पेट्रोल-डीजल महंगाई पर बिहार मंत्री कुमार शैलेंद्र बोले — साइकिल-बाइक से कर रहे सफर, PM की अपील पर कटौती
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री कुमार शैलेंद्र ने 16 मई 2025 को पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद वे खुद भी सरकारी सुविधाओं में कटौती कर चुके हैं और अब हफ्ते में कई दिन मोटरसाइकिल या साइकिल से यात्रा करते हैं। उनके अनुसार यह राष्ट्रीय हित में संसाधनों के संयमित उपयोग का समय है।
मंत्री की व्यक्तिगत पहल
कुमार शैलेंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से ऊर्जा और संसाधनों का कम उपयोग करने की अपील की है। इस अपील को व्यवहार में उतारते हुए वे कई बार बिना वाहन के भी यात्रा करते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ अनेक नेता और संगठन भी इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रहे हैं।
वैश्विक संदर्भ में भारत की स्थिति
शैलेंद्र ने यह भी तर्क दिया कि भले ही भारत में ईंधन की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन दुनिया के कई देशों की तुलना में यह बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है। उनके अनुसार अनेक देशों में ईंधन की कीमतें भारत से कई गुना अधिक बढ़ी हैं, इसलिए भारत की स्थिति अभी भी बेहतर मानी जा सकती है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि मुद्दों की कमी के कारण वे इस विषय को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
दिलीप कुमार जायसवाल का वैश्विक संकट पर बयान
बिहार सरकार के एक अन्य मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि अमेरिका, ईरान और इज़रायल से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण पूरी दुनिया में पेट्रोलियम संकट गहरा रहा है। इसके बावजूद उनका दावा है कि भारत अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती से संभाल रहा है और जनता को हर संभव राहत देने का प्रयास जारी है। उन्होंने लोगों से संयम बरतने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग की अपील की।
अन्य अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया
विदेश यात्रा पर कर लगाने की खबरों को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा खारिज किए जाने के संदर्भ में जायसवाल ने कहा कि सरकार डॉलर और सोने की कीमतों में हो रहे बदलावों पर भी नज़र रख रही है और लोगों को इस बारे में जागरूक रहना चाहिए। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के प्रयास जारी हैं और भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए कंप्यूटर आधारित प्रणाली लागू करने पर विचार किया जा रहा है। भोजशाला-कमल मौला मस्जिद परिसर विवाद पर उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे तथ्य सामने आते हैं, न्यायपालिका और समाज दोनों ऐसे स्थलों को उनके वास्तविक स्वरूप में समझने लगते हैं।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तेल बाज़ार में अनिश्चितता बनी हुई है और घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है। बिहार के मंत्रियों की यह सार्वजनिक पहल सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा केंद्र सरकार के संदेश को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।