14 अगस्त 2026
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तिरंगा संप्रभुता और देशभक्ति का प्रतीक: CM माणिक साहा ने अगरतला में 'हर घर तिरंगा' रैली को किया संबोधित

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तिरंगा संप्रभुता और देशभक्ति का प्रतीक: CM माणिक साहा ने अगरतला में 'हर घर तिरंगा' रैली को किया संबोधित

सारांश

स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने अगरतला में तिरंगे को संप्रभुता और निस्वार्थ भाव का प्रतीक बताया। 'हर घर तिरंगा' के पाँचवें वर्ष में उन्होंने 1947 के विभाजन की पीड़ा को याद करते हुए युवाओं को उस इतिहास से जोड़ने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ.
माणिक साहा ने 14 अगस्त 2026 को अगरतला में 'हर घर तिरंगा' रैली को संबोधित किया।
तिरंगे को संप्रभुता, गौरव, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक बताया; नागरिकों से ध्वज की गरिमा बनाए रखने की अपील।
1947 के विभाजन में हिंदू, सिख और मुस्लिम — तीनों समुदायों के लाखों लोग प्रभावित हुए थे।
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' 2021 से प्रतिवर्ष 14 अगस्त को मनाया जा रहा है।
'हर घर तिरंगा' अभियान का यह पाँचवाँ वर्ष है; PM मोदी के आह्वान पर शुरू हुआ यह अभियान नागरिकों में राष्ट्रीय भावना को प्रगाढ़ करता है।

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने 14 अगस्त 2026 को अगरतला के महाराजा बीर बिक्रम कॉलेज में आयोजित 'हर घर तिरंगा' रैली और 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा देश की संप्रभुता, गौरव, राज-कौशल, चेतना, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को सदैव बनाए रखने का आग्रह किया।

विभाजन की पीड़ा को याद करने का आह्वान

मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि 1947 के विभाजन के दौरान अनगिनत लोगों की जानें गईं, महिलाओं को असहनीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और अनेक बच्चे अपने परिवारों से बिछड़ गए। उन्होंने कहा कि विभाजन की इन भयावह स्मृतियों को भुलाया नहीं जाना चाहिए, क्योंकि यह इतिहास हमें एकता और सतर्कता का पाठ पढ़ाता है।

साहा ने बताया कि 1947 के बाद हिंदू, सिख और मुस्लिम — तीनों समुदायों के लाखों लोगों ने सीमाएँ पार कीं और भारी कठिनाइयाँ झेलते हुए भारत आए। विभाजन ने अशांति, सांप्रदायिक झड़पें और अनेक सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न कीं। उन्होंने कहा कि उस दौर के पीड़ितों के सम्मान में 2021 से प्रतिवर्ष 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' मनाया जा रहा है।

युवा पीढ़ी को जागरूक करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष बल दिया कि आज की युवा पीढ़ी ने बंटवारे की त्रासदी को प्रत्यक्ष नहीं देखा है। इसलिए उन्हें उस कालखंड के इतिहास, पीड़ा और बलिदान से परिचित कराना अनिवार्य है, ताकि ऐसी विभाजनकारी घटनाएँ भविष्य में दोबारा न हों। उन्होंने कहा कि लोग अपनी दिनचर्या में अक्सर राष्ट्र के बारे में नहीं सोचते, परंतु जब कोई बाहरी खतरा या संकट आता है, तभी देश का महत्व सही मायनों में समझ में आता है।

'हर घर तिरंगा' अभियान का महत्व

साहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए 'हर घर तिरंगा' अभियान का यह पाँचवाँ वर्ष है। जब यह आह्वान किया गया था, तब पूरे देश में उत्साह की लहर दौड़ गई थी और नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने की प्रेरणा मिली। उन्होंने कहा कि यह अभियान नागरिकों और तिरंगे के बीच भावनात्मक जुड़ाव को प्रगाढ़ करने के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम के अमर नायकों और शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि देने का माध्यम भी है।

राष्ट्रीय ध्वज की महानता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि तिरंगा केवल कपड़े का एक टुकड़ा या तीन रंगों का संयोजन मात्र नहीं है — इसमें उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के बलिदान का इतिहास समाहित है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है।

एकता और विकास पर बल

साहा ने कहा कि सर्वप्रथम विकास आवश्यक है और यदि हम एकजुट रहें तथा स्वयं को सुदृढ़ करें, तो राज्य और देश — दोनों निरंतर प्रगति करेंगे। उन्होंने इस अवसर पर त्रिपुरावासियों से राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान की भावना को जीवन में उतारने की अपील की। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिया गया यह संदेश आने वाले दिनों में त्रिपुरा सरकार की राष्ट्रवादी कार्यक्रमों के प्रति प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो BJP शासित राज्यों में एक सुसंगत कथा-ढाँचा बन चुका है। गौरतलब है कि 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' को 2021 में केंद्र सरकार ने अधिसूचित किया था, और तब से इसे राज्य सरकारें एक राजनीतिक-सांस्कृतिक एजेंडे के रूप में भी उपयोग करती रही हैं। 'हर घर तिरंगा' अभियान की भावनात्मक अपील निर्विवाद है, परंतु असली प्रश्न यह है कि क्या यह उत्साह ज़मीनी नागरिक जागरूकता में बदल रहा है या केवल वार्षिक उत्सव तक सीमित रह जाता है।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माणिक साहा ने तिरंगे को किसका प्रतीक बताया?
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने तिरंगे को देश की संप्रभुता, गौरव, राज-कौशल, चेतना, देशभक्ति और निस्वार्थ भाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि शहीदों के बलिदान का इतिहास समेटे हुए है।
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' क्या है और यह कब से मनाया जा रहा है?
'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' प्रतिवर्ष 14 अगस्त को 1947 के विभाजन में पीड़ित लोगों की स्मृति में मनाया जाता है। यह दिवस 2021 से मनाया जा रहा है और इसका उद्देश्य उस दौर की पीड़ा को याद रखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है।
'हर घर तिरंगा' अभियान का यह कौन-सा वर्ष है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू हुए 'हर घर तिरंगा' अभियान का 2026 में पाँचवाँ वर्ष है। यह अभियान नागरिकों को अपने घरों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है और देशभक्ति की भावना को प्रगाढ़ करता है।
1947 के विभाजन से कौन-से समुदाय प्रभावित हुए थे?
माणिक साहा के अनुसार, 1947 के विभाजन के बाद हिंदू, सिख और मुस्लिम — तीनों समुदायों के लाखों लोगों ने सीमाएँ पार कीं और भारी कठिनाइयाँ झेलीं। विभाजन के कारण अशांति, सांप्रदायिक झड़पें और अनेक सामाजिक समस्याएँ उत्पन्न हुईं।
माणिक साहा ने युवा पीढ़ी से क्या अपील की?
मुख्यमंत्री साहा ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ने विभाजन की भयावहता को प्रत्यक्ष नहीं देखा है, इसलिए उन्हें उस दौर के इतिहास और पीड़ा से जागरूक करना आवश्यक है। उनका मानना है कि यह जागरूकता ही भविष्य में ऐसी त्रासदियों को दोहराने से रोक सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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