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क्या भारत ने 2025 में अब तक 30 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है? : प्रल्हाद जोशी

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क्या भारत ने 2025 में अब तक 30 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है? : प्रल्हाद जोशी

सारांश

भारत ने 2025 में अब तक 30 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है, और यह आंकड़ा इस वर्ष के अंत तक 43 गीगावाट तक पहुँचने की उम्मीद है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी की इस जानकारी ने ऊर्जा क्षेत्र में उत्साह बढ़ाया है।

मुख्य बातें

भारत ने 30 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी।
आने वाले समय में 43 गीगावाट तक पहुँचने की संभावना।
2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य।
22 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा स्थापित।
186.3 गीगावाट की परियोजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।

नई दिल्ली, 4 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने 2025 में अब तक 30 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है और इस वर्ष के अंत तक यह 43 गीगावाट तक बढ़ने की संभावना है। यह जानकारी केंद्रीय न्यू एवं रिन्यूएबल एनर्जी मंत्री प्रल्हाद जोशी द्वारा साझा की गई।

एक कार्यक्रम में बोलते हुए जोशी ने कहा कि देश में जनवरी से जून के बीच लगभग 22 गीगावाट सौर और पवन ऊर्जा स्थापित की गई है, और अब यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 30 गीगावाट हो चुका है।

उन्होंने कहा, "हम इस कैलेंडर वर्ष के अंत तक 39 गीगावाट से 43 गीगावाट की नई क्षमता हासिल करने के प्रति आशावादी हैं।"

सरकार को उम्मीद है कि इस विकास दर के साथ वह 2030 तक 500 गीगावाट स्थापित रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य को प्राप्त कर लेगी। वर्तमान में भारत में 226 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि 67.08 गीगावाट की परियोजनाओं के लिए टेंडर्स आमंत्रित किए जा चुके हैं और कुल 186.3 गीगावाट की परियोजनाएं वर्तमान में क्रियान्वित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा, "पहले से चालू क्षमता को मिलाकर, यह क्षमता लगभग 499 गीगावाट हो जाती है।"

सरकार बिजली बिक्री समझौतों (पीएसए) पर हस्ताक्षर करने में हो रही देरी को दूर करने के लिए प्रयासरत है और इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मौसम पूर्वानुमान प्रणालियों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

जोशी ने आगे कहा कि ऊर्जा मंत्रालय ने 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता के एकीकरण को सुगम बनाने के लिए एक बड़ी ट्रांसमिशन योजना बनाई है, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी वाले राज्यों पर विशेष जोर दिया गया है।

एचएसबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बिजली क्षेत्र में जुलाई में मजबूत नीतिगत प्रोत्साहनों के कारण क्षमता में वृद्धि हुई, जिससे 2 गीगावाट पारंपरिक और 3.2 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में वृद्धि हुई।

रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में 11.7 गीगावाट ताप विद्युत, 3.8 गीगावाट जल विद्युत और 36 गीगावाट सौर ऊर्जा को सर्विस में लगाया जाएगा। कुल बिजली की मांग अगस्त में सालाना आधार पर 4.4 प्रतिशत और जुलाई से 2 प्रतिशत बढ़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत का रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है। यह न केवल हमारे पर्यावरण के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए, हमें इस दिशा में और तेजी से काम करने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने 2025 में कितनी रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है?
भारत ने 2025 में अब तक 30 गीगावाट की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी है।
सरकार का लंबी अवधि का लक्ष्य क्या है?
सरकार का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करना है।
क्या प्रल्हाद जोशी ने कोई नई जानकारी साझा की है?
हां, उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंत तक रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 43 गीगावाट तक बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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