केरल सीएम विवाद: वायनाड में राहुल-प्रियंका के खिलाफ पोस्टर, केसी वेणुगोपाल को थोपने का आरोप

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केरल सीएम विवाद: वायनाड में राहुल-प्रियंका के खिलाफ पोस्टर, केसी वेणुगोपाल को थोपने का आरोप

सारांश

केरल में यूडीएफ की जीत के 10 दिन बाद भी सीएम पद पर सहमति नहीं — और अब यह खींचतान वायनाड की सड़कों पर उतर आई है। राहुल-प्रियंका को निशाना बनाने वाले गुमनाम पोस्टर, 'वायनाड दूसरा अमेठी बनेगा' की चेतावनी, और वेणुगोपाल को 'थोपे जाने' का आरोप — कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी अब खुले विद्रोह में बदल रही है।

मुख्य बातें

केरल में यूडीएफ की जीत के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद पर कोई अंतिम निर्णय नहीं।
वायनाड डीसीसी कार्यालय के पास राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को निशाना बनाने वाले गुमनाम पोस्टर प्रकट हुए।
पोस्टरों में केसी वेणुगोपाल को केरल का सीएम बनाए जाने का विरोध; उन्हें 'बैग उठाने वाला' तक कहा गया।
एक पोस्टर में चेतावनी — 'वायनाड दूसरा अमेठी बन जाएगा' , 2019 की हार का सीधा संदर्भ।
रिपोर्टों के अनुसार वेणुगोपाल को कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों के बहुमत का समर्थन प्राप्त है।
किसी भी संगठन ने पोस्टरों की जिम्मेदारी नहीं ली है।

केरल में यूडीएफ की ऐतिहासिक जीत के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद पर सहमति नहीं बन पाई है और अब यह आंतरिक खींचतान सड़कों पर उतर आई है। वायनाड के डीसीसी कार्यालय के निकट गुमनाम पोस्टर प्रकट हुए हैं, जो कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को सीधे निशाना बनाते हैं। इन पोस्टरों में केसी वेणुगोपाल को केरल का अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने के कथित प्रयास का कड़ा विरोध किया गया है।

पोस्टरों में क्या लिखा है

अंग्रेजी में लिखे इन पोस्टरों में राहुल और प्रियंका पर आरोप लगाया गया है कि वे व्यापक जनभावना के विपरीत केसी वेणुगोपाल को केरल पर थोपने की कोशिश कर रहे हैं। एक पोस्टर में चेतावनी दी गई है कि 'केरल आपको कभी माफ नहीं करेगा', जबकि दूसरे पोस्टर में घोषणा की गई है कि 'वायनाड दूसरा अमेठी बन जाएगा' — यह सीधा संदर्भ उस हार से है जो राहुल गांधी को 2019 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की अमेठी सीट पर झेलनी पड़ी थी।

पोस्टरों में वेणुगोपाल का मज़ाक उड़ाते हुए उन्हें केवल राहुल गांधी का 'बैग उठाने वाला' बताया गया है। साथ ही, यह भी लिखा गया है कि यदि नेतृत्व ने जनमत की अनदेखी की तो राहुल और प्रियंका दोनों का वायनाड में आगे स्वागत नहीं किया जाएगा। पोस्टर में लिखा है — 'सिर्फ चुनाव जीतने के लिए वायनाड मत आइए। वायनाड को भूल जाइए, अब आप यहां से दोबारा कभी नहीं जीत पाएंगे।'

वायनाड का राजनीतिक महत्व

गौरतलब है कि वायनाड कभी राहुल गांधी का राजनीतिक गढ़ रहा है और अब इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व प्रियंका गांधी वाड्रा करती हैं। इसी निर्वाचन क्षेत्र से उठ रहा यह गुस्सा गांधी भाई-बहन के केरल की राजनीति पर प्रभाव को एक खुली चुनौती बन गया है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर सीएम पद को लेकर गुटबाजी चरम पर है।

विरोधाभास: जनता बनाम विधायक

इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा विरोधाभास सामने आया है। जहाँ एक ओर केरल के एक बड़े तबके में वेणुगोपाल की उम्मीदवारी को लेकर विरोध का भाव दिखाई दे रहा है, वहीं रिपोर्टों के अनुसार उन्हें कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों के बहुमत का समर्थन प्राप्त है। इस विरोधाभास ने पार्टी के 'हाईकमान' को एक पेचीदी स्थिति में डाल दिया है।

हाईकमान की चुप्पी

किसी भी संगठन ने इन पोस्टरों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालाँकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इनका सामने आना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी अब बंद दरवाजों के पीछे होने वाली लॉबिंग से आगे बढ़कर खुले राजनीतिक विद्रोह का रूप ले चुकी है। नई दिल्ली में लंबी चर्चाओं के बावजूद अब तक कोई अंतिम घोषणा नहीं हुई है।

आगे क्या होगा

केरल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री पद की घोषणा में हो रही देरी कांग्रेस हाईकमान के लिए एक कठिन परीक्षा बन चुकी है। यदि जल्द कोई निर्णय नहीं लिया गया तो वायनाड से उठ रहा यह असंतोष अन्य जिलों तक भी फैल सकता है, जो यूडीएफ की नई सरकार के लिए शुभ संकेत नहीं होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जनता का विरोध इतना मुखर है — यह दर्शाता है कि पार्टी और उसके मतदाताओं के बीच संवाद की गहरी खाई है। वायनाड जैसे भावनात्मक रूप से जुड़े क्षेत्र से उठ रही यह आवाज़ हाईकमान के लिए महज एक स्थानीय असंतोष नहीं, बल्कि एक गंभीर राजनीतिक संकेत है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वायनाड में राहुल-प्रियंका के खिलाफ पोस्टर क्यों लगाए गए?
ये पोस्टर केरल में यूडीएफ की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद पर चल रही खींचतान के बीच सामने आए हैं। पोस्टरों में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर केसी वेणुगोपाल को केरल पर थोपने का आरोप लगाया गया है, जबकि उनके खिलाफ व्यापक जनभावना बताई जा रही है।
केसी वेणुगोपाल कौन हैं और केरल सीएम विवाद से उनका क्या संबंध है?
केसी वेणुगोपाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और रिपोर्टों के अनुसार उन्हें केरल के अगले मुख्यमंत्री के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्हें कांग्रेस के नवनिर्वाचित विधायकों के बहुमत का समर्थन बताया जा रहा है, लेकिन जनता के एक बड़े तबके में उनकी उम्मीदवारी को लेकर विरोध है।
'वायनाड दूसरा अमेठी बन जाएगा' पोस्टर का क्या मतलब है?
यह चेतावनी 2019 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी की अमेठी सीट पर हुई शर्मनाक हार का संदर्भ देती है। इसका अर्थ है कि यदि हाईकमान ने जनमत की अनदेखी की तो वायनाड में भी कांग्रेस को ऐसी ही राजनीतिक पराजय का सामना करना पड़ सकता है।
इन पोस्टरों की जिम्मेदारी किसने ली है?
अब तक किसी भी संगठन या व्यक्ति ने इन पोस्टरों की जिम्मेदारी नहीं ली है। ये पोस्टर गुमनाम रूप से वायनाड डीसीसी कार्यालय के पास लगाए गए थे।
केरल में यूडीएफ की जीत के बाद सीएम का फैसला क्यों नहीं हुआ?
यूडीएफ की जीत के 10 दिन बाद भी मुख्यमंत्री पद पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है क्योंकि गठबंधन के भीतर गहरी गुटबाजी है। नई दिल्ली में लंबी चर्चाओं के बावजूद हाईकमान ने अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस