कुलगाम आतंकी हमला: छत्तीसगढ़ सरकार ने दो प्रवासी मजदूरों के परिवारों को ₹20-20 लाख की सहायता दी
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1 अगस्त 2026 को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में मारे गए राज्य के दो प्रवासी मजदूरों के परिजनों को ₹20-20 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मृतकों की पहचान दीपक रात्रि (24 वर्ष) और भूपिंदर कुमार (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कुलगाम के केलम गाँव में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे।
हमले का घटनाक्रम
31 जुलाई 2026 की शाम आतंकवादियों ने केलम गाँव स्थित ईंट भट्ठे पर काम कर रहे इन दोनों मजदूरों को निशाना बनाया। उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर दोनों से लगभग 10 मिनट तक बातचीत की और फिर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। दीपक रात्रि की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि भूपिंदर कुमार ने अगले दिन अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया और राहत पैकेज
मुख्यमंत्री साय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर इस घटना को 'क्रूर, दर्दनाक और दिल दहला देने वाली' बताया। उन्होंने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। दोनों परिवारों को ₹20-20 लाख की सहायता राशि दी जाएगी।
सहायता को समय पर सुनिश्चित करने और जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने की भी घोषणा की गई है।
गृह मंत्री की चेतावनी
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस हमले को 'बेहद क्रूर कृत्य' करार दिया। उन्होंने हमलावरों को चरमपंथी तत्वों से जोड़ा और कहा कि सरकार ऐसे तत्वों को समाप्त करने के लिए दृढ़संकल्पित है। शर्मा ने स्पष्ट किया कि हमलावरों को ढूँढकर मार गिराया जाएगा।
आम जनता और प्रवासी मजदूरों पर असर
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब देश के विभिन्न राज्यों से हजारों प्रवासी मजदूर जम्मू-कश्मीर में रोजगार के लिए जाते हैं। गौरतलब है कि यह हमला उस क्षेत्र में हुआ जहाँ ईंट भट्ठों और निर्माण उद्योग में बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के श्रमिक कार्यरत हैं। इस घटना ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आगे क्या
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी दोनों परिवारों तक राहत राशि पहुँचाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। सुरक्षा एजेंसियाँ हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रखे हुए हैं।