17 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नोएडा में 'ग्राइंडर' डेटिंग ऐप के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नोएडा में 'ग्राइंडर' डेटिंग ऐप के जरिए धोखाधड़ी करने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ?

सारांश

नोएडा पुलिस ने ग्राइंडर ऐप के जरिए लूटपाट करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया। चार आरोपी गिरफ्तार, उनके पास से अवैध हथियार और नकदी बरामद हुई। जानिए इस गैंग की पूरी कहानी और उनकी गतिविधियों के बारे में।

मुख्य बातें

ग्राइंडर ऐप के जरिए धोखाधड़ी का मामला नोएडा पुलिस की सक्रियता गैंग की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी सुरक्षा साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता समाज में सुरक्षा को प्राथमिकता देना

नोएडा, 15 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो लोगों को ग्राइंडर ऐप के जरिए फंसा कर उनसे लूटपाट करता था। सेक्टर-24 पुलिस ने समलैंगिक डेटिंग ऐप 'ग्राइंडर' के माध्यम से लोगों को फंसाकर लूटपाट करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से अवैध तमंचा, चाकू, फर्जी नंबर प्लेट लगी दो मोटरसाइकिल, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस ने 15 जुलाई को सेक्टर-11 मदर डेयरी चौराहे पर चेकिंग के दौरान इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर सेक्टर-56 की ओर आ रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अरबाज, विशाल कुमार, उस्मान और हिमांशु के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ग्राइंडर ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लड़कों से दोस्ती करते थे और फिर उन्हें सुनसान जगह मिलने के लिए बुलाते थे।

मौके पर पहुंचने पर उनके साथी युवकों को बातों में उलझाकर मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान लूट लेते थे। इसके बाद ये सामान राहगीरों को सस्ते दामों में बेच देते थे और उससे मिली रकम से नशा और ऐशोआराम करते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। गैंग का मास्टरमाइंड विशाल बताया जा रहा है, जो 11वीं तक पढ़ा हुआ है जबकि बाकी तीन आरोपी अनपढ़ हैं।

पकड़ी गई दोनों मोटरसाइकिलों पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं और इंजन व चेसिस नंबर भी मिटाए गए थे ताकि पहचान न हो सके। इस गैंग ने कई वारदातों को अंजाम दिया था, जिसके बाद से पुलिस उनकी तलाश में जुट गई थी। जिनमें 9 जुलाई को सेक्टर-34, नोएडा में इन्होंने एक युवक से 25,000 रुपये और दो मोबाइल छीन लिए थे।

10 जुलाई को सेक्टर-15 गोल चक्कर के पास इस गैंग ने एक व्यक्ति से 'ओप्पो' कंपनी का मोबाइल छीन लिया था। उसके अलावा 11 जुलाई को इस गैंग ने सेक्टर-11, एम ब्लॉक में एक युवक से वीवो मोबाइल और 5,000 रुपये की धोखाधड़ी की थी। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों पर पहले से भी कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, धोखाधड़ी, मारपीट और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह घटना हमारे समाज में बढ़ते साइबर अपराधों का संकेत देती है। पुलिस की सक्रियता और तत्परता सराहनीय है। ऐसे गैंगों का पर्दाफाश कर समाज को सुरक्षित बनाने के लिए सभी को सतर्क रहना होगा।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैंग ने कितनी वारदातों को अंजाम दिया?
गैंग ने नोएडा और दिल्ली-एनसीआर में कई वारदातों को अंजाम दिया, जिनमें लूटपाट और धोखाधड़ी शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान क्या है?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरबाज, विशाल कुमार, उस्मान और हिमांशु के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के पास क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास अवैध तमंचा, चाकू, फर्जी नंबर प्लेट लगी दो मोटरसाइकिल, नकदी और मोबाइल फोन बरामद किए।
गैंग का मास्टरमाइंड कौन है?
गैंग का मास्टरमाइंड विशाल है, जो 11वीं तक पढ़ा हुआ है।
क्या पुलिस ने पहले भी इनपर मामले दर्ज किए हैं?
हां, आरोपियों पर पहले से कई गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं, जिनमें लूट, धोखाधड़ी, मारपीट और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले