PM मोदी ने एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल से मिलाया हाथ, हॉकी टीम ने भेंट की जर्सी और स्टिक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के भारतीय दल के साथ विशेष मुलाकात की। इस भेंट में भारतीय हॉकी टीम ने प्रधानमंत्री को हॉकी स्टिक और जर्सी उपहार में दी। इस अवसर पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा भी मौजूद रहीं।
क्रिकेट और अन्य विजेता दलों से मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने भारतीय रेसलर्स, तीरंदाजों समेत अन्य पदक विजेताओं और उनके सहयोगी स्टाफ को बधाई दी। यह आयोजन एशियाई खेलों में भारत की बेहतरीन वापसी का उत्सव था।
भारत की ऐतिहासिक मेडल टैली
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदकों सहित कुल 85 मेडल जीतकर समग्र तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। मेडल टैली में चीन 341 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि जापान ने 260 मेडल के साथ दूसरा और दक्षिण कोरिया ने 150 मेडल के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
हॉकी और कबड्डी में दोहरा स्वर्ण
भारतीय पुरुष हॉकी टीम और महिला हॉकी टीम दोनों ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए — यह भारतीय हॉकी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसी प्रकार, पुरुष और महिला कबड्डी टीम ने भी स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। क्रिकेट टीम के गोल्ड के साथ यह तीन बड़े खेलों में शीर्ष प्रदर्शन रहा।
नए खेलों में भारत की पहचान
भारत ने इस बार सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) जैसे नए खेलों में पहली बार पदक जीते। निशानेबाजी में महिला ट्रैप स्पर्धा का पहला स्वर्ण पदक भी भारत के खाते में आया। गौरतलब है कि वेटलिफ्टिंग में भारत ने 28 साल बाद एशियन गेम्स में रजत पदक जीता, जबकि ग्रीको-रोमन कुश्ती में 64 साल के लंबे इंतजार के बाद एक भारतीय पहलवान फाइनल तक पहुँचते हुए रजत पदक लेकर लौटा।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। एशियाई खेलों में पारंपरिक और नए — दोनों खेलों में पदक जीतना संकेत देता है कि भारतीय खेल का आधार लगातार विस्तृत हो रहा है। अब सवाल है कि क्या यह प्रदर्शन ओलंपिक मंच पर भी बरकरार रहेगा।