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क्या उद्धव ठाकरे मुसलमानों के दुश्मन हैं? वारिस पठान का बयान

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क्या उद्धव ठाकरे मुसलमानों के दुश्मन हैं? वारिस पठान का बयान

सारांश

बीएमसी चुनावों के दौरान वारिस पठान ने भाजपा और उद्धव ठाकरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह दोनों मुसलमानों के दुश्मन हैं। उनके बयान ने चुनावी माहौल में एक नई हलचल पैदा कर दी है। जानें पूरी सच्चाई इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

बीएमसी चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप बढ़ रहे हैं।
वारिस पठान ने उद्धव ठाकरे और भाजपा पर कटाक्ष किए हैं।
मतदाताओं को अपने वोट का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
राजनीतिक नेताओं को अपने कार्यों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
धार्मिक ध्रुवीकरण एक गंभीर मुद्दा है।

मुंबई, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का खेल गर्मा गया है। एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने भाजपा और उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ये दोनों मुसलमानों के दुश्मन हैं।

मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि उद्धव ठाकरे वही व्यक्ति हैं जिन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहते हुए कहा था कि 'हमें गर्व है कि शिवसैनिकों ने बाबरी मस्जिद गिराई।' राज ठाकरे, जो उनके साथ चुनाव लड़ रहे हैं, वे पहले ऐसे शख्स थे जिन्होंने मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की बात की थी। इन लोगों ने मुसलमानों के लिए कुछ नहीं किया। अब वे वोट के लिए मुसलमानों से अपील कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये लोग 25 साल तक सत्ता में रहे। मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का बजट 70,000 करोड़ रुपए से अधिक है, जो कई राज्यों के बजट से ज्यादा है। फिर भी, अगर आधे घंटे की बारिश होती है तो पूरे शहर में पानी भर जाता है, ट्रेनें रुक जाती हैं, ट्रैफिक जाम हो जाता है और सब कुछ ठप हो जाता है। मानखुर्द, शिवाजी नगर, गोवंडी जैसे इलाकों में खुले पड़े नाले और ड्रेनेज लाइनें दिखा सकता हूं। मैं पूछना चाहता हूं कि इतने बड़े फंड का आपने क्या किया, कुछ नहीं किया। अगर काम किया होता, तो आज यह हालत नहीं होती। बस तुष्टिकरण की राजनीति चल रही है।

वारिस पठान ने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि अपने वोट का सही इस्तेमाल करें। पोलिंग बूथ पर जाएं, वोट डालें और लोकतंत्र को मजबूत करें। यह चुनाव 2017 के बाद लगभग 8 साल बाद आया है, इसलिए जहां आपके उम्मीदवार खड़े हैं, अगर आपको लगता है कि वे आपके साथ देंगे और विकास के लिए काम करेंगे, तो उन्हें वोट दें। यह चुनाव सड़कों, गलियों और नालियों के बारे में है। ऐसे लोगों को वोट दें जो आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों, न कि वे जो अपनी तिजोरियां कैश से भरते हैं और आपके काम नहीं करते। वोट डालें, अपने वोट को ताकत बनाएं।

मेयर पद पर विवाद पर वारिस पठान ने कहा कि सबसे पहले भाजपा के नफरती चिंटू ने कहना शुरू किया कि 'क्या सिर्फ आई लव महादेव कहने वाला ही मेयर बनेगा? क्या सिर्फ एक हिंदू ही मेयर बन सकता है?' हमने सवाल पूछा कि भारत के संविधान में कहीं नहीं लिखा कि सिर्फ कोई खास व्यक्ति ही मेयर बन सकता है। कोई खान, पठान, शेख, सैयद, कुरैशी या कोई भी मुसलमान मेयर बन सकता है। और यह हमारी दिल की तमन्ना और ख्वाहिश है कि एक दिन हिजाब या बुर्का पहनने वाली मुस्लिम महिला भी मुंबई की मेयर बने। भले ही हम इस दुनिया में न हों, एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भी भारत की प्रधानमंत्री भी बन सकती है। उम्मीद पर दुनिया कायम है, लेकिन भाजपा और उद्धव ठाकरे को असली मुद्दों पर बात नहीं करनी है, इन्हें तो बस नफरत फैलानी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारिस पठान ने उद्धव ठाकरे पर क्या आरोप लगाए?
वारिस पठान ने कहा कि उद्धव ठाकरे मुसलमानों के दुश्मन हैं और उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहते हुए बाबरी मस्जिद गिराने पर गर्व किया।
बीएमसी चुनावों का महत्त्व क्या है?
बीएमसी चुनाव मुंबई की स्थानीय सरकार के गठन में महत्वपूर्ण हैं और यह स्थानीय मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का एक अवसर प्रदान करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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