पटना में ऑटो गैंग का भंडाफोड़: रेलवे स्टेशन-बस स्टैंड से यात्रियों को लूटने वाले 4 गिरफ्तार, ₹6.56 लाख नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राजधानी पटना में रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के पास यात्रियों को ऑटो में बैठाकर सुनसान इलाकों में ले जाने और लूटने वाले एक संगठित गिरोह के चार सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 25 मई को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹6.56 लाख नकद, एक ऑटो, एक बाइक और नकली सोने-चाँदी के जेवरात बरामद किए। गिरफ्तार सभी आरोपी वैशाली जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।
गिरोह का तरीकावार
नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना परिचय कुमार ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से अगम कुआँ, बाईपास, रामकृष्ण नगर और चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्रों में सक्रिय था। गिरोह का एक सदस्य ऑटो चालक की भूमिका निभाता था, जबकि बाकी सदस्य सामान्य सवारी बनकर ऑटो में बैठ जाते थे।
जैसे ही कोई वास्तविक यात्री ऑटो में चढ़ता, गिरोह उसे सुनसान इलाके में ले जाकर नकदी, मोबाइल फोन, जेवरात और अन्य कीमती सामान लूट लेता था। कभी-कभी गिरोह के सदस्य नकली सोने के जेवरात दिखाकर यात्रियों के साथ ठगी भी करते थे।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से जो सामान जब्त किया, उसमें शामिल हैं — सोने जैसे दिखने वाले दो चेन, एक जोड़ी झुमका, चार पीस चूड़ी; चाँदी जैसे दिखने वाले आठ पीस चूड़ी और पाँच जोड़ी पायल। इसके अलावा ₹6.56 लाख नकद, एक बाइक और एक ऑटो भी जब्त किया गया। वारदात के बाद गिरोह के सदस्य ऑटो से वैशाली फरार हो जाते थे।
पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जाँच के बाद गिरोह के चारों सदस्यों को दबोचा। गिरफ्तारी के बाद आगे की जाँच जारी है।
यात्रियों पर असर और आगे की राह
यह गिरोह उन यात्रियों को निशाना बनाता था जो अक्सर अपरिचित शहर में सस्ती और सुलभ सवारी की तलाश में होते हैं। गौरतलब है कि पटना जैसे बड़े रेलवे जंक्शन और बस टर्मिनल वाले शहरों में इस तरह के संगठित अपराध यात्रियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती पेश करते हैं। पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश अभी जारी है।