PM मोदी आज एशियाई खेल 2026 के भारतीय दल से मिलेंगे, 85 पदक विजेताओं को करेंगे सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को शाम 4:30 बजे IST मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम, नई दिल्ली में एशियाई खेल 2026 के भारतीय दल से मुलाकात करेंगे और उन्हें संबोधित करेंगे। यह मुलाकात उन खिलाड़ियों के सम्मान में हो रही है जिन्होंने जापान में आयोजित 20वें एशियाई खेलों में भारत को ऐतिहासिक 85 पदक दिलाए।
किन्हें मिला निमंत्रण
इस विशेष कार्यक्रम में भारतीय दल के सभी एथलीट, उनके कोच और सहायक कर्मचारी शामिल होंगे। इसके अलावा भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अधिकारी, राष्ट्रीय खेल संघों के प्रतिनिधि तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
20वें एशियाई खेल जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हुए। इन खेलों में भारत ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया और कुल 85 पदक — 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य — जीते। यह लगातार दूसरा एशियाई खेल है जब भारत शीर्ष पाँच देशों में शामिल रहा, जो विभिन्न खेल विधाओं में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मक ताकत को रेखांकित करता है।
उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
इन खेलों में भारत ने कई ऐतिहासिक मील के पत्थर छुए। पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। रिकर्व तीरंदाजी में भी ऐतिहासिक प्रदर्शन हुआ, जबकि सॉफ्ट टेनिस और मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में भारत ने पहली बार पदक जीते।
महिलाओं की ट्रैप स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक आया। 28 साल के अंतराल के बाद एशियाई खेलों में भारोत्तोलन में रजत पदक मिला। ग्रीको-रोमन कुश्ती में रजत पदक जीतकर किसी भारतीय फाइनलिस्ट की 64 साल की प्रतीक्षा खत्म हुई।
पदक तालिका में भारत की स्थिति
पदक तालिका में शीर्ष पर चीन रहा, जिसने 341 पदक जीते। दूसरे स्थान पर मेजबान जापान रहा — 269 पदक के साथ — और तीसरे पर दक्षिण कोरिया — 150 पदक के साथ। भारत 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा। गौरतलब है कि यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेल प्रदर्शनों में से एक माना जा रहा है।
आगे क्या
प्रधानमंत्री की यह मुलाकात भारतीय खेल जगत के लिए एक बड़े सम्मान के रूप में देखी जा रही है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत 2028 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटा है और आइची-नागोया का यह प्रदर्शन उस दिशा में आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हुआ है।