सीबीएसई 12वीं रीवैल्यूएशन पोर्टल: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोबारा खोलने से किया इनकार, 17 लाख छात्र प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली हाईकोर्ट ने 12 जून 2026 को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं बोर्ड परीक्षा के रीवैल्यूएशन पोर्टल को दोबारा खोलने की माँग पर तत्काल राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर पोर्टल पुनः शुरू करने से लगभग 17 लाख छात्रों की काउंसलिंग और दाखिला प्रक्रिया पर व्यापक असर पड़ सकता है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह याचिका नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने दायर की थी, जिसमें सीबीएसई के डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम में कथित गड़बड़ियों की स्वतंत्र जाँच और रीवैल्यूएशन पोर्टल को फिर से खोलने की माँग की गई थी। शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने इस माँग पर फ़िलहाल कोई अंतरिम राहत देने से मना कर दिया।
केंद्र सरकार का पक्ष
केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि अब तक 1.67 लाख छात्र रीवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर चुके हैं और नए आवेदन स्वीकार करने की कोई गुंजाइश शेष नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि पोर्टल दोबारा खोलने से पहले से आवेदन कर चुके छात्रों की काउंसलिंग और शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित होगी।
केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि पोर्टल पुनः शुरू होने से परिणामों में देरी होगी, जिसका सीधा असर विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में जारी प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर के लाखों छात्र कॉलेज काउंसलिंग के विभिन्न चरणों में हैं।
सीबीएसई का रुख
इससे पहले सीबीएसई ने 8 जून को बताया था कि वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन विंडो 2 जून से 7 जून तक निर्धारित समय पर पूरी तरह चालू रही और इसकी निगरानी सरकारी तकनीकी एजेंसियों तथा आईआईटी की टीमों ने की।
बोर्ड के अनुसार, इस अवधि में 1.6 लाख से अधिक छात्रों ने 3.8 लाख से अधिक आंसर बुक्स के लिए सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए। सीबीएसई का कहना है कि इससे स्पष्ट होता है कि छात्रों ने परिणाम के बाद उपलब्ध इन सेवाओं का बड़े पैमाने पर उपयोग किया।
हाईकोर्ट का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि कोई छात्र या अभिभावक अपनी व्यक्तिगत शिकायत को लेकर अदालत का दरवाज़ा खटखटाना चाहता है, तो वह स्वतंत्र रूप से याचिका दाखिल कर सकता है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय करते हुए फ़िलहाल कार्यवाही स्थगित कर दी।
आगे क्या होगा
मामले की अगली सुनवाई में अदालत सीबीएसई के डिजिटल इवैल्यूएशन सिस्टम में कथित गड़बड़ियों की जाँच की माँग पर विस्तार से सुनवाई कर सकती है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को लेकर अदालत में याचिकाएँ दाखिल हुई हों — पिछले कुछ वर्षों में भी इस तरह के मामले सामने आते रहे हैं।