31 जुलाई 2026
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कुलगाम आतंकी हमला: UP और छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या, LG सिन्हा और महबूबा मुफ्ती ने की निंदा

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कुलगाम आतंकी हमला: UP और छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या, LG सिन्हा और महबूबा मुफ्ती ने की निंदा

सारांश

कश्मीर घाटी में एक बार फिर निहत्थे प्रवासी मजदूर आतंक का शिकार बने — कुलगाम के केलम गांव में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे UP और छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों को गोली मार दी गई। यह हमला उस खतरनाक पैटर्न को उजागर करता है जिसमें आतंकवादी आर्थिक रूप से कमजोर प्रवासी श्रमिकों को निशाना बना रहे हैं।

मुख्य बातें

31 जुलाई 2026 को कुलगाम के केलम गांव में ईंट भट्ठे पर आतंकी हमला हुआ।
उत्तर प्रदेश के भूपिंदर और छत्तीसगढ़ के दीपक की अनंतनाग के सरकारी अस्पताल में मौत हो गई।
छत्तीसगढ़ का एक तीसरा मजदूर भी हमले में घायल हुआ, उसे तुरंत इलाज दिया गया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डीजीपी नलिन प्रभात से बात कर सुरक्षा बलों को ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए।
PDP सुप्रीमो महबूबा मुफ्ती ने हमले को 'अकल्पनीय रूप से क्रूर' बताते हुए कड़ी निंदा की।
पिछले हफ्ते हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या के बाद यह घाटी में हालिया आतंकी हिंसा की एक और कड़ी है।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 31 जुलाई 2026 को शाम के वक्त आतंकवादियों ने केलम गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं, जिसमें उत्तर प्रदेश के भूपिंदर और छत्तीसगढ़ के दीपक की मौत हो गई। छत्तीसगढ़ का एक तीसरा मजदूर भी इस हमले में घायल हुआ है। इस कायरतापूर्ण हमले की उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कड़ी निंदा की है।

हमले का घटनाक्रम

अधिकारियों के अनुसार, शाम के समय आतंकवादियों ने कुलगाम के केलम गांव में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे मजदूरों को निशाना बनाया। घायल मजदूरों को तत्काल अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दीपक और भूपिंदर दोनों ने गंभीर चोटों के कारण दम तोड़ दिया। छत्तीसगढ़ के एक अन्य घायल मजदूर को भी तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

उपराज्यपाल सिन्हा की प्रतिक्रिया

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा, 'कुलगाम में हुए बर्बर आतंकवादी हमले के बाद मैंने डीजीपी नलिन प्रभात और सुरक्षा के शीर्ष अधिकारियों से बात की। मैं इस कायरतापूर्ण हरकत की कड़ी निंदा करता हूं। मैंने सुरक्षा बलों को अपने ऑपरेशन तेज करने और आतंकवादियों को खत्म करने का निर्देश दिया है।' उन्होंने यह भी बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दोषियों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

महबूबा मुफ्ती की निंदा

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस हमले को 'अकल्पनीय रूप से क्रूर' बताया। उन्होंने कहा, 'आज कुलगाम में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की हत्या की मैं कड़ी निंदा करती हूं। वे अपने परिवार का पेट पालने के लिए घर से दूर जाकर कड़ी मेहनत करते हैं। हिंसा की ऐसी बेमतलब की घटनाओं में उन्हें निशाना बनाना अकल्पनीय रूप से क्रूर है।'

व्यापक सुरक्षा संदर्भ

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर घाटी में आतंकवाद-रोधी अभियान पहले से तेज किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही आतंकवादियों ने जम्मू-कश्मीर आर्म्ड पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी थी। यह घटना उस बढ़ते पैटर्न की ओर इशारा करती है जिसमें आतंकवादी सुरक्षाबलों के बजाय निहत्थे प्रवासी मजदूरों को निशाना बना रहे हैं — जो घाटी की आर्थिक स्थिरता को कमजोर करने की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है।

सुरक्षा बलों का अभियान

अधिकारियों ने बताया कि हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने केलम गांव और आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी है। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है। उपराज्यपाल सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि इससे घाटी में श्रमशक्ति की आपूर्ति बाधित होती है और आर्थिक अस्थिरता फैलती है। यह सवाल उठता है कि जब आतंकवाद-रोधी अभियान 'तेज' होने का दावा किया जाता है, तो ईंट भट्ठों जैसे खुले और संवेदनशील कार्यस्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था क्यों नाकाफी साबित हो रही है। मुख्यधारा की कवरेज निंदा-बयानों पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस नीतिगत ढाँचा क्यों नहीं बना।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम आतंकी हमले में क्या हुआ?
31 जुलाई 2026 को शाम के वक्त आतंकवादियों ने कुलगाम के केलम गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे प्रवासी मजदूरों पर गोलियां चलाईं। उत्तर प्रदेश के भूपिंदर और छत्तीसगढ़ के दीपक की अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई।
हमले में मारे गए मजदूर कौन थे?
मारे गए दोनों मजदूर प्रवासी थे — एक उत्तर प्रदेश के भूपिंदर और दूसरे छत्तीसगढ़ के दीपक। वे कुलगाम के केलम गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम करते थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले पर क्या कहा?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर हमले को 'कायरतापूर्ण' बताया और DGP नलिन प्रभात से बात कर सुरक्षा बलों को ऑपरेशन तेज करने और आतंकवादियों को खत्म करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।
महबूबा मुफ्ती ने कुलगाम हमले पर क्या प्रतिक्रिया दी?
PDP सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने हमले को 'अकल्पनीय रूप से क्रूर' बताया। उन्होंने कहा कि परिवार का पेट पालने के लिए घर से दूर मेहनत करने वाले मजदूरों को इस तरह हिंसा का शिकार बनाना बेहद निंदनीय है।
कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा बलों ने क्या कदम उठाए?
हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने केलम गांव व आसपास के इलाकों की घेराबंदी कर दी। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए व्यापक तलाशी अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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