यूपी के सभी 75 जिलों में नागरिक सुरक्षा तंत्र विस्तारित, 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 जून 2025 को नागरिक सुरक्षा व्यवस्था को प्रदेशव्यापी स्वरूप देते हुए इसे राज्य के सभी 75 जिलों तक विस्तारित कर दिया। इसी कड़ी में नवसृजित जनपदों के नवनियुक्त स्वयंसेवकों के लिए 12 दिवसीय 'सिविल डिफेंस बेसिक ओरिएंटेशन कोर्स' का औपचारिक शुभारंभ मंगलवार को लखनऊ में किया गया। यह कदम उस समय आया है जब देश में आंतरिक और बाह्य सुरक्षा चुनौतियाँ एक साथ गहरी हो रही हैं।
उद्घाटन और मंत्री का संबोधन
होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने सीतापुर रोड स्थित केंद्रीय नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान में कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक और राष्ट्रीय परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। प्रजापति ने स्वयंसेवकों से समाजोपयोगी कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान करते हुए इस प्रशिक्षण को 'सेवा और जिम्मेदारी का सेतु' बताया।
14 से 75 जिले: विस्तार की पूरी कहानी
मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नागरिक सुरक्षा विभाग का दायरा अब 75 जनपदों तक पहुँच गया है। गौरतलब है कि पहले यह व्यवस्था मात्र 14 जिलों तक सीमित थी। इस प्रकार एक ही चरण में 61 नए जिले इस सुरक्षा ढाँचे में जोड़े गए हैं — जो राज्य की नागरिक सुरक्षा नीति में एक बड़ा संरचनात्मक परिवर्तन है।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया जाएगा
केंद्रीय नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान की कमांडेंट प्रियंका सिंह (पीसीएस) ने बताया कि इस 12 दिवसीय पाठ्यक्रम में अग्निशमन, प्राथमिक चिकित्सा, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा से जुड़े व्यावहारिक विषयों को शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण स्वयंसेवकों को न केवल आपात स्थितियों में बल्कि सामुदायिक सेवा के दैनिक कार्यों में भी सक्षम बनाएगा।
संस्थान का आधुनिकीकरण
विशेष सचिव नागरिक सुरक्षा मनोज कुमार राय ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण संस्थान के जीर्णोद्धार और आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने की योजना पर कार्य जारी है। उनके अनुसार, निकट भविष्य में यह संस्थान एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र के रूप में स्थापित होगा जो पूरे उत्तर प्रदेश में नागरिक सुरक्षा प्रशिक्षण का मुख्य केंद्र बनेगा।
आगे की राह
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब देश में सामरिक और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से नागरिक तैयारी को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी 75 जिलों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की उपस्थिति से उत्तर प्रदेश की ज़मीनी सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है।