्षेत्रों में लंबे समय तक सेवा दी है।

आर्थिक अपराध इकाई की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और परिणामों के आधार पर और भी कार्रवाई की जा सकती है।

ईओयू ने पुलिस स्टेशन में 29 मार्च को एक और छापेमारी की थी। उस मामले में, वैभव कुमार पर लगभग 2.41 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति रखने का आरोप है।

जांच में यह भी पता चला कि यह राशि उनकी ज्ञात आय से लगभग 78.03 प्रतिशत अधिक है, जिसके चलते सहरसा और मुजफ्फरपुर में छह ठिकानों पर छापेमारी की गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतम कुमार पर किस प्रकार के आरोप लगे हैं?
गौतम कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं, जिसमें उन्होंने अपनी सेवा अवधि के दौरान लगभग 80 करोड़ रुपये की संपत्ति जमा की है।
ईओयू ने कब छापेमारी की थी?
ईओयू ने 31 मार्च को गौतम कुमार से जुड़े छह ठिकानों पर छापेमारी की थी।
गौतम कुमार का पुलिस में करियर कब शुरू हुआ?
गौतम कुमार का पुलिस में करियर 1994 में सब-इंस्पेक्टर के रूप में शुरू हुआ था।
पुलिस मुख्यालय ने गौतम कुमार को क्या निर्देश दिए हैं?
पुलिस मुख्यालय ने उन्हें रिपोर्ट करने का निर्देश दिया है और 'पोस्टिंग का इंतजार' की श्रेणी में रखा है।
इस मामले में आगे की जांच कब होगी?
इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है और नतीजों के आधार पर और भी कार्रवाई की जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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