सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 परिणाम: 17,113 छात्रों को 95% या उससे अधिक अंक, पास प्रतिशत 85.20

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सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 परिणाम: 17,113 छात्रों को 95% या उससे अधिक अंक, पास प्रतिशत 85.20

सारांश

सीबीएसई 12वीं 2026 में 17,113 छात्रों ने 95% या उससे अधिक अंक हासिल किए, जबकि कुल पास प्रतिशत 85.20 पर रहा — 2025 से 3.19% की गिरावट। पहली बार लागू ऑन-स्क्रीन मार्किंग और कम्पार्टमेंट संख्या में वृद्धि इस वर्ष के परिणाम की खास विशेषताएँ रहीं।

मुख्य बातें

CBSE 12वीं 2026 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20 रहा, जो 2025 के 88.39% से 3.19% कम है।
17,113 विद्यार्थियों ने 95% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए — कुल सफल छात्रों का 0.97% ।
94,028 विद्यार्थियों ने 90% या उससे अधिक अंक हासिल किए — सफल छात्रों का 5.32% ।
विशेष आवश्यकता वाले 5,718 विद्यार्थी उत्तीर्ण, उत्तीर्ण प्रतिशत 90.16% रहा।
कम्पार्टमेंट संख्या 1,29,095 (2025) से बढ़कर 1,63,800 (2026) हुई — 9.26% ।
पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग से 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 13 मई 2026 को कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम जारी किया, जिसमें 17,113 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल किए। कुल 94,028 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जो सफल विद्यार्थियों का 5.32 प्रतिशत है। इस वर्ष बोर्ड ने मेरिट सूची जारी न करने की परंपरा को एक बार फिर बरकरार रखा है।

मुख्य आंकड़े एक नज़र में

इस वर्ष देशभर में कक्षा 12वीं का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20 रहा, जो वर्ष 2025 के 88.39 प्रतिशत की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। 95 प्रतिशत या उससे अधिक अंक पाने वाले 17,113 विद्यार्थी कुल सफल छात्रों का 0.97 प्रतिशत हैं। वहीं 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले 94,028 विद्यार्थी सफल छात्रों का 5.32 प्रतिशत बनते हैं।

विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सफलता

इस वर्ष 6,397 विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया, जिनमें से 6,342 परीक्षा में शामिल हुए और 5,718 सफल घोषित किए गए। इन विद्यार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.16 रहा, जिसे बोर्ड ने समावेशी शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। इनमें से 276 विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक और 48 विद्यार्थियों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए।

कम्पार्टमेंट श्रेणी में वृद्धि

इस वर्ष कम्पार्टमेंट श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2025 में 1 लाख 29 हजार 095 विद्यार्थी कम्पार्टमेंट में आए थे, जो कुल परीक्षार्थियों का 7.63 प्रतिशत था। वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 1 लाख 63 हजार 800 हो गई, जो कुल परीक्षार्थियों का 9.26 प्रतिशत है। शिक्षा विशेषज्ञ इस वृद्धि को परीक्षा के बढ़ते प्रतिस्पर्धी स्तर और मूल्यांकन प्रक्रिया की सख्ती से जोड़कर देख रहे हैं।

ऑन-स्क्रीन मार्किंग: सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन

इस वर्ष CBSE ने पहली बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पूरी तरह 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली लागू की। बोर्ड के अनुसार, यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान है, जिसके तहत 9,866,622 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन डिजिटल माध्यम से किया गया।

आगे क्या होगा

कम्पार्टमेंट में आए विद्यार्थियों के लिए बोर्ड जल्द परीक्षा तिथियाँ घोषित करेगा। डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के विस्तार और मेरिट सूची न जारी करने की नीति को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा जारी है, और आने वाले समय में इन नीतियों पर और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या मूल्यांकन मानकों में अचानक बदलाव ने छात्रों को अनजाने में नुकसान पहुँचाया। विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों का 90.16% उत्तीर्ण प्रतिशत निश्चित रूप से समावेशी शिक्षा की सफलता की कहानी है, लेकिन समग्र गिरावट पर शिक्षा नीति निर्माताओं को गंभीरता से विचार करना होगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 का कुल पास प्रतिशत क्या रहा?
सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20 रहा, जो 2025 के 88.39% से 3.19% कम है। यह गिरावट पहली बार लागू ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली और कड़े मूल्यांकन मानकों से जोड़कर देखी जा रही है।
सीबीएसई 12वीं 2026 में कितने छात्रों ने 95% से अधिक अंक पाए?
कुल 17,113 विद्यार्थियों ने 95% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए, जो सफल विद्यार्थियों का 0.97% है। इसके अलावा 94,028 विद्यार्थियों ने 90% या उससे अधिक अंक हासिल किए।
सीबीएसई 2026 में कम्पार्टमेंट छात्रों की संख्या क्यों बढ़ी?
2026 में कम्पार्टमेंट छात्रों की संख्या 1,63,800 हो गई, जो 2025 की 1,29,095 से काफी अधिक है। शिक्षा विशेषज्ञ इसे परीक्षा के बढ़ते प्रतिस्पर्धी स्तर और ऑन-स्क्रीन मार्किंग की सख्ती से जोड़कर देख रहे हैं।
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली क्या है?
ऑन-स्क्रीन मार्किंग वह प्रणाली है जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल माध्यम से जाँचा जाता है। 2026 में CBSE ने पहली बार पूरी तरह इस प्रणाली को लागू किया और 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन किया, जो बोर्ड का अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान है।
विशेष आवश्यकता वाले छात्रों का सीबीएसई 12वीं 2026 में प्रदर्शन कैसा रहा?
विशेष आवश्यकता वाले 6,342 विद्यार्थियों में से 5,718 सफल घोषित किए गए, जो 90.16% उत्तीर्ण प्रतिशत है। इनमें से 276 ने 90% से अधिक और 48 ने 95% से अधिक अंक प्राप्त किए, जिसे बोर्ड ने समावेशी शिक्षा की बड़ी उपलब्धि बताया है।
राष्ट्र प्रेस
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