एनटीपीसी ग्रुप की 90 गीगावाट क्षमता की ऐतिहासिक उपलब्धि, 2032 तक 149 गीगावाट का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
एनटीपीसी लिमिटेड समूह ने 18 मई 2026 को 90 गीगावाट स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया — यह उपलब्धि झारखंड स्थित पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) की यूनिट-2 (800 मेगावाट) के सफल ट्रायल ऑपरेशन के बाद हासिल हुई। कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में इसे भारत के ऊर्जा-सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक निर्णायक पड़ाव बताया गया है।
पतरातू परियोजना और नई क्षमता का विवरण
पीवीयूएनएल एक 3×800 मेगावाट क्षमता वाली सहायक परियोजना है, जिसकी स्थापना 15 अक्टूबर 2015 को की गई थी। यह एनटीपीसी लिमिटेड और झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड का संयुक्त उपक्रम है, जिसमें एनटीपीसी की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत और झारखंड बिजली वितरण निगम की 26 प्रतिशत है। यूनिट-2 के ट्रायल ऑपरेशन की सफलता के साथ ही समूह की कुल स्थापित क्षमता 90 गीगावाट के पार पहुँच गई।
निर्माणाधीन परियोजनाएँ और 2032 का लक्ष्य
वर्तमान में एनटीपीसी समूह के पास करीब 32 गीगावाट क्षमता की परियोजनाएँ निर्माणाधीन हैं। कंपनी ने वर्ष 2032 तक कुल 149 गीगावाट स्थापित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने की योजना शामिल है। गौरतलब है कि यह लक्ष्य भारत सरकार की 'विकसित भारत' परिकल्पना और राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा एजेंडे से सीधे तौर पर जुड़ा है।
नवीकरणीय ऊर्जा में तेज़ विस्तार
एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं के ज़रिए 5,488 मेगावाट नवीकरणीय क्षमता जोड़ी है। कंपनी के विविध ऊर्जा पोर्टफोलियो में तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाएँ शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी कुल बिजली उत्पादन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है।
नए क्षेत्रों में विस्तार
बिजली उत्पादन के अतिरिक्त एनटीपीसी ने ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, वेस्ट-टू-एनर्जी, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में भी विस्तार किया है। यह कदम कंपनी को एक पारंपरिक बिजली उत्पादक से एकीकृत ऊर्जा समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करने की रणनीति का हिस्सा है।
वित्तीय प्रदर्शन
एनटीपीसी ने वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की, जिसमें मुनाफा बढ़कर ₹5,489 करोड़ हो गया — पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह ₹5,063 करोड़ था। इसके अलावा कंपनी ने ₹10 फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर ₹2.75 का दूसरा अंतरिम डिविडेंड देने की भी घोषणा की थी। आने वाले वर्षों में क्षमता विस्तार की यह रफ्तार कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन को और मज़बूत कर सकती है।