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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार से मुलाकात की

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उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार से मुलाकात की

सारांश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम के ललपोरा पहुँचकर शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिवार से मुलाकात की। कुरैशी ने 22 जुलाई को अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में सर्वोच्च बलिदान दिया था। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हमले की कड़ी निंदा की है।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बडगाम जिले के ललपोरा में शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।
हेड कांस्टेबल कुरैशी ने 22 जुलाई को अनंतनाग में हुए आतंकी हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
कुरैशी जम्मू-कश्मीर पुलिस की तीसरी बटालियन, इंडियन रिजर्व पुलिस में तैनात थे।
सिन्हा ने एक्स पर लिखा कि पूरा देश शहीद के परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की निंदा करते हुए 22 जुलाई को ही शोक व्यक्त किया था।

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार, 25 जुलाई को बडगाम जिले के बीरवाह स्थित ललपोरा गाँव पहुँचकर शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। हेड कांस्टेबल कुरैशी ने 22 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में हुए एक आतंकी हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया था।

शहीद का परिचय और बलिदान

हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी जम्मू-कश्मीर पुलिस की तीसरी बटालियन, इंडियन रिजर्व पुलिस में तैनात थे। 22 जुलाई को अनंतनाग में हुए कायराना आतंकी हमले के दौरान उन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी। यह हमला उस समय हुआ जब सुरक्षाबल आतंकियों के विरुद्ध अभियान में संलग्न थे।

उपराज्यपाल की संवेदना और संदेश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने परिवार से मिलकर कहा कि शहीद जवान का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी का साहस और बलिदान हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा। पूरा देश उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण को सलाम करता है और इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है।'

सिन्हा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के अभियान में निरंतर जुटे हुए हैं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया

हमले के दिन ही 22 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा था कि ड्यूटी के दौरान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की शहादत की खबर से उन्हें गहरा दुख पहुँचा है। उन्होंने अनंतनाग में हुए इस आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की और शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई।

आतंकवाद-विरोधी अभियान का व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबल आतंकियों के विरुद्ध लगातार अभियान चला रहे हैं। गौरतलब है कि घाटी में हाल के महीनों में आतंकी गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसके मद्देनजर बलों की तैनाती और गश्त को और सघन किया गया है।

उपराज्यपाल सिन्हा ने विश्वास जताया कि शहीद आशिक हुसैन कुरैशी का बलिदान और मातृभूमि के प्रति उनका प्रेम एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और विकसित जम्मू-कश्मीर के निर्माण की दिशा में सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अनंतनाग जैसे हमले बार-बार क्यों हो रहे हैं। घाटी में सुरक्षाबलों की तैनाती और खुफिया तंत्र की मज़बूती पर गंभीर समीक्षा की दरकार है। शहीद जवानों के परिवारों को संवेदना से परे ठोस पुनर्वास और दीर्घकालिक सहायता की आवश्यकता है, जिस पर अक्सर राजनीतिक बयानों में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी कौन थे?
हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी जम्मू-कश्मीर पुलिस की तीसरी बटालियन, इंडियन रिजर्व पुलिस में तैनात थे। उन्होंने 22 जुलाई को दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में हुए एक आतंकी हमले के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शहीद के परिवार से कब और कहाँ मुलाकात की?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को बडगाम जिले के बीरवाह स्थित ललपोरा पहुँचकर शहीद के परिजनों से मुलाकात की और उनके प्रति संवेदना व्यक्त की।
अनंतनाग आतंकी हमले पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 22 जुलाई को एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए इस हमले को कायराना बताया और कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-विरोधी अभियान की स्थिति क्या है?
उपराज्यपाल सिन्हा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर पुलिस, भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के अभियान में निरंतर जुटे हुए हैं।
शहीद कुरैशी के परिवार के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने व्यक्तिगत रूप से परिवार से मिलकर सरकार की एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पूरा देश इस कठिन समय में परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है, हालाँकि विशेष आर्थिक सहायता का विवरण अभी सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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