17 अक्टूबर 2026
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मुंबई में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप, सिर्फ 15-20 लोग आए: भाजपा नेता राम कदम

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मुंबई में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन फ्लॉप, सिर्फ 15-20 लोग आए: भाजपा नेता राम कदम

सारांश

मुंबई में विपक्ष का विरोध प्रदर्शन महज 15-20 लोगों तक सिमट गया — भाजपा नेता राम कदम ने इसे कांग्रेस की राजनीतिक खोखलेपन का सबूत बताया। साथ ही आदित्य ठाकरे की विचारधारा और राहुल गांधी के चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों को लेकर तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

भाजपा नेता राम कदम ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शन को फ्लॉप करार दिया।
कदम के अनुसार प्रदर्शन में केवल 15 से 20 लोग ही शामिल हुए।
शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे पर आरोप — वे अशांति फैलाने वालों का समर्थन कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद चुनाव आयोग पर लगाए आरोपों के सबूत न देने का आरोप।
कदम ने सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर भी सवाल उठाए, कहा — कानून सभी के लिए समान है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राम कदम ने 17 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शन को 'पूरी तरह फ्लॉप' करार दिया। कदम के अनुसार, इस प्रदर्शन में केवल 15 से 20 लोग ही शामिल हुए, जिसे उन्होंने कांग्रेस, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे की राजनीतिक विफलता का प्रतीक बताया।

प्रदर्शन की कम भागीदारी पर भाजपा का हमला

राम कदम ने कहा, 'रेत पर खड़ी की गई नींव ज्यादा समय तक टिक नहीं सकती और मुंबई में हुए इस विरोध प्रदर्शन का भी यही हाल हुआ।' उन्होंने कांग्रेस को 'कॉकरोच पार्टी' कहते हुए आरोप लगाया कि धीरे-धीरे दूसरे संगठन भी कांग्रेस से दूरी बना रहे हैं, क्योंकि — उनके शब्दों में — 'सच्चाई को लंबे समय तक छिपाया नहीं जा सकता।'

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है।

आदित्य ठाकरे की विचारधारा पर सवाल

राम कदम ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे के बयानों और सोशल मीडिया पर उनकी गतिविधियों को लेकर सवाल उठाए। कदम ने कहा कि क्या ठाकरे वास्तव में ऐसे राजनीतिक विचार रखते हैं, अथवा उनके सलाहकार उन्हें गलत दिशा में ले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदित्य ठाकरे उस राजनीतिक खेमे का समर्थन कर रहे हैं, जिस पर — उनके दावे के अनुसार — भारत में अशांति फैलाने की मंशा रखने का आरोप है।

कदम ने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका में हुई अशांति का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या आदित्य ठाकरे भारत में भी ऐसी परिस्थितियाँ उत्पन्न करने वालों का समर्थन करेंगे। गौरतलब है कि ये आरोप राम कदम के अपने दावे हैं और इन पर विपक्ष का कोई आधिकारिक जवाब तत्काल उपलब्ध नहीं हुआ।

राहुल गांधी और चुनाव आयोग विवाद

कदम ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने बताया कि देश के सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने राहुल गांधी को सात दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल कर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। कदम के अनुसार, राहुल गांधी अब तक किसी सार्वजनिक मंच पर अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण पेश करने में विफल रहे हैं।

जंतर-मंतर प्रदर्शन और कानून व्यवस्था का सवाल

सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के एक प्रदर्शन के संदर्भ में भी राम कदम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को आंदोलन के लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया था, तो उन्होंने जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन करने का फैसला क्यों किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कानून सभी के लिए समान है और किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता।

कदम ने कहा, 'कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई गिरफ्तारी का विरोध करने के लिए आंदोलन करना उचित नहीं है।' उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेता आंदोलन की आड़ में राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

आगे की राजनीतिक तस्वीर

भाजपा की यह आक्रामक प्रतिक्रिया महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावी माहौल के बीच विपक्ष पर दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। राम कदम के इन बयानों पर कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति का रुख तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे तथ्यात्मक आधार से ज्यादा राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जाना चाहिए। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है, वह यह है कि इस तरह के बयान चुनावी मौसम में जनमत को ध्रुवीकृत करने के लिए जानबूझकर दिए जाते हैं।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा नेता राम कदम ने मुंबई के विरोध प्रदर्शन के बारे में क्या कहा?
राम कदम ने कहा कि मुंबई में हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शन में केवल 15 से 20 लोग ही पहुँचे, जो इसे पूरी तरह फ्लॉप साबित करता है। उन्होंने इसे कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की जनाधार की कमी का प्रमाण बताया।
राम कदम ने आदित्य ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
राम कदम ने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे उन तत्वों का समर्थन कर रहे हैं जो कथित तौर पर भारत में अशांति फैलाने की मंशा रखते हैं। उन्होंने पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका की अशांति का उल्लेख करते हुए विपक्ष की विचारधारा पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी और चुनाव आयोग विवाद में क्या है?
राम कदम के अनुसार सर्वोच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश ने राहुल गांधी को सात दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल कर चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों के समर्थन में साक्ष्य देने का निर्देश दिया था। कदम का दावा है कि राहुल गांधी अब तक ठोस प्रमाण पेश करने में विफल रहे हैं।
सीजेपी के जंतर-मंतर प्रदर्शन पर राम कदम ने क्या कहा?
राम कदम ने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा कारणों से प्रदर्शनकारियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया था, तो उन्होंने जंतर-मंतर पर ही प्रदर्शन क्यों किया। उन्होंने कहा कि देश में कानून सभी के लिए समान है और कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं है।
इन बयानों का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
भाजपा की यह आक्रामक प्रतिक्रिया महाराष्ट्र में चुनावी माहौल के बीच MVA गठबंधन को कमज़ोर दिखाने की रणनीति मानी जा रही है। आने वाले दिनों में कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) की प्रतिक्रिया राज्य की राजनीतिक दिशा तय करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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