27 जुलाई 2026
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परख 2024 रिपोर्ट पर योगी सरकार का एक्शन प्लान, 28-29 जुलाई को लखनऊ में मंडलवार कार्यशालाएं

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परख 2024 रिपोर्ट पर योगी सरकार का एक्शन प्लान, 28-29 जुलाई को लखनऊ में मंडलवार कार्यशालाएं

सारांश

योगी सरकार ने परख-2024 की रिपोर्ट को महज दस्तावेज़ नहीं रहने दिया — 28-29 जुलाई को लखनऊ में पाँच मंडलों के अधिकारियों की कार्यशालाएं बुलाकर जनपदवार सुधार रणनीति तैयार करने की ठोस शुरुआत की जा रही है। डेटा आधारित शिक्षा सुधार की यह कोशिश यूपी में परिणामोन्मुख शिक्षा की दिशा में अहम कदम है।

मुख्य बातें

बेसिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 के निष्कर्षों के आधार पर अधिगम स्तर सुधार की रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया।
28-29 जुलाई 2025 को एससीईआरटी, लखनऊ के गंगा सभागार में राज्य स्तरीय मंडलवार कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
28 जुलाई को मेरठ व सहारनपुर मंडल तथा 29 जुलाई को आजमगढ़, झाँसी और आगरा मंडल के अधिकारी भाग लेंगे।
प्रत्येक मंडल से उपशिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य, डीआईओएस और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य।
पवन सचान के अनुसार, डेटा आधारित योजना से प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 की रिपोर्ट के निष्कर्षों को आधार बनाकर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अधिगम स्तर सुधारने की ठोस रणनीति तैयार करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल परिणामोन्मुख शिक्षा व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

कार्यशालाओं का आयोजन

28 एवं 29 जुलाई 2025 को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), निशातगंज, लखनऊ के गंगा सभागार में राज्य स्तरीय मंडलवार कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। कार्यशालाएं प्रातः 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक चलेंगी।

28 जुलाई को मेरठ एवं सहारनपुर मंडल के प्रतिनिधि भाग लेंगे, जबकि 29 जुलाई को आजमगढ़, झाँसी और आगरा मंडल के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। एससीईआरटी ने संबंधित अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश पहले ही जारी कर दिए हैं।

कार्यशालाओं में क्या होगा

इन कार्यशालाओं में परख-2024 के निष्कर्षों के आधार पर विषयवार एवं कक्षावार अधिगम स्तर का गहन विश्लेषण किया जाएगा। विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सामने आई चुनौतियों की समीक्षा के बाद जनपदवार सुधार रणनीति तैयार की जाएगी।

शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यालय स्तर पर आवश्यक शैक्षणिक हस्तक्षेपों की रूपरेखा भी तय की जाएगी, ताकि शिक्षण प्रक्रिया राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सके।

किन अधिकारियों की होगी भागीदारी

प्रत्येक मंडल से उपशिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। इससे जनपदवार आवश्यकताओं के अनुरूप कार्य-योजना तैयार कर उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

संयुक्त निदेशक (एसएसए) डॉ. पवन सचान ने कहा, 'परख-2024 केवल मूल्यांकन रिपोर्ट नहीं है — यह विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार का मजबूत आधार है।' उन्होंने बताया कि राज्य स्तरीय मंडलवार कार्यशालाओं के माध्यम से रिपोर्ट के निष्कर्षों का गहन विश्लेषण कर जनपदवार सुधार रणनीति तैयार की जाएगी।

डॉ. सचान ने आगे कहा कि डेटा आधारित शैक्षणिक योजना के माध्यम से प्रत्येक बच्चे के अधिगम स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित करना और राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था को प्रभावी बनाना ही इस पहल का मुख्य उद्देश्य है।

आगे की राह

इन कार्यशालाओं के बाद जनपदवार आवश्यकताओं के आधार पर तैयार की गई कार्य-योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू की जाएंगी। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के क्रियान्वयन के तहत पूरे देश में परिणाम आधारित शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश की यह रणनीति अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — क्योंकि इससे पहले भी राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षणों के बाद राज्यों ने योजनाएं बनाई हैं जो जमीन पर उतरने से पहले ही फाइलों में दब गईं। जनपदवार रणनीति तभी कारगर होगी जब शिक्षकों के प्रशिक्षण, कक्षा संसाधनों और जवाबदेही तंत्र को एक साथ मजबूत किया जाए। यूपी जैसे विशाल राज्य में केवल पाँच मंडलों से शुरुआत करना व्यावहारिक है, पर बाकी मंडलों की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है — यह अंतर जल्द भरा जाना चाहिए।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण-2024 क्या है?
परख (PARAKH) केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक राष्ट्रीय मूल्यांकन सर्वेक्षण है जो सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों के अधिगम स्तर को मापता है। परख-2024 की रिपोर्ट में विषयवार और कक्षावार सीखने की उपलब्धियों का विश्लेषण किया गया है, जिसे अब उत्तर प्रदेश में सुधार की रणनीति का आधार बनाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में परख-2024 पर कार्यशालाएं कब और कहाँ होंगी?
कार्यशालाएं 28 एवं 29 जुलाई 2025 को एससीईआरटी, निशातगंज, लखनऊ के गंगा सभागार में प्रातः 9:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक आयोजित होंगी। 28 जुलाई को मेरठ व सहारनपुर मंडल और 29 जुलाई को आजमगढ़, झाँसी तथा आगरा मंडल के अधिकारी भाग लेंगे।
इन कार्यशालाओं में कौन-से अधिकारी भाग लेंगे?
प्रत्येक मंडल से उपशिक्षा निदेशक/डायट प्राचार्य, जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। एससीईआरटी ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इन कार्यशालाओं से विद्यार्थियों को क्या फायदा होगा?
कार्यशालाओं में जनपदवार सुधार रणनीति तैयार की जाएगी जो प्रत्येक जिले की विशिष्ट शैक्षणिक चुनौतियों के अनुरूप होगी। इससे शिक्षण पद्धतियाँ अधिक प्रभावी बनेंगी और विद्यार्थियों की सीखने की उपलब्धियों में ठोस सुधार लाने का लक्ष्य है।
योगी सरकार की यह पहल पहले की शिक्षा सुधार कोशिशों से कैसे अलग है?
यह पहल डेटा आधारित दृष्टिकोण पर केंद्रित है — परख-2024 के ठोस आँकड़ों के आधार पर जनपदवार कार्य-योजना तैयार की जाएगी, न कि एकसमान राज्यव्यापी नीति लागू की जाएगी। संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान के अनुसार, इसका उद्देश्य राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परिणाम आधारित शिक्षा सुनिश्चित करना है।
राष्ट्र प्रेस
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