ग्रेटर नोएडा: किराये की गाड़ी से लूट करने वाले संगठित गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, 20 मोबाइल और हथियार बरामद

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ग्रेटर नोएडा: किराये की गाड़ी से लूट करने वाले संगठित गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, 20 मोबाइल और हथियार बरामद

सारांश

ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने उस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया जो किराये की गाड़ियों में लिफ्ट का झांसा देकर राहगीरों और टैक्सी चालकों को लूटता था। पांच आरोपी गिरफ्तार, 20 मोबाइल और हथियार बरामद — और चाबी छीनकर पीछा रोकने की चालाकी ने इस गिरोह को महीनों तक बेनकाब होने से बचाए रखा।

मुख्य बातें

थाना सूरजपुर पुलिस ने 18 मई 2026 को पांच आरोपियों — अंकित सिंह, दीपांशु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत — को सेक्टर ईटा-01 , ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया।
आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन , दो तमंचे , कारतूस, तीन चाकू , नगदी और दो कारें (वेन्यू व थार) बरामद।
गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर में रात के समय किराये की गाड़ियों से सक्रिय था; लिफ्ट का बहाना बनाकर लूट करता था।
16 मई 2026 को एक टैक्सी चालक से ₹5,000 नगद , मोबाइल और चाबी लूटी गई — इसी मामले से जांच शुरू हुई।
आरोपी वारदात के बाद किराये की गाड़ी मालिक को लौटा देते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं।
पुलिस अब बरामद मोबाइल के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान और गिरोह के शेष सदस्यों की तलाश कर रही है।

ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर पुलिस ने 18 मई 2026 को एक संगठित लुटेरे गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल कर राहगीरों को लिफ्ट देने के बहाने अपनी कार में बैठाता था और फिर मारपीट कर मोबाइल, नगदी व अन्य कीमती सामान लूट लेता था। सेक्टर ईटा-01 के पास से की गई इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, दो कारें, दो तमंचे, कारतूस, तीन चाकू और नगदी बरामद की है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अंकित सिंह, दीपांशु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत शामिल हैं। इन सभी को सेक्टर ईटा-01 के पास से पकड़ा गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मोहित राजपूत सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

गिरोह का तरीकावार

पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में मुख्यतः रात के समय सक्रिय रहता था। आरोपी जानबूझकर अपनी गाड़ियों को लहराते हुए चलाते थे ताकि टैक्सी चालक उन्हें रोके — और जैसे ही चालक रुकता या विरोध करता, वे गाली-गलौज और मारपीट कर उसका मोबाइल, नगदी और ज़रूरी सामान लूट लेते थे। वारदात के बाद आरोपी टैक्सी चालक की गाड़ी की चाबी भी छीन लेते थे, ताकि पीड़ित उनका पीछा न कर सके।

ट्रिगर घटना: 16 मई की लूट

पुलिस के मुताबिक, 16 मई 2026 को सेक्टर ईटा-01 के पास एक टैक्सी चालक के साथ इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया गया था। आरोपियों ने चालक के साथ मारपीट कर उसका मोबाइल फोन, ₹5,000 नगद और कार की चाबी लूट ली। इस मामले में थाना सूरजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया, जिसके बाद पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस की मदद से आरोपियों को दबोचा।

किराये की गाड़ी — पहचान छुपाने की चाल

गौरतलब है कि आरोपी वारदात के लिए अधिकतर किराये की गाड़ियों का उपयोग करते थे और घटना के बाद वाहन मालिकों को गाड़ियां वापस कर देते थे। इस तरकीब से पुलिस को उन तक पहुंचने में कठिनाई होती थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से वेन्यू और थार कार बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल लूट की घटनाओं में किया गया था।

आगे की जांच

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और इनके द्वारा की गई पूर्व वारदातों की जांच कर रही है। बरामद 20 मोबाइल फोन के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान करने का प्रयास भी जारी है। यह मामला एनसीआर में रात्रिकालीन लूट की बढ़ती घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है, जो संगठित अपराध के नए तौर-तरीकों को उजागर करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रात का वक्त, चाबी छीनकर पीछा रोकना और वाहन मालिक को गाड़ी लौटाना, ये सब एक सोची-समझी रणनीति के हिस्से थे। यह बताता है कि एनसीआर में संगठित अपराध अब पुलिस की पारंपरिक ट्रैकिंग पद्धतियों को चकमा देने के लिए लॉजिस्टिक्स का इस्तेमाल कर रहा है। सवाल यह है कि 20 मोबाइल बरामद होने के बाद भी अब तक कितने पीड़ित सामने नहीं आए — और क्या रात्रिकालीन गश्त की मौजूदा व्यवस्था इस तरह के मोबाइल गिरोहों को रोकने के लिए पर्याप्त है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग्रेटर नोएडा में गिरफ्तार लूट गिरोह कैसे काम करता था?
यह गिरोह किराये की गाड़ियों में राहगीरों को लिफ्ट देने का बहाना बनाकर कार में बैठाता था और फिर मारपीट कर मोबाइल, नगदी व अन्य सामान लूट लेता था। टैक्सी चालकों को निशाना बनाने के लिए गाड़ी जानबूझकर लहराते हुए चलाते थे और विरोध करने पर मारपीट कर चाबी भी छीन लेते थे।
ग्रेटर नोएडा लूट गिरोह में कितने और कौन-से आरोपी गिरफ्तार हुए?
थाना सूरजपुर पुलिस ने पांच आरोपियों — अंकित सिंह, दीपांशु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत — को 18 मई 2026 को सेक्टर ईटा-01 के पास से गिरफ्तार किया। इनमें से कई के खिलाफ पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 मोबाइल फोन, दो कारें (वेन्यू और थार), दो तमंचे, कारतूस, तीन चाकू और नगदी बरामद की है। बरामद मोबाइल फोन के आधार पर अन्य पीड़ितों की पहचान की कोशिश जारी है।
इस गिरोह की जांच की शुरुआत किस घटना से हुई?
16 मई 2026 को सेक्टर ईटा-01 के पास एक टैक्सी चालक से मारपीट कर ₹5,000 नगद, मोबाइल और कार की चाबी लूटी गई थी। इस मामले में थाना सूरजपुर में मुकदमा दर्ज होने के बाद लोकल इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस ने आरोपियों को दबोचा।
आरोपी पकड़ में न आने के लिए क्या तरकीब अपनाते थे?
आरोपी वारदात के लिए ज्यादातर किराये की गाड़ियों का इस्तेमाल करते थे और घटना के बाद वाहन मालिकों को गाड़ियां वापस कर देते थे, जिससे पुलिस के लिए उन तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। साथ ही पीड़ित टैक्सी चालक की चाबी छीनकर उसे तत्काल पीछा करने से रोकते थे।
राष्ट्र प्रेस
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