उद्धव ठाकरे हमेशा गलत मंच चुनते हैं: महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधानसभा के अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने 22 जुलाई को मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वे हमेशा गलत मंच का चुनाव करते रहे हैं। यह टिप्पणी तब आई जब ठाकरे जंतर-मंतर पर सिटिज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
नार्वेकर का ठाकरे पर सीधा हमला
नार्वेकर ने कहा, 'मुझे उद्धव ठाकरे के बारे में कुछ भी कहने में कोई विशेष रुचि नहीं है, लेकिन वे हमेशा गलत मंच ही चुनते रहे हैं।' उनका यह बयान उस समय आया जब महाराष्ट्र की राजनीति में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी के बीच टकराव तेज़ है।
संसद बनाम सड़क: लोकतंत्र पर बहस
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर नार्वेकर ने स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र में संसद को सबसे ऊंचे मंदिर का दर्जा दिया गया है। यहाँ चर्चा और बहस लोगों के हितों में होनी चाहिए। संसद को छोड़कर सड़कों पर जाकर विरोध-प्रदर्शन करना और उसे प्राथमिकता देना, क्या लोकतंत्र के लिए सही है?' उनका तर्क था कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तब बहस सदन के भीतर ही होनी चाहिए।
राहुल गांधी के काले कपड़ों पर प्रतिक्रिया
संसद में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी द्वारा काले कपड़े पहनकर विरोध जताने के सवाल पर नार्वेकर ने कहा, 'विरोध और असहमति जताना हर व्यक्ति का अधिकार है, यह विपक्ष का अधिकार भी है। हालांकि, उस विरोध को संवैधानिक तरीके से जताना कहीं ज़्यादा ज़रूरी है। अगर विरोध जताना आपका अधिकार है, तो उसे जिम्मेदारी से जताना आपका कर्तव्य है।' उन्होंने आगे कहा कि जो जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारियाँ नहीं समझते, उन्हें जनता सिखाएगी।
देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर
इसी दौरान नार्वेकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महाराष्ट्र राज्य कार्यालय में आयोजित रक्तदान शिविर का मुख्य अतिथि के रूप में उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, 'रक्तदान मानवता की सच्ची सेवा है और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवन बचाने का काम करता है।' नार्वेकर ने नागरिकों से ऐसी पहलों में बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) और सत्तारूढ़ महायुति के बीच महाराष्ट्र में राजनीतिक तनातनी लगातार बनी हुई है। नार्वेकर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल केंद्र सरकार के खिलाफ विभिन्न मंचों पर आंदोलन तेज़ कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक वाकयुद्ध के और तीखे होने की संभावना है।