केरल चुनाव की तारीखों पर केसी वेणुगोपाल का बयान: स्थानीय परिस्थितियों की अनदेखी
सारांश
Key Takeaways
- केसी वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग की तारीखों पर सवाल उठाए हैं।
- पहले चरण का मतदान 9 अप्रैल को होगा।
- महत्वपूर्ण त्योहारों के कारण प्रचार का समय सीमित होगा।
- कांग्रेस पार्टी ने चुनावी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी है।
- कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाई गई है।
नई दिल्ली, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल समेत चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का ऐलान होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आ गई है। कांग्रेस के नेताओं ने अपनी जीत का विश्वास जताया है, लेकिन चुनाव आयोग की तारीखों पर भी सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है और उन्हें विश्वास है कि कांग्रेस जीत हासिल करेगी। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार पहले चरण का मतदान 9 अप्रैल को होगा। नामांकन की अंतिम तारीख 23 है, जबकि नामांकन पत्रों की जांच 24 को होगी और 26 तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद लगभग 11 दिन का प्रचार का समय मिलेगा।
वेणुगोपाल ने यह भी आरोप लगाया कि केरल में चुनाव की तारीख निर्धारित करते समय स्थानीय परिस्थितियों का ध्यान नहीं रखा गया है। उनके अनुसार, पहले ही सप्ताह में ईस्टर और गुड फ्राइडे जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पड़ रहे हैं, जिससे प्रचार का समय प्रभावित होगा। उनका कहना था कि चुनाव आयोग को पहले से तारीखों की घोषणा करनी चाहिए थी।
उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि जब मतगणना 4 मई को होनी है, तो केरल में चुनाव इतनी जल्दी कराने का क्या कारण है। उन्होंने केरल, पुडुचेरी और असम में एक ही दिन मतदान कराने की योजना पर भी सवाल खड़े किए।
सांसद मनोज कुमार झा ने चुनाव तारीखों को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को थोड़ी प्रतीक्षा करनी चाहिए थी, क्योंकि जल्दबाजी में तारीखें घोषित करने से संदेह की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने यह भी कहा कि महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता पर भरोसा कब स्थापित करेगा।
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पार्टी ने केरल में मजबूत तैयारियां की हैं और वहां कांग्रेस मुख्य राजनीतिक ताकत है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में पार्टी को सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त है और पुडुचेरी में भी कांग्रेस की प्रमुख भूमिका है। अमर सिंह ने यह भी कहा कि केरल में कांग्रेस की सरकार बनने की पूरी संभावना है।
इस बीच, कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने बहुजन समाज के नेता कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने दलितों के अधिकारों के लिए मिशन की तरह कार्य किया और पूरे देश में उनकी आवाज को बुलंद किया।
किशोरी शर्मा ने कहा कि कांशीराम पर कभी कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं लगा और उनका जीवन सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा, इसलिए उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांशीराम को किसी एक पार्टी से नहीं जोड़ा जाना चाहिए, क्योंकि उनका काम पूरे समाज के लिए था।