1 अगस्त 2026
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कुलगाम आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या: राहुल गांधी बोले- 'दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले'

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कुलगाम आतंकी हमले में दो मजदूरों की हत्या: राहुल गांधी बोले- 'दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले'

सारांश

कुलगाम में आतंकियों ने पहचान पूछकर दो प्रवासी मजदूरों को गोली मारी — दोनों छत्तीसगढ़ के थे। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर हमले की निंदा करते हुए कड़ी सजा की माँग की। यह हमला घाटी में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े करता है।

मुख्य बातें

कुलगाम, जम्मू-कश्मीर में 1 अगस्त 2026 की शाम आतंकियों ने दो प्रवासी मजदूरों को गोली मारी।
दोनों मृतक छत्तीसगढ़ के निवासी थे; एक की मौके पर, दूसरे की अस्पताल में मृत्यु हुई।
राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर दोषियों के लिए 'कड़ी से कड़ी सजा' की माँग की।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हमले की तीखी निंदा की।
सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में तत्काल अभियान शुरू किया।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 1 अगस्त 2026 को हुए आतंकी हमले में दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की निर्मम हत्या के बाद कांग्रेस नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई की माँग की है। मारे गए दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे।

हमले का घटनाक्रम

शुक्रवार की देर शाम कुलगाम में आतंकवादियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो मजदूरों से पहचान पूछी और फिर उन्हें गोली मार दी। एक मजदूर की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि दूसरे मजदूर को अस्पताल पहुँचाया गया जहाँ इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। यह हमला एक बार फिर यह उजागर करता है कि जम्मू-कश्मीर में बाहर से आए श्रमिक किस तरह आतंकी निशाने पर हैं।

राहुल गांधी की प्रतिक्रिया

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए दुस्साहसी आतंकी हमले में देश के दो श्रमिकों की हत्या अत्यंत दुखद है। शोकाकुल परिवारों को अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। आतंकियों के ऊपर इस कायराना हमले के लिए सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले। आतंकवाद के खिलाफ देश हमेशा एकजुट है।'

खड़गे और प्रियंका गांधी की निंदा

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर लिखा, 'जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुआ कायराना आतंकी हमला अत्यंत निंदनीय और मानवता को शर्मसार करने वाला है। दो निर्दोष मजदूरों की पहचान पूछकर उनकी निर्मम हत्या करना आतंक की क्रूर मानसिकता का घिनौना उदाहरण है। दोषियों के विरुद्ध त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए उन्हें कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।'

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हमले की कड़ी निंदा करते हुए लिखा, 'कुलगाम में हुआ कायराना आतंकी हमला अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो मजदूरों की पहचान पूछकर हत्या करना बेहद घृणित और मानवता विरोधी कृत्य है। पूरे देश की संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।'

आम जनता और प्रवासी मजदूरों पर असर

यह हमला उस व्यापक चिंता को फिर से सतह पर लाता है जो जम्मू-कश्मीर में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लंबे समय से बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में घाटी में बाहरी राज्यों के मजदूरों को निशाना बनाने की कई घटनाएँ सामने आई हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब सरकार कश्मीर में सामान्य स्थिति बहाली के दावे करती रही है।

आगे क्या होगा

सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में तत्काल अभियान शुरू कर दिया है। छत्तीसगढ़ में मृतकों के परिजनों तक सूचना पहुँचाई जा रही है। राजनीतिक दलों की माँग है कि दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए और प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी उनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस तंत्र नहीं दिखता। राजनीतिक दलों की सोशल मीडिया निंदा तात्कालिक है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संवेदना से आगे बढ़कर नीतिगत जवाबदेही तय होगी। जब तक प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर ठोस प्रोटोकॉल नहीं बनता, ऐसी घटनाएँ महज़ शोक-संदेशों का चक्र बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम आतंकी हमले में क्या हुआ?
1 अगस्त 2026 की शाम जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक ईंट-भट्ठे पर काम करने वाले दो गैर-कश्मीरी मजदूरों की पहचान पूछकर उन्हें गोली मार दी। एक मजदूर की मौके पर ही मृत्यु हुई और दूसरे ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ा।
कुलगाम हमले में मारे गए मजदूर कहाँ के थे?
दोनों मृतक मजदूर छत्तीसगढ़ के निवासी थे। वे जम्मू-कश्मीर में एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे थे।
राहुल गांधी ने कुलगाम हमले पर क्या कहा?
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर हमले को 'दुस्साहसी' और 'कायराना' बताया। उन्होंने माँग की कि आतंकियों पर सख्त कार्रवाई हो और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले।
कांग्रेस के अन्य नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हमले को 'मानवता को शर्मसार करने वाला' बताते हुए त्वरित कार्रवाई की माँग की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी हमले को 'घृणित और मानवता विरोधी कृत्य' करार देते हुए दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की।
क्या जम्मू-कश्मीर में प्रवासी मजदूर पहले भी आतंकी हमलों का निशाना बने हैं?
हाँ, पिछले कुछ वर्षों में घाटी में बाहरी राज्यों के प्रवासी मजदूरों को निशाना बनाने की कई घटनाएँ दर्ज हुई हैं। कुलगाम का यह हमला उसी चिंताजनक प्रवृत्ति की एक और कड़ी है, जो प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।
राष्ट्र प्रेस
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