दिल्ली एआई समिट में मनीष शर्मा की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस
सारांश
Key Takeaways
- पटियाला हाउस कोर्ट ने मनीष शर्मा की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया।
- अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।
- यूथ कांग्रेस के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया।
- प्रदर्शन ने कार्यक्रम की सुरक्षा को प्रभावित किया।
- सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया।
नई दिल्ली, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' के दौरान दिल्ली के भारत मंडपम में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अदालत ने शनिवार को भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।
इसके साथ ही अदालत ने गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा की मांग करने वाले आवेदन पर भी नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को निर्धारित की गई है।
पिछले 28 फरवरी को भी इसी मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने दो आरोपियों की पुलिस कस्टडी को लेकर फैसला सुनाया था। अदालत ने कुबेर मीणा को 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा था, जबकि भूदेव शर्मा की 2 दिन की पुलिस कस्टडी बढ़ा दी गई थी।
दिल्ली पुलिस ने भारतीय यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन पर आरोप है कि उन्होंने एआई समिट के दौरान प्रदर्शन कर कार्यक्रम की शांति को भंग करने का प्रयास किया तथा सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया।
यह विवाद 20 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026' के दौरान उत्पन्न हुआ था। कार्यक्रम के बीच यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जिससे समिट का माहौल कुछ समय के लिए पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। उस समय कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडल भी उपस्थित था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई थी।
उस दिन दोपहर करीब 12:30 बजे यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता क्यूआर कोड के माध्यम से समिट में दाखिल हुए। वे हॉल नंबर-5 के लॉबी क्षेत्र में पहुंचे और अचानक स्वेटर और जैकेट उतारकर प्रदर्शन करने लगे।
उनकी टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें थीं। साथ ही उन पर 'इंडिया-यूएस ट्रेड डील', 'एपस्टीन फाइल्स' और 'पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड' जैसे नारे लिखे गए थे। प्रदर्शनकारी लगातार प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर कार्यक्रम स्थल से दूर ले जाया गया। वर्तमान में इस पूरे मामले की जांच जारी है और कोर्ट में अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी।