महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा, ईरान मुद्दे पर निंदा में देरी पर उठाए सवाल

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महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर निशाना साधा, ईरान मुद्दे पर निंदा में देरी पर उठाए सवाल

सारांश

महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला की ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा में देरी पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इस मुद्दे पर सरकार की निष्क्रियता की आलोचना की।

मुख्य बातें

महबूबा मुफ्ती की बयानबाजी ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया।
उमर अब्दुल्ला ने ईरान पर इजरायल के हमलों की निंदा की।
ईरान मुद्दा जम्मू-कश्मीर राजनीति में महत्वपूर्ण बन गया है।

श्रीनगर, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को ईरान पर इजरायली हमलों की कड़ी निंदा की। इस पर जम्मू और कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता महबूबा मुफ्ती ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री को ईरान पर इजरायल के हमले की स्पष्ट शब्दों में निंदा करने में पूरा एक महीना लग गया।

महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह कितना निराशाजनक है कि हमारे मुख्यमंत्री, जो भारत के एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य के इकलौते मुस्लिम मुख्यमंत्री हैं, को इजरायल के ईरान पर हमले की स्पष्ट निंदा करने में पूरा एक महीना लग गया। यहां तक कि पंजाब विधानसभा ने भी तेजी दिखाते हुए सबसे पहले एक प्रस्ताव पारित कर ईरान के साथ अपनी एकजुटता जताई। फिर भी जम्मू-कश्मीर सरकार ने ऐसी कोई जल्दी या सच्ची चिंता नहीं दिखाई, बल्कि अपनी प्रतिक्रियाएं सिर्फ बयानबाजी और भाषणों तक ही सीमित रखीं।"

इससे पहले, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में ईरान संघर्ष पर चर्चा करते हुए शांति और तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ईरान पर एक नाजायज और गैर-कानूनी युद्ध थोप दिया गया है। मुझे नहीं लगता कि कोई इसके हक में बोलेगा।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, "जिस तरह इंसानियत का कत्ल करके बेहरमी से ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और उनके कई साथी और रिश्तेदारों को शहीद किया गया, उसकी जितनी भी निंदा की जाए, कम होगी। अफसोस की बात यह है कि संघर्ष वहीं रुका नहीं। स्कूल में पढ़ते हुए मासूम बच्चों को जिस तरह बेहरमी से मारा गया, शायद ही इतिहास में इस तरह की कोई घटना हुई होगी।"

उन्होंने कहा कि इस युद्ध का मकसद क्या है, यह अभी तक समझ नहीं आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति की बात सुनें तो उन्हें खुद एहसास नहीं है कि ईरान के ऊपर यह जंग क्यों थोपी गई।"

गौरतलब है कि इजरायली हमलों में ईरान के तत्कालीन सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर में लगातार विरोध देखा गया है। श्रीनगर समेत कश्मीर के कई हिस्सों में इजरायल के हमलों की निंदा करते हुए विरोध प्रदर्शन किए गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जम्मू-कश्मीर सरकार की प्रतिक्रिया की अपेक्षाएं और उनके कार्यों के बीच एक बड़ा अंतर है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महबूबा मुफ्ती ने उमर अब्दुल्ला पर क्या आरोप लगाए?
महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि उमर अब्दुल्ला को ईरान पर इजरायल के हमले की निंदा करने में एक महीने का समय लगा।
उमर अब्दुल्ला ने ईरान मुद्दे पर क्या कहा?
उमर अब्दुल्ला ने ईरान पर इजरायल के हमलों की निंदा की और शांति तथा कूटनीति का आह्वान किया।
कश्मीर में ईरान मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद इजरायली हमलों के खिलाफ कश्मीर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस