10 जुलाई 2026
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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत 2 दिन बढ़ी, मनीषा वाघमारे 14 दिन न्यायिक हिरासत में

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नीट यूजी 2026 पेपर लीक: पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत 2 दिन बढ़ी, मनीषा वाघमारे 14 दिन न्यायिक हिरासत में

सारांश

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत 2 दिन और बढ़ाई, जबकि मनीषा वाघमारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। 3 मई को परीक्षा रद्द होने के बाद सीबीआई अब पूरे सिंडिकेट की तह तक पहुँचने में जुटी है।

मुख्य बातें

राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 25 मई 2026 को आरोपी पीवी कुलकर्णी की सीबीआई हिरासत 2 दिन के लिए और बढ़ाई।
सह-आरोपी मनीषा वाघमारे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
दोनों आरोपियों की 9 दिन की प्रारंभिक सीबीआई हिरासत पूरी होने के बाद सोमवार को अदालत में पेश किया गया।
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द की गई; अब नए सिरे से आयोजन होगा।
सीबीआई पुणे सहित कई स्थानों पर जब्त डिजिटल व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर पेपर लीक के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 25 मई 2026 को अहम आदेश सुनाते हुए आरोपी पीवी कुलकर्णी की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) हिरासत दो दिनों के लिए और बढ़ा दी। सह-आरोपी मनीषा वाघमारे को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह आदेश उस समय आया जब दोनों आरोपियों की 9 दिन की प्रारंभिक सीबीआई हिरासत पूरी हो गई।

अदालत में क्या हुआ

सीबीआई ने सोमवार को दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। जांच एजेंसी ने मनीषा वाघमारे को न्यायिक हिरासत में भेजने और पीवी कुलकर्णी की सीबीआई कस्टडी आगे बढ़ाने की अलग-अलग माँगें रखीं। एजेंसी ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं और डिजिटल व दस्तावेजी सबूतों की कड़ियाँ जोड़ने के लिए कुलकर्णी से विस्तृत पूछताछ अभी भी ज़रूरी है।

बचाव पक्ष की दलीलें

पीवी कुलकर्णी के वकील ने सीबीआई की हिरासत-विस्तार की माँग का विरोध किया। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि जांच एजेंसी पुणे स्थित आवास पर तलाशी के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य पहले ही जब्त कर चुकी है। बचाव पक्ष के अनुसार, सीबीआई अदालत के समक्ष आगे की हिरासत की आवश्यकता के लिए संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं कर सकी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सीबीआई की माँग आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कुलकर्णी की हिरासत दो दिन के लिए बढ़ाई।

नीट यूजी 2026 पेपर लीक: पृष्ठभूमि

3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद पूरा मामला राष्ट्रीय विवाद का केंद्र बन गया। शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे, जिसके चलते परीक्षा रद्द कर दी गई। अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा विवादों के घेरे में आई हो — 2024 में भी इसी तरह के पेपर लीक के आरोपों ने पूरे देश में बड़ा हंगामा खड़ा किया था।

सीबीआई जांच का दायरा

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंपी है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के पीछे कौन-सा नेटवर्क या सिंडिकेट सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। कथित तौर पर जांच का दायरा एक से अधिक राज्यों तक फैला हुआ है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं क्योंकि सीबीआई डिजिटल साक्ष्यों की गहन जाँच कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की निगरानी-प्रणाली में वह खामी कहाँ है जो बार-बार इस्तेमाल हो रही है। बचाव पक्ष की यह दलील कि साक्ष्य पहले ही जब्त हो चुके हैं, अदालत ने नकारी नहीं — फिर भी हिरासत बढ़ाई, जो संकेत देता है कि सीबीआई के पास अभी और धागे हैं। लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में पारदर्शी जांच और त्वरित पुनर्परीक्षा दोनों समान रूप से ज़रूरी हैं।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में पीवी कुलकर्णी कौन हैं?
पीवी कुलकर्णी नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी हैं। उनके पुणे स्थित आवास पर तलाशी के दौरान डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जब्त किए गए हैं।
मनीषा वाघमारे को न्यायिक हिरासत में क्यों भेजा गया?
सीबीआई ने अदालत से मनीषा वाघमारे को न्यायिक हिरासत में भेजने की माँग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए 14 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। न्यायिक हिरासत का अर्थ है कि वे अब जेल में रहेंगी, न कि सीबीआई की निगरानी में।
नीट यूजी 2026 परीक्षा क्यों रद्द की गई?
3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद शुरुआती जांच में परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा रद्द कर दी गई और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा।
नीट 2026 लीक मामले में सीबीआई क्या जांच कर रही है?
सीबीआई यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक के पीछे कौन-सा नेटवर्क या सिंडिकेट काम कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं। एजेंसी डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों की कड़ियाँ जोड़कर पूरे षड्यंत्र का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।
नीट पेपर लीक 2026 और 2024 के मामले में क्या समानता है?
2024 में भी नीट परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण राष्ट्रव्यापी विवाद हुआ था और परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। 2026 में दोबारा इसी तरह के आरोप सामने आना परीक्षा प्रणाली में गहरी संरचनात्मक खामियों की ओर इशारा करता है।
राष्ट्र प्रेस
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