30 जुलाई 2026
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दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0: योगी सरकार 3 से 10 अगस्त तक प्रदेशभर में देगी नौकरी और स्वरोजगार के अवसर

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दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0: योगी सरकार 3 से 10 अगस्त तक प्रदेशभर में देगी नौकरी और स्वरोजगार के अवसर

सारांश

योगी सरकार का 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' महज एक रोजगार मेला नहीं — यह पिछले दो चरणों की जवाबदेही का भी मौका है। 3 से 10 अगस्त तक प्रदेशभर के आईटीआई में होने वाले इस अभियान में पूर्व लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन एक नई पारदर्शिता की शुरुआत है।

मुख्य बातें

योगी आदित्यनाथ सरकार का 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' 3 से 10 अगस्त 2026 तक उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित होगा।
प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी; एमएसएमई विभाग ऋण व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
पिछले दो चरणों के लाभार्थियों का भौतिक सत्यापन भी इस अभियान का हिस्सा होगा।
प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित।
सर्वाधिक रोजगार देने वाले शीर्ष 5 जनपदों के जिलाधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित किया जाएगा।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने 30 जुलाई को सभी सीडीओ के साथ ऑनलाइन बैठक कर दिशा-निर्देश जारी किए।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' की शुरुआत की घोषणा की है, जो 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में एक साथ संचालित होगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस विशेष पहल के तहत कौशल प्रशिक्षण प्राप्त और अन्य योग्य दिव्यांग युवाओं को उनकी क्षमता के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।

अभियान की मुख्य विशेषताएँ

प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी, जहाँ दिव्यांग अभ्यर्थियों को नौकरी के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।

विभागीय समन्वय और भूमिकाएँ

जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा। वहीं एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण व वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी और जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को रिक्तियों से सीधे जोड़ेंगे।

पिछले चरणों का सत्यापन भी होगा

इस अभियान की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि पिछले दो चरणों — अभियान 1.0 और 2.0 — में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा, ताकि उनकी वर्तमान रोजगार स्थिति का आकलन हो सके। यह पारदर्शिता की दिशा में एक सकारात्मक कदम है जो यह सुनिश्चित करेगा कि पूर्व में दिए गए लाभ वास्तव में धरातल पर पहुँचे हैं।

निगरानी और पुरस्कार व्यवस्था

प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की गई है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जनपदों से लाभान्वितों का विवरण शासन को भेजा जाएगा। सर्वाधिक रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले शीर्ष पाँच जनपदों के जिलाधिकारियों और उनकी टीम को शासन स्तर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

तैयारी की समीक्षा

अभियान की तैयारियों को लेकर 30 जुलाई 2026 को मिशन निदेशक पुलकित खरे ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों और संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांग युवा इस अवसर से वंचित न रहे। यह अभियान उत्तर प्रदेश में समावेशी विकास की नीति को एक ठोस रूप देने का प्रयास है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह जोखिम भी उठाती है कि संख्याएँ गुणवत्ता की कीमत पर बढ़ाई जाएँ। दिव्यांग समावेश की दीर्घकालिक सफलता के लिए रोजगार की स्थायित्व — न केवल नियुक्ति के आँकड़े — मापना अनिवार्य होगा।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 क्या है?
यह उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की एक विशेष पहल है, जो 3 से 10 अगस्त 2026 तक प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित होगी। इसका उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त और अन्य योग्य दिव्यांग युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
अभियान में दिव्यांग अभ्यर्थियों को कौन-कौन सी सुविधाएँ मिलेंगी?
अभ्यर्थियों को राजकीय आईटीआई में रोजगार गतिविधियों के जरिए नौकरी के अवसर, स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और एमएसएमई विभाग व लीड बैंक के माध्यम से ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को सीधे रिक्तियों से जोड़ा जाएगा।
क्या पिछले चरणों के लाभार्थियों की जाँच भी होगी?
हाँ, अभियान 3.0 में पिछले दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह आकलन करना है कि पूर्व में दिए गए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर वास्तव में उन तक पहुँचे या नहीं।
अभियान की निगरानी कौन करेगा?
प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की गई है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जनपदों से लाभान्वितों का विवरण शासन को भेजा जाएगा।
सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले जनपदों को क्या मिलेगा?
सर्वाधिक रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले शीर्ष पाँच जनपदों के जिलाधिकारियों और उनकी टीम को शासन स्तर पर प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। यह व्यवस्था जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।
राष्ट्र प्रेस
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