सीबीएसई कक्षा 12वीं री-इवैल्यूएशन परिणाम 2025: 87% आवेदनों का निस्तारण, शेष जल्द जारी होंगे
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 21 जून 2025 को कक्षा 12वीं के वेरिफिकेशन ऑफ मार्क्स और री-इवैल्यूएशन के परिणाम चरणबद्ध तरीके से जारी करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है। बोर्ड के अनुसार, अब तक प्राप्त कुल आवेदनों में से 87 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण इसी दिन कर दिया गया है। शेष आवेदनों के परिणाम भी शीघ्र घोषित किए जाने की उम्मीद है।
परिणाम जारी करने की प्रक्रिया
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि सभी आवेदनों को एक पारदर्शी और सुव्यवस्थित निगरानी प्रणाली के अंतर्गत प्रोसेस किया गया है, ताकि परिणामों में निष्पक्षता और सटीकता बनी रहे। बोर्ड ने यह भी बताया कि परिणाम एक साथ नहीं, बल्कि चरणों में जारी किए जा रहे हैं, जिससे तकनीकी और प्रशासनिक सटीकता सुनिश्चित की जा सके।
छात्रों के लिए बोर्ड की अपील
सीबीएसई ने छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों या असत्यापित सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। बोर्ड ने कहा कि केवल आधिकारिक सीबीएसई पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी ही प्रामाणिक मानी जाए। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि सीबीएसई कार्यालय छात्रों को मार्गदर्शन और सहायता देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
शिक्षा मंत्री का बयान
देरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पहले ही स्पष्ट किया था कि मूल्यांकन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और बोर्ड छात्रों को किसी भी असुविधा से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा था कि बाकी बचे परिणाम जल्द ही जारी किए जाएंगे।
कितने छात्रों के नतीजे आए
बोर्ड के आँकड़ों के अनुसार, कुल 17 लाख छात्रों में से लगभग 15 लाख 50 हजार छात्रों के मुख्य परिणाम पहले ही जारी किए जा चुके हैं। पुनर्मूल्यांकन और पुनर्सत्यापन के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के मामले में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बाद बोर्ड ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुष्टि की कि 87 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निस्तारण हो चुका है और शेष परिणाम शीघ्र प्रकाशित किए जाएंगे।
आगे क्या होगा
जिन छात्रों के री-इवैल्यूएशन परिणाम अभी तक नहीं आए हैं, उन्हें सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर नज़र बनाए रखने की सलाह दी गई है। यह ऐसे समय में आया है जब बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया के लिए अपने अंतिम अंकों का इंतज़ार कर रहे हैं। बोर्ड की पारदर्शी प्रक्रिया से इस वर्ष के परिणामों पर विश्वसनीयता बनाए रखने की कोशिश स्पष्ट दिखती है।