एनटीपीसी ग्रुप की 90 गीगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि, 2032 तक 149 गीगावाट का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

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एनटीपीसी ग्रुप की 90 गीगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि, 2032 तक 149 गीगावाट का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

सारांश

एनटीपीसी समूह ने 90 गीगावाट क्षमता का पड़ाव पार किया — झारखंड के पतरातू की 800 MW यूनिट-2 के ट्रायल ऑपरेशन के साथ। 32 GW निर्माणाधीन और 2032 तक 149 GW का लक्ष्य, जिसमें 60 GW नवीकरणीय ऊर्जा से — यह भारत की ऊर्जा महत्वाकांक्षा का सबसे बड़ा सरकारी दांव है।

मुख्य बातें

एनटीपीसी ग्रुप ने 18 मई 2026 को 90 गीगावाट स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार किया।
यह उपलब्धि झारखंड के पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की यूनिट-2 ( 800 मेगावाट ) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के बाद हासिल हुई।
कंपनी के पास करीब 32 गीगावाट क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं; 2032 तक 149 गीगावाट का लक्ष्य, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से।
वित्त वर्ष 2025-26 में 5,488 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता — सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के ज़रिए — जोड़ी गई।
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 8% बढ़कर ₹5,489 करोड़ पहुँचा।

एनटीपीसी लिमिटेड समूह ने 18 मई 2026 को 90 गीगावाट स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया — यह उपलब्धि झारखंड स्थित पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के बाद हासिल हुई। कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसे भारत के ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव बताया गया है।

पतरातू परियोजना और नई क्षमता का विवरण

पीवीयूएनएल एक 3×800 मेगावाट क्षमता वाली सहायक परियोजना है, जिसकी स्थापना 15 अक्टूबर 2015 को की गई थी। यह एनटीपीसी लिमिटेड और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एनटीपीसी की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और झारखंड बिजली वितरण निगम की 26 प्रतिशत है। यूनिट-2 के ट्रायल ऑपरेशन की सफलता के साथ ही समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार पहुँच गई।

निर्माणाधीन परियोजनाएँ और 2032 का लक्ष्य

वर्तमान में एनटीपीसी समूह के पास करीब 32 गीगावाट क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। कंपनी ने वर्ष 2032 तक कुल 149 गीगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने की योजना शामिल है। गौरतलब है कि यह लक्ष्य भारत सरकार की 'विकसित भारत' परिकल्पना और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा एजेंडे से सीधे तौर पर जुड़ा है।

नवीकरणीय ऊर्जा में तेज़ विस्तार

एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के ज़रिए 5,488 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ी है। कंपनी के विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो में तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है।

नए क्षेत्रों में विस्तार

बिजली उत्पादन के अतिरिक्त एनटीपीसी ने ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, वेस्ट-टू-एनर्जी, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। यह कदम कंपनी को एक पारंपरिक बिजली उत्पादक से एकीकृत ऊर्जा समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है।

वित्तीय प्रदर्शन

एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, जिसमें मुनाफा बढ़कर ₹5,489 करोड़ हो गया — पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह ₹5,063 करोड़ था। इसके अलावा कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर ₹2.75 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की थी। आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार की यह रफ्तार कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को और मज़बूत कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी 2032 तक 149 GW के लक्ष्य की राह में है — जहाँ 60 GW नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी को व्यावहारिक धरातल पर उतारना होगा। भारत की कुल स्थापित क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी तेज़ी से बढ़ रही है, लेकिन ग्रिड स्थिरता और भंडारण अवसंरचना की चुनौतियाँ अभी भी बनी हैं। एनटीपीसी का ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में विस्तार दीर्घकालिक सोच दर्शाता है, परंतु इन परियोजनाओं की समयसीमा और लागत-दक्षता पर पारदर्शी रिपोर्टिंग ज़रूरी होगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनटीपीसी ग्रुप ने 90 गीगावाट क्षमता कैसे हासिल की?
एनटीपीसी ग्रुप ने यह उपलब्धि झारखंड स्थित पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के बाद हासिल की। पीवीयूएनएल एनटीपीसी (74%) और झारखंड बिजली वितरण निगम (26%) का संयुक्त उपक्रम है।
एनटीपीसी का 2032 तक बिजली उत्पादन लक्ष्य क्या है?
एनटीपीसी ने 2032 तक कुल 149 गीगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने की योजना शामिल है। अभी करीब 32 गीगावाट की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं।
पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड क्या है?
पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की स्थापना 15 अक्टूबर 2015 को हुई थी। यह एनटीपीसी लिमिटेड और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एनटीपीसी की 74% और झारखंड बिजली वितरण निगम की 26% हिस्सेदारी है।
एनटीपीसी ने नवीकरणीय ऊर्जा में कितनी क्षमता जोड़ी है?
एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के ज़रिए 5,488 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ी है। कंपनी 2032 तक कुल 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करने की दिशा में काम कर रही है।
एनटीपीसी के ताज़ा वित्तीय नतीजे कैसे रहे?
एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 8% से अधिक की वृद्धि दर्ज की और मुनाफा ₹5,489 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में ₹5,063 करोड़ था। कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर ₹2.75 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया था।
राष्ट्र प्रेस
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