ओमान के मुसंदम के पास तेल टैंकर एमटी अल गैया पर हमला, 23 चालक दल बचाए गए, एक भारतीय नागरिक लापता
सारांश
मुख्य बातें
ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को पुष्टि की कि मुसंदम गवर्नरेट से लगभग 103 समुद्री मील उत्तर पूर्व में पनामा ध्वज वाले तेल टैंकर एमटी अल गैया पर हमला किया गया। टैंकर के इंजन रूम में आग लगने के बाद उसे देश के एक बंदरगाह तक लाया जा रहा है। जहाज पर सवार 14 भारतीय नागरिकों में से 13 को सुरक्षित निकाल लिया गया है, जबकि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
हमले का ब्यौरा और बचाव अभियान
ओमान की रॉयल नेवी के एक जहाज ने कुल 23 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकाला और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता प्रदान की। दो लापता व्यक्तियों की तलाश में खोज और बचाव अभियान जारी है। ओमान के समुद्री सुरक्षा केंद्र ने बताया कि वह संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय में टोइंग ऑपरेशन की निगरानी कर रहा था।
भारत की प्रतिक्रिया और कूटनीतिक प्रयास
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में द्वि साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "यह हमला ओमान के तट के पास हुआ। यह पनामा फ्लैगशिप था जिस पर हमारे 14 भारतीय नागरिक या नाविक थे, जिनमें से 13 को बचा लिया गया है, और हम अपने नागरिकों को बचाने के लिए ओमानी अधिकारियों का तहे दिल से धन्यवाद करते हैं।" उन्होंने बताया कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और ओमानी अधिकारियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रहा है।
जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया, "क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों, नाविकों, नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना हमारे लिए अस्वीकार्य है। हम यह भी आग्रह करते हैं कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय जलमार्गों के माध्यम से मुक्त और सुरक्षित नेविगेशन और वाणिज्य के प्रवाह को जल्द से जल्द बहाल किया जाए।"
भारत की कड़ी निंदा और शांति की अपील
विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा था, "हम तनाव को तत्काल कम करने और क्षेत्र में शांति लाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाने के अपने आह्वान को दोहराते हैं।" यह बयान इस संकट की गंभीरता और भारत की कूटनीतिक सतर्कता को रेखांकित करता है।
क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर व्यापक असर
यह घटना ऐसे समय में आई है जब हिंद महासागर और अरब सागर के जलमार्गों में व्यावसायिक जहाजों पर हमलों की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। गौरतलब है कि मुसंदम प्रायद्वीप — जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य के निकट है — वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला का एक अत्यंत संवेदनशील बिंदु है। इस क्षेत्र से हर दिन लाखों बैरल कच्चा तेल गुज़रता है, और इस तरह के हमले वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को प्रभावित कर सकते हैं।
आगे की स्थिति
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस हमले की जिम्मेदारी किसने ली है। लापता व्यक्तियों की तलाश जारी है और टैंकर को ओमान के बंदरगाह तक सुरक्षित पहुँचाने का प्रयास हो रहा है। भारत सरकार अपने नागरिकों की स्थिति पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है और ओमानी अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग में है।