4 नवंबर 2026
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दिल्ली हाईकोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी किया, 12वीं बोर्ड एकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर की अनुमति पर 2 जनवरी 2027 को अगली सुनवाई

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दिल्ली हाईकोर्ट ने CBSE को नोटिस जारी किया, 12वीं बोर्ड एकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर की अनुमति पर 2 जनवरी 2027 को अगली सुनवाई

सारांश

दिल्ली उच्च न्यायालय ने CBSE को नोटिस जारी कर 12वीं की एकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर की अनुमति देने पर जवाब माँगा है। दिसंबर 2024 में CBSE की गवर्निंग बॉडी ने इसे मंजूरी दी थी, पर कार्रवाई नहीं हुई। अगली सुनवाई 2 जनवरी 2027 को होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 नवंबर 2026 को CBSE , केंद्र सरकार, NCERT और परख को नोटिस जारी किया।
याचिका में 12वीं बोर्ड एकाउंटेंसी परीक्षा में गैर-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर की अनुमति देने की माँग की गई है।
CBSE की गवर्निंग बॉडी ने दिसंबर 2024 में कैलकुलेटर की अनुमति को मंजूरी दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामले की अगली सुनवाई 2 जनवरी 2027 को दिल्ली उच्च न्यायालय में होगी।
CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए LOC जारी की; पंजीकरण में सुधार की अंतिम तारीख 7 नवंबर 2026 है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को नोटिस जारी किया है, जिसमें 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में साधारण, गैर-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति देने की माँग वाली याचिका पर जवाब तलब किया गया है। अदालत ने इस मामले में केंद्र सरकार, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) और मूल्यांकन संस्था परख को भी नोटिस भेजा है।

मुख्य घटनाक्रम

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 में CBSE की गवर्निंग बॉडी की एक बैठक में कक्षा 12वीं की एकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। पाठ्यक्रम समिति ने भी उस एजेंडे को उसी महीने पारित किया, परंतु करीब दो वर्ष बाद भी इस निर्णय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी निष्क्रियता को आधार बनाते हुए यह याचिका दायर की गई।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 2 जनवरी 2027 निर्धारित की है।

याचिका का तर्क और पृष्ठभूमि

याचिका में तर्क दिया गया है कि जब CBSE की खुद की संस्थाएँ कैलकुलेटर के उपयोग को उचित मान चुकी हैं, तो उस निर्णय को लागू न करना छात्रों के हित में नहीं है। गौरतलब है कि विश्व के अनेक शिक्षा बोर्डों में बारहवीं स्तर पर गैर-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर की अनुमति मानक प्रचलन है। एकाउंटेंसी जैसे विषय में जहाँ लंबी संख्यात्मक गणनाएँ होती हैं, वहाँ इस सुविधा की माँग तार्किक मानी जा रही है।

यह ऐसे समय में आया है जब शिक्षा नीति और परीक्षा-प्रणाली में सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस जारी है।

CBSE का LOC अपडेट और सुधार की अंतिम तिथि

इसी बीच CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्रों के लिए लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी है। बोर्ड ने छात्रों को अपनी पंजीकरण जानकारी जाँचने और आवश्यक संशोधन के लिए अपने विद्यालय से संपर्क करने का निर्देश दिया है।

सुधार की अंतिम तिथि 7 नवंबर 2026 निर्धारित है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र बोर्ड परीक्षा में बैठ सकेंगे जिनके नाम CBSE की LOC में दर्ज होंगे।

आम छात्रों पर असर

12वीं में पढ़ने वाले लाखों छात्रों के लिए यह मामला सीधे प्रासंगिक है। यदि अदालत अंततः CBSE को कैलकुलेटर की अनुमति देने का निर्देश देती है, तो इससे विशेष रूप से वाणिज्य (Commerce) स्ट्रीम के छात्रों को लाभ मिल सकता है जो एकाउंटेंसी और गणित की परीक्षाएँ देते हैं। फिलहाल सभी पक्षों के जवाब आने के बाद ही अदालत अगला कदम उठाएगी।

क्या होगा आगे

अब CBSE, केंद्र सरकार, NCERT और परख को अपना पक्ष रखना है। 2 जनवरी 2027 की सुनवाई में अदालत इन जवाबों के आधार पर मामले की दिशा तय करेगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर CBSE ने दिसंबर 2024 की बैठक में लिए गए निर्णय को लिखित रूप में साझा किया, तो याचिका की राह मज़बूत हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दो वर्षों तक कोई अधिसूचना नहीं आई — यह संस्थागत निष्क्रियता का स्पष्ट उदाहरण है। असली सवाल यह नहीं है कि कैलकुलेटर मिलना चाहिए या नहीं, बल्कि यह है कि एक बोर्ड अपने ही निर्णय को लागू करने में इतना समय क्यों लेता है। यदि अदालत को इस विषय में हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, तो यह CBSE की आंतरिक जवाबदेही प्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
RashtraPress
4 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली हाईकोर्ट ने CBSE को किस मामले में नोटिस जारी किया है?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 12वीं बोर्ड की एकाउंटेंसी परीक्षा में गैर-प्रोग्रामेबल कैलकुलेटर के उपयोग की अनुमति देने की माँग वाली याचिका पर CBSE, केंद्र सरकार, NCERT और परख को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 2 जनवरी 2027 को होगी।
CBSE ने कैलकुलेटर की अनुमति पर पहले क्या निर्णय लिया था?
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता के अनुसार, CBSE की गवर्निंग बॉडी और पाठ्यक्रम समिति ने दिसंबर 2024 में 12वीं कक्षा की एकाउंटेंसी परीक्षा में कैलकुलेटर की अनुमति देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालाँकि उस निर्णय पर अब तक कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई है।
CBSE की LOC क्या है और इसे क्यों जाँचना ज़रूरी है?
लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (LOC) वह आधिकारिक सूची है जिसमें CBSE बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के नाम और पंजीकरण विवरण होते हैं। केवल LOC में दर्ज छात्र ही बोर्ड परीक्षा दे सकेंगे, इसलिए विवरण की जाँच और सुधार अनिवार्य है।
CBSE LOC में सुधार की अंतिम तिथि क्या है?
CBSE ने कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्रों को 7 नवंबर 2026 तक अपने विद्यालय के माध्यम से पंजीकरण विवरण में सुधार करवाने का निर्देश दिया है। इस तिथि के बाद संशोधन संभव नहीं होगा।
कैलकुलेटर की अनुमति मिलने से किन छात्रों को फ़ायदा होगा?
यदि अदालत CBSE को कैलकुलेटर की अनुमति देने का निर्देश देती है, तो विशेष रूप से 12वीं के वाणिज्य (Commerce) स्ट्रीम के छात्रों को लाभ मिलेगा जो एकाउंटेंसी की परीक्षा में लंबी संख्यात्मक गणनाएँ करते हैं। फिलहाल मामला अदालत में विचाराधीन है।
राष्ट्र प्रेस
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