मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत: एआई समिट प्रदर्शन मामले में पुलिस की पूछताछ में होंगे शामिल
सारांश
Key Takeaways
- मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत मिली है।
- दिल्ली में एआई समिट का आयोजन हुआ था।
- पुलिस ने प्रदर्शन को राजनीतिक साजिश बताया है।
- इस मामले में कई गिरफ्तारियाँ हुई हैं।
- दिल्ली पुलिस की जांच जारी है।
नई दिल्ली, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हुए 'शर्टलेस प्रदर्शन' मामले में, दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी मनीष शर्मा को अग्रिम जमानत प्रदान की है।
अदालत ने उन्हें निर्देश दिया है कि शनिवार को पुलिस की पूछताछ में शामिल होना होगा।
इससे पहले, 14 मार्च को, दिल्ली पुलिस ने अदालत में दलीलें पेश करते हुए कहा था कि यह प्रदर्शन पूर्णतः राजनीतिक था और इसका एआई या सरकारी नीतियों से कोई सीधा संबंध नहीं था। पुलिस के अनुसार, यह विरोध एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था।
पुलिस ने अदालत को बताया कि दिल्ली में आयोजित इस एआई समिट में 100 से अधिक देशों ने भाग लिया था, जिसमें 92 देश और यूरोपीय संघ के सदस्य भी शामिल थे। यह आयोजन अपनी तरह का पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय एआई आयोजन था। पुलिस का आरोप है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की छवि को नुकसान पहुँचाना था।
जांच एजेंसी ने मनीष शर्मा को इस पूरे मामले का मुख्य साजिशकर्ता और 'फ्रंट मैन' बताया है। पुलिस के अनुसार, वह यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी हैं और प्रदर्शन की योजना उनके निर्देश पर तैयार की गई थी। पुलिस ने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन से पहले चायोज रेस्तरां में एक बैठक हुई थी, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है।
इसके अतिरिक्त, पुलिस के अनुसार, मनीष शर्मा ने सिद्धार्थ अवधूत को फोन कर बुलाया था और यूथ कांग्रेस में इस मुद्दे पर कई बैठकें भी हुई थीं।
घटना के दिन, हाई सिक्योरिटी एरिया में कुल 12 लोग मौजूद थे, जिनमें से 9 लोगों ने शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन किया। मौके से 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए कहा कि जांच के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
यह प्रदर्शन फरवरी में भारत मंडपम में आयोजित एआई समिट के दौरान हुआ था।