असम बाढ़: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने दरांग का दौरा किया, टूटे तटबंधों के मज़बूत पुनर्निर्माण का आदेश
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 8 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित दरांग जिले का दौरा किया और नोआ तथा कुलसी नदियों के तटबंध टूटने से जलमग्न हुए गाँवों में राहत एवं बहाली कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षतिग्रस्त तटबंधों को अस्थायी मरम्मत की बजाय विशेष उपायों से अधिक मज़बूती के साथ पुनर्निर्मित किया जाए।
मुख्य दौरे और निरीक्षण
मुख्यमंत्री सरमा ने मंगलदाई विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बेंगाबारा और नहारबारी का दौरा किया। बेंगाबारा में उन्होंने नोआ नदी के किनारे टूटे तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया और चल रहे मरम्मत कार्य की प्रगति का जायज़ा लिया। इसी प्रकार नहारबारी में उन्होंने कुलसी नदी के तटबंध की क्षति का मुआयना किया।
राहत शिविरों में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात
मुख्यमंत्री ने बेंगाबारा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र और औटाला हायर सेकेंडरी स्कूल में स्थापित राहत शिविरों का दौरा किया। उन्होंने विस्थापित परिवारों से सीधे बातचीत कर उनकी भोजन, स्वास्थ्य सेवा और अन्य आवश्यकताओं की जानकारी ली। सरमा ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार स्थापित राहत नियमों के अनुसार सभी पात्र परिवारों तक सहायता बिना देरी के पहुँचाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया और निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि हाल की बाढ़ ने तटबंध टूटने के कारण प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को गंभीर कठिनाई में डाला है। उन्होंने अधिकारियों को बहाली कार्य में तेज़ी लाने और टिकाऊ समाधान अपनाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की टूट-फूट की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विशेष तकनीकी उपाय किए जाएँगे।
व्यापक संदर्भ: असम में बाढ़ की स्थिति
यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब असम बड़े पैमाने पर बाढ़ की चपेट में है। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों में बाढ़ आना एक चिरपरिचित संकट है, जो लाखों लोगों को प्रभावित करता है। राज्य प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्वास और बहाली के प्रयास तेज़ कर रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने बहाली कार्य में तेज़ी का आश्वासन दिया है। टूटे तटबंधों के स्थायी और मज़बूत पुनर्निर्माण की समयसीमा अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि राहत उपाय प्राथमिकता के आधार पर जारी रहेंगे।