क्या भारत ने चालू वित्त वर्ष में अपनी सबसे अधिक गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि 31.25 गीगावाट दर्ज की?

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क्या भारत ने चालू वित्त वर्ष में अपनी सबसे अधिक गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि 31.25 गीगावाट दर्ज की?

सारांश

भारत ने चालू वित्त वर्ष में 31.25 गीगावाट की रिकॉर्ड गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि की है। यह सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, जो देश की क्लीन एनर्जी पहल को और मजबूत करता है। जानिए इस उपलब्धि के पीछे की कहानी और इसके प्रभाव।

मुख्य बातें

भारत ने 31.25 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता जोड़ी है।
सौर ऊर्जा में वृद्धि 24.28 गीगावाट है।
ओडिशा में 1.5 लाख रूफटॉप सोलर परियोजनाएं शुरू की गई हैं।
क्लीन एनर्जी अब ओडिशा की कुल शक्ति का 34% है।
PM सूर्य गृह योजना के तहत 1.6 लाख परिवारों ने आवेदन किया है।

नई दिल्ली, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने एक कार्यक्रम में जानकारी दी कि देश ने चालू वित्त वर्ष में अब तक की सबसे अधिक गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि 31.25 गीगावाट दर्ज की है, जिसमें 24.28 गीगावाट का सौर ऊर्जा योगदान शामिल है।

मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार, 2022 में 1 टेरावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता तक पहुँचने में लगभग 70 वर्षों का समय लगा, जबकि 2024 तक 2 टेरावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल कर ली गई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सिर्फ 2 वर्षों में 1 अतिरिक्त टेरावाट क्षमता जोड़ने में सफलता मिली है। भारत इस वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि का एक प्रमुख हिस्सा है।

पिछले 11 वर्षों में, भारत की सौर ऊर्जा क्षमता 2.8 गीगावाट से बढ़कर लगभग 130 गीगावाट हो गई है, जो 4500 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। 2022 और 2024 के बीच, भारत ने वैश्विक सौर ऊर्जा वृद्धि में 46 गीगावाट का योगदान दिया, जिससे वह तीसरे सबसे बड़े योगदानकर्ता बन गया है।

हाल ही में ओडिशा के पुरी में ग्लोबल एनर्जी लीडर्स समिट 2025 में, केंद्रीय मंत्री ने ओडिशा के लिए पीएम सूर्य घर योजना के तहत 1.5 लाख रूफटॉप सोलर यूटिलिटी-लेड एग्रीगेशन मॉडल की घोषणा की, जिसका उद्देश्य राज्यभर में 7–8 लाख लोगों को लाभान्वित करना है।

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि ओडिशा क्लीन एनर्जी को अपनाने में अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। 3.1 गीगावाट से अधिक स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के साथ, क्लीन एनर्जी अब राज्य की कुल स्थापित पावर क्षमता का 34 प्रतिशत से अधिक है।

इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री सूर्य गृह योजना के तहत 1.6 लाख परिवारों ने रूफटॉप सोलर के लिए आवेदन किया है, जिसमें 23,000 से अधिक स्थापनाएं पूरी हो चुकी हैं और 19,200 से अधिक परिवारों को सीधे उनके बैंक खातों में 147 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी मिल चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक स्तर पर भी एक सकारात्मक संदेश भेजता है। क्लीन एनर्जी की दिशा में उठाए गए कदम हमारे ऊर्जा संकट को हल करने में सहायक हो सकते हैं। यह समय है कि हम इस दिशा में और अधिक प्रयास करें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने चालू वित्त वर्ष में कितनी गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि की?
भारत ने चालू वित्त वर्ष में 31.25 गीगावाट की गैर-जीवाश्म क्षमता वृद्धि की है।
सौर ऊर्जा में भारत का योगदान कितना है?
भारत ने सौर ऊर्जा में 24.28 गीगावाट का योगदान दिया है।
ओडिशा में पीएम सूर्य घर योजना का क्या उद्देश्य है?
इस योजना का उद्देश्य ओडिशा में 7-8 लाख लोगों को रूफटॉप सोलर ऊर्जा से लाभान्वित करना है।
राष्ट्र प्रेस