26 जुलाई 2026
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क्या कंपनी के पैसे का गबन कर फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश हुआ?

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क्या कंपनी के पैसे का गबन कर फर्जी लूटकांड का पर्दाफाश हुआ?

सारांश

नोएडा में एक सुनियोजित साजिश के तहत कंपनी के पैसे का गबन कर लूट का नाटक करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह घटना 12 दिसंबर को हुई थी, जब गिरोह ने नकदी लूटने के लिए चालाकी से योजना बनाई। पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है।

मुख्य बातें

पुलिस ने एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया।
5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
लूट के नाटक का शिकार कंपनी का कैशियर हुआ।
पुलिस ने 2 लाख रुपए, मोबाइल और पिस्टल बरामद की।
जांच जारी है और कानूनी कार्रवाई हो रही है।

नोएडा, 16 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने एक सुनियोजित साजिश के तहत कंपनी के पैसे का गबन कर उसे लूट का रूप देने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 2 लाख रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और एक लाइटर पिस्टल बरामद की हैं। इस सफल कार्रवाई के लिए डीसीपी सेंट्रल नोएडा द्वारा पुलिस टीम को उत्साहवर्धक 25,000 रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।

पुलिस के अनुसार, अभियुक्त ओमपाल पुत्र बलबीर, एस्टेरॉयड शेल्टर्स होम्स नामक कंपनी में चालक के रूप में कार्यरत था। 12 दिसंबर2 लाख रुपए नकद लेकर नोएडा लौट रहा था। जब दोनों सेक्टर-62 अंडरपास पहुंचे, तभी पहले से बनाई गई साजिश के तहत ओमपाल के साथियों ने एक किराए की बैलेनो कार से उनकी गाड़ी को रुकवाया और लाइटर पिस्टल दिखाकर नकदी, मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी लूटने का नाटक किया।

इस दौरान ओमपाल ने इतनी सफाई से घटना को अंजाम दिया कि कैशियर को उस पर कोई शक न हो और उसे भी यह विश्वास हो गया कि वास्तव में लूट हुई है। घटना के बाद कैशियर की शिकायत पर थाना सेक्टर-63 में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

हालांकि, जांच के दौरान पुलिस को कई संदिग्ध तथ्य मिले। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में गठित टीमों ने गोपनीय सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को बहलोलपुर अंडरपास के पास ग्रीन बेल्ट से 5 अभियुक्तों—ओमपाल, वीर प्रताप, सोनू गुर्जर, अभिलाष राय और अंकित सतनामी—को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि वीर प्रताप पहले इसी कंपनी में चालक रह चुका था और उसी ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस साजिश की योजना बनाई थी। 3 दिसंबर की रात गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा में सभी अभियुक्तों ने मिलकर इस फर्जी लूट की पूरी रूपरेखा तैयार की थी।

पुलिस ने लूट की घटना न होने के साक्ष्य मिलने पर मुकदमे में धाराएं बढ़ाते हुए कंपनी का पैसा गबन करने का मामला दर्ज कर जांच जारी रखी है। पुलिस का कहना है कि सभी अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रचलित है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस लूटकांड में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
इस लूटकांड में कुल 5 आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 लाख रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और एक लाइटर पिस्टल बरामद की है।
इस घटना के पीछे मुख्य आरोपित कौन था?
मुख्य आरोपित ओमपाल था, जो कंपनी में चालक के रूप में कार्यरत था।
क्या पुलिस ने इस मामले में कोई पुरस्कार दिया?
जी हां, डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने पुलिस टीम को 25,000 रुपए के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया।
क्या पुलिस मामले की जांच कर रही है?
हाँ, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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