फडणवीस का बड़ा आरोप: राहुल गांधी 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' से 'रेजीम चेंज' की कोशिश कर रहे हैं
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 5 नवंबर 2026 को नागपुर में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि राहुल गांधी एक 'अंतरराष्ट्रीय साजिश' का नेतृत्व कर भारत में सत्ता परिवर्तन लाने की कोशिश कर रहे हैं। वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) और महायुति द्वारा आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च को संबोधित कर रहे थे।
मुख्य आरोप और बयान
फडणवीस ने कहा, 'राहुल गांधी और उनके सहयोगी लोकतंत्र और संविधान को निशाना बना रहे हैं।' उन्होंने राहुल गांधी की 'सड़कों पर उतरकर लड़ने' की पूर्व की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनौती दी — 'याद रखें, यह डॉ. बाबासाहेब का संविधान है, और हम भी सड़कों पर उतरकर लड़ने में पूरी तरह सक्षम हैं।'
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल सरकार बदलना नहीं, बल्कि 'भारत के लोकतांत्रिक ढाँचे को पूरी तरह से बदलना' है। फडणवीस के अनुसार, राहुल गांधी 'अल्ट्रा-लेफ्ट' व्यवस्था स्थापित करने की मंशा रखते हैं और एक 'अंतरराष्ट्रीय गुट' का नेतृत्व कर रहे हैं।
संविधान के रंग पर विवाद
मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के हाथ में दिखने वाले लाल रंग के संविधान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डॉ. बी. आर. अंबेडकर का संविधान नीले रंग का था, और लाल रंग का संविधान कहाँ से आया। फडणवीस ने दावा किया कि स्वयं बाबासाहेब ने अपने भाषण में 'लाल झंडे' को संविधान के लिए खतरा बताया था।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संविधान की प्रतियाँ लेकर सार्वजनिक अभियान चला रहा है और सत्तारूढ़ दल उस पर 'संविधान की आड़ में संस्थाओं को कमज़ोर करने' का आरोप लगा रहे हैं।
आपातकाल और कांग्रेस का इतिहास
फडणवीस ने 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी की सरकार ने नागरिकों के मौलिक अधिकार छीने थे। उनके अनुसार, कांग्रेस ही वह पार्टी है जिसका संविधान और सर्वोच्च न्यायालय से खिलवाड़ का इतिहास रहा है।
गौरतलब है कि आपातकाल की दलील भाजपा नेता अक्सर कांग्रेस की 'लोकतंत्र विरोधी' छवि बनाने के लिए उठाते हैं। इस बार फडणवीस ने इसे बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान के उदाहरणों से जोड़ा।
मतदाता सूची विवाद पर हमला
मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'मृत मतदाताओं' के नाम फिर से सूची में जोड़ने की माँग कर रहे हैं क्योंकि उन्हें जीवित मतदाताओं पर भरोसा नहीं। उन्होंने कहा कि 'घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं', इसीलिए विपक्ष को आपत्ति है।
फडणवीस ने चेतावनी देते हुए कहा — 'अगर आप संविधान के साथ खिलवाड़ करेंगे, तो आपके अपने हाथ ही जल जाएँगे।' उन्होंने जनता से आह्वान किया कि अगर अभी नहीं जागे तो भारत का लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है।
आगे क्या
इस रैली के बाद राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से फडणवीस के आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में आगामी राजनीतिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि तैयार करता है।