8 अगस्त 2026
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योगी सरकार की पहल: UP के IAS-IPS-IFS अधिकारी हर माह इंटरमीडिएट छात्रों को देंगे करियर मार्गदर्शन

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योगी सरकार की पहल: UP के IAS-IPS-IFS अधिकारी हर माह इंटरमीडिएट छात्रों को देंगे करियर मार्गदर्शन

सारांश

योगी सरकार ने UP के इंटरमीडिएट छात्रों के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है — हर जिले में तैनात IAS, IPS और IFS अधिकारी हर माह कम से कम एक स्कूल जाएंगे और छात्रों को UPSC से लेकर JEE-NEET तक की तैयारी, करियर नियोजन और जीवन-कौशल पर सीधा मार्गदर्शन देंगे।

मुख्य बातें

योगी सरकार ने 8 अगस्त 2026 को UP के इंटरमीडिएट छात्रों के लिए IAS-IPS-IFS अधिकारी संवाद कार्यक्रम की घोषणा की।
प्रत्येक जिले में तैनात युवा अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का भ्रमण करेंगे।
संवाद में UPSC, UPPSC, JEE, NEET, CUET, NDA समेत प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर मार्गदर्शन शामिल।
प्रत्येक जिले को हर माह की 5 तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को कार्यक्रम रिपोर्ट सौंपनी होगी।
अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा, मंडलायुक्तों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को कार्यान्वयन निर्देश जारी किए।
वित्तीय कौशल, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति और उद्यमिता जैसे विषय भी संवाद के दायरे में शामिल।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 अगस्त 2026 को एक महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल की घोषणा की, जिसके तहत प्रदेश में तैनात भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के युवा अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्तर के विद्यालय का भ्रमण कर छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा, रोज़गार और उद्यमिता के क्षेत्र में बेहतर अवसरों की दिशा में तैयार करने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है।

कार्यक्रम की रूपरेखा

अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार प्रत्येक जिले में तैनात युवा IAS, IPS और IFS अधिकारी प्रतिमाह कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का दौरा करेंगे और छात्रों के साथ सहभागितापूर्ण चर्चा एवं प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित करेंगे। कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है।

समस्त मंडलायुक्तों को निर्देश दिया गया है कि वे इस कार्यक्रम की समय-समय पर अपने स्तर पर समीक्षा करें। इसके अलावा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, समस्त मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) और समस्त जिला विद्यालय निरीक्षकों को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

संवाद में शामिल प्रमुख विषय

इन कार्यक्रमों में अधिकारी अपने व्यक्तिगत अनुभव, कार्यशैली और जीवन-संघर्ष साझा करेंगे, जो विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगे। संवाद के प्रमुख विषयों में जीवन-लक्ष्य निर्धारण एवं करियर नियोजन, प्रभावी अध्ययन पद्धति, समय प्रबंधन और आत्मानुशासन शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET सहित राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं की तैयारी पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा, उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े अवसरों की जानकारी भी इस संवाद का हिस्सा होगी। वित्तीय कौशल, संचार कौशल, साइबर सुरक्षा, नशामुक्ति, तनाव प्रबंधन और आत्मविश्वास विकास जैसे विषय भी इसमें सम्मिलित किए गए हैं।

प्रशासनिक निगरानी तंत्र

प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी हर माह कार्यक्रमों का कैलेंडर तैयार करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि जिले में तैनात सभी युवा अधिकारी इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें। प्रत्येक जिले को आयोजित कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण प्रत्येक माह की 5 तारीख तक शासन के माध्यमिक शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराना होगा।

इस रिपोर्ट में विद्यालय भ्रमण की संख्या, विद्यालय का नाम, कार्यक्रम में शामिल अधिकारी, संवाद के प्रमुख विषय और विद्यार्थियों से प्राप्त सुझाव दर्ज किए जाएंगे। जिलाधिकारियों को कार्यक्रम की गुणवत्ता की व्यक्तिगत समीक्षा करने और अपने स्तर पर नवाचार करने की भी स्वतंत्रता दी गई है।

आम विद्यार्थियों पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर विकल्पों के बारे में पर्याप्त मार्गदर्शन नहीं मिल पाता। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद से छात्रों को सरकारी सेवाओं और विभिन्न करियर विकल्पों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी, साथ ही उनके भीतर आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होगा।

गौरतलब है कि यह पहल केवल प्रेरणा तक सीमित नहीं है — इसमें केंद्र और राज्य सरकार की युवाओं से संबंधित प्रमुख योजनाओं की जानकारी भी शामिल है, जिससे सरकारी कल्याण कार्यक्रमों की पहुँच सीधे विद्यालय स्तर तक सुनिश्चित होगी। आने वाले महीनों में इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन की गुणवत्ता और छात्रों तक इसकी वास्तविक पहुँच ही इस पहल की सफलता का असली पैमाना होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि व्यस्त जिला अधिकारियों से प्रतिमाह स्कूल भ्रमण की अपेक्षा और उसकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्रशासनिक रूप से चुनौतीपूर्ण है। मासिक रिपोर्टिंग तंत्र और मंडलायुक्त स्तरीय समीक्षा जवाबदेही के सकारात्मक संकेत हैं, परंतु यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रों पर वास्तविक प्रभाव को मापने के लिए कोई स्वतंत्र मूल्यांकन ढाँचा बनाया जाएगा या नहीं। UP जैसे विशाल प्रदेश में जहाँ हज़ारों इंटरमीडिएट विद्यालय हैं, सीमित अधिकारियों के माध्यम से व्यापक कवरेज एक बड़ी चुनौती बनी रहेगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी सरकार का IAS-IPS-IFS अधिकारी संवाद कार्यक्रम क्या है?
यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक पहल है जिसके तहत प्रत्येक जिले में तैनात IAS, IPS और IFS के युवा अधिकारी हर माह कम से कम एक इंटरमीडिएट विद्यालय का भ्रमण कर छात्रों से सीधा संवाद करेंगे। इसका उद्देश्य छात्रों को करियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी और जीवन-कौशल प्रदान करना है।
इस कार्यक्रम में किन परीक्षाओं की तैयारी पर मार्गदर्शन मिलेगा?
कार्यक्रम में UPSC, UPPSC, UPSSSC, NDA, JEE, NEET और CUET सहित राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षाओं और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की परीक्षाओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। इसके अलावा उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता के अवसरों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
कार्यक्रम की निगरानी कैसे होगी?
प्रत्येक जिलाधिकारी मासिक कार्यक्रम कैलेंडर तैयार करेंगे और हर माह की 5 तारीख तक माध्यमिक शिक्षा विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगे। मंडलायुक्त स्तर पर भी समय-समय पर समीक्षा की जाएगी, और महानिदेशक, स्कूल शिक्षा को प्रभावी अनुश्रवण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पहल से UP के छात्रों को क्या फायदा होगा?
इंटरमीडिएट स्तर के छात्रों को वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें सरकारी सेवाओं, करियर विकल्पों और प्रतियोगी परीक्षाओं की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी। साथ ही वित्तीय कौशल, साइबर सुरक्षा और तनाव प्रबंधन जैसे जीवन-कौशल पर भी मार्गदर्शन मिलेगा।
यह कार्यक्रम कब से शुरू होगा और किसने इसे लागू करने के निर्देश दिए?
कार्यक्रम की घोषणा 8 अगस्त 2026 को की गई है। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा ने बताया कि मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं और जिला विद्यालय निरीक्षकों को विद्यालयों एवं अधिकारियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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