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क्या कैबिनेट ने एनटीपीसी द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी?

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क्या कैबिनेट ने एनटीपीसी द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपए के निवेश को मंजूरी दी?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट ने एनटीपीसी को 20,000 करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी दी है। यह निर्णय देश में रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण होगा।

मुख्य बातें

एनटीपीसी को 20,000 करोड़ रुपए का निवेश मिला है।
रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता 60 गीगावाट तक पहुंचेगी।
स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट क्षमता हासिल करना है।
यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करेगा।

नई दिल्ली, 16 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने बुधवार को एनटीपीसी लिमिटेड को एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड और उसकी अन्य सहायक कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपए तक के निवेश को मंजूरी दी है। यह निवेश रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता स्थापित करने के लिए विद्युत आवंटन में वृद्धि के तहत किया जाएगा।

कैबिनेट ने महारत्न सीपीएसई को विद्युत आवंटन के मौजूदा दिशानिर्देशों से एनटीपीसी लिमिटेड को विद्युत आवंटन में वृद्धि की अनुमति दी है ताकि वह अपनी सहायक कंपनी एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एनजीईएल) में निवेश कर सके। इसके पश्चात, एनजीईएल एनटीपीसी रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड (एनआरईएल) और उसकी अन्य सहायक कंपनियों में निवेश कर सकेगा।

यह राशि 2032 तक 60 गीगावाट क्षमता हासिल करने के लिए पूर्व में स्वीकृत 7,500 करोड़ रुपए की निर्धारित सीमा से बढ़कर 20,000 करोड़ रुपए तक हो सकती है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, एनटीपीसी और एनजीईएल को दिया गया यह विस्तारित आवंटन देश में रिन्यूएबल प्रोजेक्ट के त्वरित विकास में सहायक होगा।

कैबिनेट नोट के अनुसार, "यह कदम पावर स्ट्रक्चर को मजबूत करने और पूरे देश में चौबीसों घंटे विश्वसनीय बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"

रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स निर्माण चरण के साथ-साथ संचालन और रखरखाव (ओ एंड एम) चरण के दौरान स्थानीय लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेंगे।

इससे स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं, उद्यमों/एमएसएमई को बढ़ावा मिलेगा और देश में उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही, यह रोजगार और सामाजिक-आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।

भारत ने अपनी स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से प्राप्त कर अपनी ऊर्जा परिवर्तन यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

देश का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता तक पहुंचना है।

एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम और देश की अग्रणी विद्युत उपयोगिता कंपनी के रूप में, एनटीपीसी का लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ना है, जिससे देश को इस लक्ष्य को प्राप्त करने और 2070 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन के लक्ष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।

एनजीईएल, जैविक और अजैविक विकास के माध्यम से रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता वृद्धि के लिए एनटीपीसी ग्रुप की अग्रणी सूचीबद्ध सहायक कंपनी है।

-राष्ट्र प्रेस

एसकेटी/

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में भी सहायक होगा। सरकारी नीतियों का प्रभावी कार्यान्वयन तथा रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश, भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनटीपीसी का रिन्यूएबल एनर्जी में निवेश क्या है?
एनटीपीसी ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का निर्णय लिया है।
यह निवेश भारत की ऊर्जा नीति को कैसे प्रभावित करेगा?
यह निवेश भारत की ऊर्जा नीति में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगा और देश में रिन्यूएबल ऊर्जा की उपलब्धता को बढ़ाएगा।
क्या इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?
हाँ, यह निवेश स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा और सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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