राम कदम का राहुल गांधी पर पलटवार: 'आरएसएस पर बयान से पहले तथ्य जानें, अधूरी जानकारी से बचें'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राम कदम ने 21 अक्टूबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर टिप्पणी करने से पहले उन्हें तथ्यों का सही ढंग से अध्ययन कर लेना चाहिए। कदम ने यह भी कहा कि केवल सुर्खियाँ बटोरने के लिए अधूरी जानकारी के आधार पर की गई टिप्पणियाँ किसी विपक्षी नेता के लिए उचित नहीं हैं।
राहुल गांधी पर कदम का सीधा हमला
राम कदम ने कहा कि राहुल गांधी को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगाने और आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन किसी संगठन पर बयान देने से पहले उस संगठन की वास्तविकता को जानना ज़रूरी है। उन्होंने सवाल किया कि क्या गांधी को यह जानकारी नहीं है कि आरएसएस से जुड़ी महिलाओं की भी एक इकाई है, जो देशभर में सक्रिय रूप से कार्यरत है।
कदम ने राहुल गांधी के सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर किए जाने वाले पोस्ट पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस तरह के बयानों से भ्रामक संदेश फैलता है। उनके अनुसार, विपक्ष के किसी नेता को तथ्यों की जाँच किए बिना संगठनों पर इस प्रकार के आरोप नहीं लगाने चाहिए।
उद्धव ठाकरे पर दोहरे रवैये का आरोप
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के हालिया भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए राम कदम ने दावा किया कि उस भाषण में 'ऑपरेशन टाइगर 3' को लेकर उनकी चिंता और हिंदुत्व छोड़ने का पछतावा साफ दिखाई दिया। कदम ने कहा कि इसी कारण ठाकरे ने अपने संबोधन में बार-बार 'भगवा' शब्द का उल्लेख किया और छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम लिया।
कदम ने उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने उमर खालिद का समर्थन करने और राहुल गांधी के साथ राजनीतिक रूप से खड़े होने पर भी ठाकरे की आलोचना की। गौरतलब है कि महाराष्ट्र की राजनीति में हिंदुत्व बनाम धर्मनिरपेक्षता की यह बहस विधानसभा चुनावों के नज़दीक और गहरी होती जा रही है।
राहुल गांधी पर सनातन धर्म और भगवा का आरोप
राम कदम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी लगातार सनातन धर्म पर निशाना साधते हैं और 'भगवा' को आतंकवाद से जोड़ते हैं। कदम के अनुसार, यह रवैया देश की सांस्कृतिक भावनाओं के विरुद्ध है और ऐसे बयान राजनीतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देते हैं।
संजय राउत पर भी निशाना
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत पर भी राम कदम ने हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र के ऐतिहासिक योद्धाओं संताजी और धनाजी का उल्लेख करते हुए कहा कि मुगल काल में उनका इतना खौफ था कि लोग उनकी परछाई से भी डरते थे — यह टिप्पणी कथित तौर पर राउत की हालिया राजनीतिक बयानबाज़ी के संदर्भ में की गई।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच सियासी तनाव चरम पर है। BJP और उसके सहयोगी आरएसएस, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद जैसे मुद्दों को केंद्र में रखकर विपक्ष को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयानबाज़ी भरे हमले ज़मीनी मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करते हैं। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक नोकझोंक के और तेज़ होने की संभावना है।