डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप: शुभंकर शर्मा 74 के राउंड के साथ कट के कगार पर, फेलिक्स मोरी शीर्ष पर
सारांश
मुख्य बातें
डेनिश गोल्फ चैंपियनशिप के पहले दिन 14 अगस्त 2026 को केर्टेमिंडे, डेनमार्क में भारत के शुभंकर शर्मा ने 2-ओवर-पार 74 का राउंड खेला, जिसके बाद उनका 'कट' में जगह बनाना लगभग असंभव दिख रहा है। इस सीजन में उनका संघर्ष जारी है और यह प्रदर्शन उनकी मुश्किलों को और गहरा करता है।
शुभंकर और युवराज का पहले दिन का प्रदर्शन
शुभंकर शर्मा ने पहले दिन चार बर्डी बनाईं, लेकिन छह बोगी ने उनके कार्ड को बिगाड़ दिया, जिससे वह 2-ओवर-पार 74 पर रहे। दूसरे भारतीय खिलाड़ी युवराज संधू ने इवन-पार 72 का स्कोर किया, जिसमें तीन बर्डी शामिल थीं, लेकिन शुरुआती एक बोगी और अंत में एक डबल बोगी ने उनके प्रदर्शन को प्रभावित किया। युवराज टी-75 स्थान पर रहे।
फेलिक्स मोरी का शानदार आगाज़
फ्रांस के फेलिक्स मोरी ने 'ग्रेट नॉर्दर्न' कोर्स पर 7-अंडर-पार 65 का राउंड खेलकर कोर्स रिकॉर्ड की बराबरी की और डीपी वर्ल्ड टूर करियर के अपने सर्वश्रेष्ठ राउंड की बराबरी करते हुए पहले दिन की बढ़त हासिल की। वह डेनमार्क के घरेलू पसंदीदा लुकास ब्जेरेगार्ड और दक्षिण अफ्रीका के ब्रैंडन स्टोन से एक शॉट आगे हैं, जो 6-अंडर-पार पर हैं।
गौरतलब है कि होटलप्लानर टूर से डीपी वर्ल्ड टूर पर आए मोरी ने इस सीजन में 16 में से 12 बार 'कट' मिस किया है। हालाँकि, पिछले पाँच टूर्नामेंटों में से तीन में कट में जगह बनाने के बाद डेनमार्क में उनका यह प्रदर्शन संकेत देता है कि वह डीपी वर्ल्ड टूर के स्तर पर खुद को धीरे-धीरे ढाल रहे हैं।
लीडरबोर्ड पर अन्य प्रमुख खिलाड़ी
इटली के फिलिपो सेली और फ्रांसेस्को लापोर्टा, चीन के वेनयी डिंग, फिनलैंड के ओलिवर लिंडेल और जर्मनी के फ्रेडी शॉट संयुक्त रूप से 5-अंडर-पार के साथ चौथे स्थान पर हैं।
इंडिया चैंपियनशिप में भारतीय उम्मीदें
इस बीच, दिल्ली गोल्फ क्लब में 15 से 18 अक्टूबर के बीच होने वाली इंडिया चैंपियनशिप के दूसरे संस्करण की तैयारियाँ भी जोरों पर हैं। 4 मिलियन डॉलर की इनामी राशि वाले इस टूर्नामेंट में शुभंकर शर्मा और अनिर्बान लाहिड़ी भारतीय उम्मीदों की कमान संभालेंगे।
इस प्रतिष्ठित आयोजन में मौजूदा चैंपियन टॉमी फ्लीटवुड, करियर ग्रैंड स्लैम विजेता रोरी मैकल्रॉय और हाल ही में ओपन चैंपियन बने रयान फॉक्स भी हिस्सा लेंगे। डेनमार्क में भारतीय खिलाड़ियों का संघर्ष यह सवाल उठाता है कि क्या वे अक्टूबर में घरेलू धरती पर बेहतर प्रदर्शन कर पाएँगे।