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चंडीगढ़ सेक्टर-11 केमिस्ट शॉप पर फायरिंग: 13 गोलियाँ, एक मौत; पार्षद सचिन गलांव ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

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चंडीगढ़ सेक्टर-11 केमिस्ट शॉप पर फायरिंग: 13 गोलियाँ, एक मौत; पार्षद सचिन गलांव ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

सारांश

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में एक केमिस्ट शॉप पर दिनदहाड़े 13 गोलियाँ चलाई गईं और हिमाचल प्रदेश के एक मेहनतकश की जान चली गई। पार्षद सचिन गलांव का सवाल तीखा है — पुलिस बूथ और सीसीटीवी के बावजूद हमलावर बेखौफ फरार कैसे हो गए?

मुख्य बातें

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में 14 जून को एक केमिस्ट शॉप पर दिनदहाड़े गोलीबारी, पीड़ित की मौके पर मृत्यु।
हमलावरों ने करीब से 13 गोलियाँ चलाईं और वारदात के बाद फरार हो गए।
मृतक हिमाचल प्रदेश का निवासी था, रोजगार के लिए चंडीगढ़ आया था; पूर्व में कोई धमकी का रिकॉर्ड नहीं।
वार्ड नंबर 13 के पार्षद सचिन गलांव ने पुलिस और प्रशासन की सुरक्षा रणनीति पर गंभीर सवाल उठाए।
गलांव ने सेक्टर-9 हत्या और सेक्टर-37 ग्रेनेड हमले सहित कई हालिया वारदातों का हवाला दिया।
पार्षद ने तात्कालिक कार्रवाई के बजाय स्थायी सुरक्षा रणनीति की माँग की।

चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित एक केमिस्ट शॉप पर 14 जून को दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने करीब से 13 गोलियाँ चलाईं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। इस घटना के बाद वार्ड नंबर 13 के पार्षद सचिन गलांव ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं।

घटना का विवरण

पार्षद गलांव के अनुसार, प्रारंभ में यह सूचना मिली थी कि पीड़ित घायल हुआ है, लेकिन बाद में पुष्टि हुई कि उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई थी। हमलावरों ने करीब से 13 गोलियाँ दागीं, जो यह संकेत करता है कि वे पूरी तैयारी के साथ आए थे। वारदात के बाद सभी हमलावर फरार हो गए।

मृतक हिमाचल प्रदेश का निवासी था और रोजगार की तलाश में चंडीगढ़ आया हुआ था। वह अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यहाँ काम कर रहा था। गलांव ने कहा कि प्रारंभिक जाँच में यह सामने नहीं आया कि मृतक या दुकान के मालिक को पहले कोई धमकी मिली हो, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है।

सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

गलांव ने कहा कि घटनास्थल के निकट पुलिस बूथ, थाना और अन्य सुरक्षा संस्थान मौजूद हैं, फिर भी हमलावर आसानी से फरार हो गए। उन्होंने कहा कि शहर में सीसीटीवी कैमरे, ट्रैफिक लाइट्स और निगरानी प्रणाली होने के बावजूद अपराधियों का पकड़ में न आना गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल कुछ पुलिसकर्मियों की तैनाती से सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती — व्यापक स्तर पर रणनीति में बदलाव की आवश्यकता है।

आपराधिक घटनाओं का बढ़ता सिलसिला

गलांव ने पिछले कुछ महीनों की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सेक्टर-9 में हत्या, सेक्टर-37 स्थित दफ्तर पर ग्रेनेड हमला और अन्य कई आपराधिक वारदातें यह दर्शाती हैं कि अपराधियों के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ को आमतौर पर एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शहर माना जाता है, लेकिन हालिया घटनाएँ इस धारणा को चुनौती दे रही हैं।

आम जनता पर असर

पार्षद ने बताया कि घटना के बाद उनके वार्ड के कई निवासी उनसे मिलने आए और उन्होंने असुरक्षा की भावना व्यक्त की। लोगों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की वारदात हो सकती है, तो आम नागरिक कैसे सुरक्षित रह सकते हैं।

स्थायी समाधान की माँग

गलांव ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस की तात्कालिक कार्रवाई — मुठभेड़ या गिरफ्तारी — तो होती है, लेकिन मूल समस्या जस की तस बनी रहती है। उन्होंने प्रशासन से माँग की कि सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक की समीक्षा की जाए और एक स्थायी एवं सख्त रणनीति अपनाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रणालीगत विफलता का संकेत है। सेक्टर-37 ग्रेनेड हमले के बाद अब यह फायरिंग — यह पैटर्न बताता है कि अपराधी सुरक्षा तंत्र की सीमाओं को भाँप चुके हैं। सीसीटीवी और पुलिस बूथ की मौजूदगी के बावजूद हमलावरों का बेखौफ निकल जाना यह सवाल खड़ा करता है कि निगरानी ढाँचा प्रतिक्रियाशील है या निवारक। जब तक प्रशासन खामियों की जवाबदेही तय नहीं करता और रणनीति में बुनियादी बदलाव नहीं लाता, तब तक हर गिरफ्तारी महज एक अस्थायी राहत बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ सेक्टर-11 केमिस्ट शॉप फायरिंग में क्या हुआ?
14 जून को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित एक केमिस्ट शॉप पर दिनदहाड़े गोलीबारी हुई, जिसमें हमलावरों ने करीब से 13 गोलियाँ चलाईं और एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई। हमलावर वारदात के बाद फरार हो गए।
फायरिंग में मारे गए व्यक्ति की पहचान क्या है?
मृतक हिमाचल प्रदेश का निवासी था और रोजगार के लिए चंडीगढ़ में काम कर रहा था। प्रारंभिक जाँच के अनुसार उसे या दुकान के मालिक को पहले कोई धमकी मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है।
पार्षद सचिन गलांव ने क्या माँग की है?
वार्ड नंबर 13 के पार्षद सचिन गलांव ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा और स्थायी रणनीति अपनाने की माँग की है। उन्होंने कहा कि केवल तात्कालिक गिरफ्तारी या मुठभेड़ से मूल समस्या हल नहीं होगी।
चंडीगढ़ में हाल ही में और कौन-सी आपराधिक घटनाएँ हुई हैं?
पार्षद गलांव ने सेक्टर-9 में हत्या और सेक्टर-37 स्थित दफ्तर पर ग्रेनेड हमले का उल्लेख किया है। उनके अनुसार पिछले कुछ महीनों में इस तरह की आपराधिक वारदातों में वृद्धि हुई है।
घटनास्थल के पास सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद हमलावर कैसे फरार हो गए?
यह अभी जाँच का विषय है। पार्षद गलांव ने कहा कि घटनास्थल के निकट पुलिस बूथ, थाना और सीसीटीवी निगरानी प्रणाली मौजूद होने के बावजूद हमलावरों का फरार हो जाना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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