सीबीएसई 12वीं बोर्ड परिणाम 2026: पास प्रतिशत 85.20, पिछले साल से 3.19% कम; पहली बार पूर्ण डिजिटल मूल्यांकन

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सीबीएसई 12वीं बोर्ड परिणाम 2026: पास प्रतिशत 85.20, पिछले साल से 3.19% कम; पहली बार पूर्ण डिजिटल मूल्यांकन

सारांश

सीबीएसई 12वीं का परिणाम 2026 में 85.20% रहा — पिछले साल से 3.19% कम। लेकिन असली बदलाव अंकों में नहीं, प्रक्रिया में है: पहली बार 98.66 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का पूर्ण डिजिटल मूल्यांकन हुआ। लड़कियाँ फिर आगे, ट्रांसजेंडर विद्यार्थी शत-प्रतिशत, और दिल्ली क्षेत्र 91.97% के साथ राष्ट्रीय औसत से बेहतर।

मुख्य बातें

सीबीएसई 12वीं का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 2026 में 85.20% रहा, जो 2025 के 88.39% से 3.19% कम है।
कुल 17,68,968 परीक्षार्थियों में से 15,07,109 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित।
लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86% , लड़कों का 82.13% — लड़कियाँ 6.73% आगे।
ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों ने लगातार शत-प्रतिशत उत्तीर्णता दर्ज की।
पहली बार 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का पूर्ण ऑन स्क्रीन मार्किंग से डिजिटल मूल्यांकन।
दिल्ली क्षेत्र का समग्र उत्तीर्ण प्रतिशत 91.97% , राष्ट्रीय औसत से बेहतर।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 13 मई 2026 को कक्षा 12वीं का बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित किया, जिसमें देशभर का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20% दर्ज किया गया। यह आँकड़ा वर्ष 2025 के 88.39% की तुलना में 3.19 प्रतिशत कम है। इस वर्ष बोर्ड ने पहली बार पूर्ण स्तर पर 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली लागू कर मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया।

मुख्य परिणाम आँकड़े

वर्ष 2026 में कक्षा 12वीं के लिए कुल 17 लाख 80 हजार 365 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 17 लाख 68 हजार 968 परीक्षा में शामिल हुए। इनमें से 15,07,109 विद्यार्थी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। परीक्षाएँ 17 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गईं, जिसके लिए देशभर में 19,967 स्कूलों और 7,573 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई — जो वर्ष 2025 के 19,299 स्कूलों और 7,330 केंद्रों से अधिक है।

लड़कियों का बेहतर प्रदर्शन, ट्रांसजेंडर विद्यार्थी शत-प्रतिशत

लैंगिक प्रदर्शन के मोर्चे पर लड़कियों ने एक बार फिर लड़कों को पीछे छोड़ा। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86% रहा, जबकि लड़कों का 82.13% दर्ज हुआ — यानी लड़कियाँ लड़कों से 6.73 प्रतिशत आगे रहीं। ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों ने इस वर्ष भी शत-प्रतिशत उत्तीर्णता दर्ज की, जो लगातार सराहनीय उपलब्धि है।

दिल्ली क्षेत्र का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर

दिल्ली क्षेत्र ने राष्ट्रीय औसत को पीछे छोड़ते हुए मजबूत प्रदर्शन किया। दिल्ली पश्चिम रीजन का परिणाम 92.34% और दिल्ली पूर्व क्षेत्र का 91.73% रहा। दोनों को मिलाकर समग्र दिल्ली क्षेत्र का उत्तीर्ण प्रतिशत 91.97% दर्ज हुआ। दिल्ली क्षेत्र में कुल 3 लाख 1 हजार 977 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 3 लाख 732 परीक्षा में शामिल हुए और 2 लाख 76 हजार 583 सफल रहे।

पहली बार पूर्ण 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली

सीबीएसई ने बताया कि इस वर्ष 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया गया, जिसे बोर्ड ने अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल मूल्यांकन अभियान बताया है। इस प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को डिजिटल रूप में परीक्षकों तक पहुँचाया गया, जिससे एक स्थान से दूसरे स्थान तक भौतिक रूप से भेजने की आवश्यकता समाप्त हो गई। अब देश और विदेश में संबद्ध स्कूलों के शिक्षक अपने स्थान से ही मूल्यांकन कर सकते हैं।

डिजिटल मूल्यांकन के फायदे और आगे की राह

बोर्ड के अनुसार नई व्यवस्था से अंक जोड़ने, दर्ज करने और अपलोड करने में होने वाली मानवीय गलतियाँ समाप्त हुई हैं। प्रत्येक उत्तर का मूल्यांकन निर्धारित अंक योजना के अनुसार सुनिश्चित किया गया, जिससे विद्यार्थियों के साथ एकसमान व्यवहार हो रहा है। बोर्ड का कहना है कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) की भावना के अनुरूप पारदर्शिता और निष्पक्षता को मजबूत करती है। आने वाले वर्षों में यह प्रणाली और अधिक परिष्कृत किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पिछले वर्षों में अंकों को कृत्रिम रूप से ऊँचा रखती थी। असली सवाल यह है कि क्या यह गिरावट शैक्षणिक स्तर में कमी को दर्शाती है या मूल्यांकन में पारदर्शिता बढ़ने का परिणाम है। यदि दूसरा सत्य है, तो 85.20% का यह आँकड़ा 88.39% से अधिक विश्वसनीय है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई 12वीं बोर्ड परिणाम 2026 में कुल पास प्रतिशत कितना रहा?
सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20% रहा, जो वर्ष 2025 के 88.39% से 3.19% कम है। कुल 17,68,968 परीक्षार्थियों में से 15,07,109 विद्यार्थी सफल घोषित किए गए।
सीबीएसई 12वीं 2026 में लड़कियों और लड़कों का प्रदर्शन कैसा रहा?
लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 88.86% रहा जबकि लड़कों का 82.13%, यानी लड़कियाँ लड़कों से 6.73% आगे रहीं। ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों ने इस वर्ष भी शत-प्रतिशत उत्तीर्णता दर्ज की।
सीबीएसई की 'ऑन स्क्रीन मार्किंग' प्रणाली क्या है?
यह एक डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली है जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर परीक्षकों को ऑनलाइन भेजा जाता है, जिससे वे अपने स्थान से ही जाँच कर सकते हैं। 2026 में पहली बार इसे पूर्ण स्तर पर लागू किया गया और 98,66,622 उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन इसी प्रणाली से हुआ।
दिल्ली क्षेत्र का सीबीएसई 12वीं 2026 में परिणाम कैसा रहा?
दिल्ली क्षेत्र का समग्र उत्तीर्ण प्रतिशत 91.97% रहा, जो राष्ट्रीय औसत 85.20% से काफी बेहतर है। दिल्ली पश्चिम रीजन 92.34% और दिल्ली पूर्व क्षेत्र 91.73% के साथ राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी रहे।
सीबीएसई 12वीं 2026 की परीक्षाएँ कब आयोजित हुईं?
कक्षा 12वीं की परीक्षाएँ 17 फरवरी 2026 से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की गईं। इसके लिए देशभर में 19,967 स्कूलों और 7,573 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई थी।
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