आईआईटी: क्या हेल्थटेक स्टार्टअप्स को 1 करोड़ रुपए का सीड फंड मिलेगा?
सारांश
Key Takeaways
- एटमैन 3.0 कार्यक्रम का उद्देश्य हेल्थटेक स्टार्टअप्स को निवेश के लिए तैयार करना है।
- चुने गए विजेता स्टार्टअप्स को 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक की सीड फंडिंग मिलेगी।
- यह पहल नेशनल मिशन और विज्ञान व प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से चल रही है।
- डेमो डे पर स्टार्टअप्स अपने नवाचारों का प्रदर्शन करेंगे।
- यह कार्यक्रम भारत को वैश्विक हेल्थटेक हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।
नई दिल्ली, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। आईआईटी बॉम्बे द्वारा संचालित एटमैन 3.0 नामक एक आठ सप्ताह का एक्सेलेरेटर कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रारंभिक चरण के हेल्थटेक स्टार्टअप्स को निवेश के लिए तैयार करना है। आईआईटी बॉम्बे के अनुसार, यहाँ चुने गए हर विजेता स्टार्टअप को 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक की सीड फंडिंग का समर्थन मिलेगा। यह कार्यक्रम आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब द्वारा आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का समापन 9 जनवरी 2026 को नवोटेल, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा में होने वाले डेमो डे के साथ होगा। इस दिन विभिन्न स्टार्टअप्स अपने नवाचारों को निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के सामने प्रस्तुत करेंगे। इस बैच में देशभर से 173 स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जिसमें से चयन प्रक्रिया के बाद 13 स्टार्टअप्स को चुना गया है। अब हर विजेता स्टार्टअप को मूल्यांकन के आधार पर 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक की सीड फंडिंगनेशनल मिशन ऑन इंटरडिसिप्लिनरी साइबर-फिजिकल सिस्टम्स और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से संचालित की जा रही है।
सेक्शन-8 के तहत स्थापित आईआईटी की नॉट-फॉर-प्रॉफिट संस्था हेल्थकेयर, कृषि, इंडस्ट्री 5.0, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में शोध को व्यावहारिक समाधान में बदलने का कार्य कर रही है। एटमैन 3.0 के अंतर्गत चयनित 13 स्टार्टअप्स मेडिकल डिवाइसेज, डिजिटल हेल्थ, रिहैबिलिटेशन, इमरजेंसी केयर और क्लिनिकल मॉनिटरिंग जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों पर कार्य कर रहे हैं। इनमें अल्ट्रासाउंड-आधारित सर्जिकल प्रिसिजन से लेकर स्ट्रोक रिहैबिलिटेशन, डिजिटल थैरेप्यूटिक्स, स्मार्ट वियरेबल डिवाइसेज़ और आपातकालीन स्वास्थ्य समाधान शामिल हैं।
आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के सीईओ श्किरण शेष का कहना है कि एटमैन 3.0 का उद्देश्य शोध को वास्तविक जीवन के परिणाम में बदलना है। उन्होंने कहा कि हम स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, रेगुलेटरी गाइडेंस, और निवेशकों तक पहुंच देकर उन्हें सक्षम बना रहे हैं।
सीओओ हार्दिक जोशी ने कहा कि एटमैन 3.0 केवल एक एक्सेलेरेटर नहीं, बल्कि हेल्थटेक उद्यमियों के लिए एक लॉन्चपैड है। हमारा लक्ष्य तकनीक और मरीज-केंद्रित समाधानों के माध्यम से एक स्वस्थ भारत का निर्माण करना है। इस आठ सप्ताह के कार्यक्रम में मार्केट डिस्कवरी, उत्पाद विकास, बिजनेस रणनीति, वित्तीय योजना, रेगुलेटरी तैयारी और निवेशक सहभागिता जैसे मॉड्यूल शामिल हैं। डेमो डे के दौरान निवेश ट्रेंड्स, रेगुलेशन और उभरती हेल्थकेयर तकनीकों पर चर्चाएं भी होंगी।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में एटमैन 3.0 आईआईटी बॉम्बे के टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। इसके तहत शोध और उद्यमिता के बीच एक मजबूत सेतु बनाकर भारत को वैश्विक हेल्थटेक हब के रूप में स्थापित किया जा रहा है।