फडणवीस का राहुल गांधी पर तीखा हमला: 'वोट नहीं, राहुल का दिमाग चोरी हुआ है'
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 27 सितंबर 2026 को नागपुर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा प्रहार किया। फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संविधान की आड़ में संवैधानिक संस्थाओं को जन-दृष्टि में कमज़ोर करने का सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं।
संविधान और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'राहुल गांधी का मकसद सभी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करना और उनके प्रति जनता के मन में अविश्वास पैदा करना है।' उन्होंने आगे कहा कि इस रणनीति का अंतिम लक्ष्य देश में अराजकता फैलाकर इन संस्थाओं को वामपंथी विचारधारा की ओर धकेलना है। फडणवीस के अनुसार, यह राहुल गांधी का एक 'सुनियोजित डिज़ाइन' है।
SIR और वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार
मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) के ज़रिये वोट हटाए जाने के विपक्षी आरोपों पर सीधे जवाब देते हुए फडणवीस ने सवाल किया कि यदि SIR के माध्यम से भाजपा-विरोधी मत हटाए गए, तो पश्चिम बंगाल में उन कम-से-कम 15 क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) कैसे जीती, जहाँ SIR के कारण बड़े पैमाने पर मत कम हुए। उनके अनुसार, यह तर्क स्वयं विपक्ष के आरोपों की खोखलापन उजागर करता है।
फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया में प्रत्येक राजनीतिक दल को अपना बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने और मतदाता सूची के हर नाम पर आपत्ति दर्ज करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'अगर किसी पात्र मतदाता का नाम छूट गया है, तो आप आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।'
विपक्ष पर प्रक्रिया से पलायन का आरोप
फडणवीस ने कहा कि विपक्ष को पता है कि SIR की प्रक्रिया चल रही है, फिर भी वह उसमें भाग नहीं लेता और बाद में हंगामा खड़ा करता है। उन्होंने तर्क दिया, 'आपको प्रक्रिया में शामिल नहीं होना है, आपको केवल हंगामा खड़ा करना है।' मुख्यमंत्री के अनुसार, जनता में विश्वसनीयता न होने और ठोस मुद्दों के अभाव में ऐसे कृत्रिम मुद्दे उठाए जाते हैं।
फडणवीस का सबसे तीखा बयान
अपने भाषण के सबसे चर्चित हिस्से में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, 'मैं बहुत साफ शब्दों में कहना चाहता हूं — कोई वोट चोरी नहीं हुई है, राहुल गांधी का दिमाग चोरी हो गया है।' उन्होंने व्यंग्यपूर्वक यह भी कहा कि वे प्रधानमंत्री से आग्रह करना चाहते हैं कि एक ऐसी समिति बनाई जाए जो राहुल गांधी का 'दिमाग ढूंढकर वापस लाए', ताकि वे देशहित, सही और सच्ची बात कर सकें।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर देशभर में सरकार पर दबाव बना रहे हैं। गौरतलब है कि SIR को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच यह आरोप-प्रत्यारोप का दौर हाल के हफ्तों में तेज़ हुआ है। फडणवीस का यह बयान भाजपा की पलटवार रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है, जिसमें विपक्षी नैरेटिव को उसी के तर्क से काटने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की प्रतिक्रिया और SIR पर राजनीतिक बहस और तीखी होने की संभावना है।