क्या एनटीपीसी ने अपनी बिजली उत्पादन क्षमता 88 गीगावाट के पार पहुँचाई?
सारांश
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नई दिल्ली, 19 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। सरकारी बिजली कंपनी एनटीपीसी ने गुजरात और राजस्थान में अपने सौर प्रोजेक्ट्स के माध्यम से 359.58 मेगावाट नई बिजली क्षमता जोड़ी है। इससे समूह की कुल कमर्शियल बिजली क्षमता 85.5 गीगावाट (85,541 मेगावाट) से अधिक हो गई है।
एनटीपीसी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इस अतिरिक्त बिजली उत्पादन में एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड की गुजरात स्थित 1,255 मेगावाट की खावड़ा-1 सोलर पीवी प्रोजेक्ट से 243.66 मेगावाट, राजस्थान के नोख सोलर पीवी प्रोजेक्ट से 78 मेगावाट, और गुजरात के एक अन्य सोलर प्रोजेक्ट से 37.92 मेगावाट बिजली शामिल है। सभी परियोजनाएं एनटीपीसी की सहयोगी कंपनियों द्वारा संचालित हैं।
अब, एनटीपीसी समूह की कुल स्थापित कमर्शियल क्षमता 85,541 मेगावाट (85.541 गीगावाट) तक पहुंच गई है।
एनटीपीसी देश की कुल बिजली मांग का लगभग एक-चौथाई हिस्सा पूरा करता है। कंपनी के पास वर्तमान में 85 गीगावाट से अधिक की क्षमता है और लगभग 30.9 गीगावाट नई क्षमता पर काम कर रहा है, जिसमें 13.3 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता भी शामिल है।
एनटीपीसी ने 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जिससे भारत के नेट जीरो (कम प्रदूषण) के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी। कंपनी कोयला, पानी, सौर और पवन ऊर्जा से बिजली बनाकर देश को सस्ती और भरोसेमंद बिजली देने पर कार्यरत है।
बिजली उत्पादन के साथ-साथ एनटीपीसी अब ई-मोबिलिटी, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो स्टोरेज, कचरे से ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे नए क्षेत्रों में भी काम कर रही है।
एनटीपीसी ने अपनी 18वीं लेंडर्स मीट का आयोजन किया, जिसमें देश-विदेश के बड़े बैंक और वित्तीय संस्थानों ने भाग लिया। इस बैठक में कंपनी की प्रगति, भविष्य की योजनाओं और निवेश की जरूरतों पर चर्चा की गई।
एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कंपनी के भविष्य और ऊर्जा परिवर्तन पर अपने विचार साझा किए। कंपनी के बयान के अनुसार, वित्त निदेशक जयकुमार श्रीनिवासन ने एक प्रस्तुति दी जिसमें एनटीपीसी के एकीकृत ऊर्जा समूह में परिवर्तन को उजागर किया गया।