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सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल 6 जून तक खुला, आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य; जानें शुल्क और प्रक्रिया

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सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल 6 जून तक खुला, आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य; जानें शुल्क और प्रक्रिया

सारांश

सीबीएसई ने कक्षा 12 के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन पोर्टल 6 जून तक खोला है — इस बार आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य है। वेरिफिकेशन के लिए ₹100 और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹25 प्रति प्रश्न शुल्क तय है। ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे और समयसीमा के बाद कोई अनुरोध स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्य बातें

सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल 2 जून से 6 जून 2025 की मध्यरात्रि तक सक्रिय है।
इस बार आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया गया है; आधार न होने पर माता-पिता या अभिभावक का आधार उपयोग किया जा सकता है।
वेरिफिकेशन शुल्क ₹100 प्रति उत्तर-पुस्तिका और री-इवैल्यूएशन शुल्क ₹25 प्रति प्रश्न निर्धारित है।
केवल वे छात्र आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पहले से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएँ प्राप्त कर ली हैं।
'फ्रीज करें और भुगतान के लिए आगे बढ़ें' के बाद कोई बदलाव संभव नहीं ; ऑफलाइन आवेदन मान्य नहीं होंगे।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने 2 जून 2025 से कक्षा 12 के छात्रों के लिए अपना ऑनलाइन पुनर्मूल्यांकन पोर्टल सक्रिय कर दिया है, जो 6 जून 2025 की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र अपनी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में त्रुटियों का सत्यापन (वेरिफिकेशन) अथवा विशिष्ट प्रश्नों का पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) करवा सकते हैं। इस बार बोर्ड ने सुरक्षा और पहचान सत्यापन को और मज़बूत बनाने के लिए आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य किया है।

पोर्टल पर कैसे करें आवेदन

आवेदन के लिए छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने खाते में लॉग इन करना होगा और आधार सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। बोर्ड के अनुसार, केवल वही छात्र इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं जिन्होंने पहले से अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियाँ प्राप्त कर ली हैं। एक ही आवेदन में एक से अधिक विषयों और समस्याओं को शामिल किया जा सकता है।

आधार न होने पर क्या करें

जिन छात्रों के पास स्वयं का आधार कार्ड नहीं है, उनके लिए बोर्ड ने माता-पिता, अभिभावक या किसी निकट रिश्तेदार के आधार विवरण का उपयोग करने की अनुमति दी है। हालाँकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि प्रमाणीकरण के दौरान दर्ज नाम, जन्म तिथि और लिंग उस व्यक्ति के आधार रिकॉर्ड से बिल्कुल मेल खाना चाहिए।

शुल्क और भुगतान प्रक्रिया

बोर्ड ने वेरिफिकेशन के लिए ₹100 प्रति उत्तर-पुस्तिका और री-इवैल्यूएशन के लिए ₹25 प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित किया है। भुगतान UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से किया जा सकता है। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि 'फ्रीज करें और भुगतान के लिए आगे बढ़ें' विकल्प चुनने के बाद आवेदन में कोई बदलाव संभव नहीं होगा — इसलिए छात्रों को भुगतान से पहले सभी विवरण ध्यानपूर्वक जाँचने की सलाह दी गई है।

किन समस्याओं पर कर सकते हैं आवेदन

वेरिफिकेशन के लिए छात्र निम्नलिखित समस्याओं की रिपोर्ट कर सकते हैं: पृष्ठों का गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट का शामिल न होना, स्कैन का धुंधला होना, नक्शे या ग्राफ का अनुपस्थित होना, गलत उत्तर पुस्तिका प्राप्त होना अथवा किसी अन्य प्रश्न-पत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन किया जाना। री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदक को प्रश्न संख्या और पृष्ठ संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य है।

महत्वपूर्ण निर्देश

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा और 6 जून की मध्यरात्रि के बाद प्राप्त किसी भी अनुरोध पर विचार नहीं किया जाएगा। अनुरोध तभी सफलतापूर्वक जमा माना जाएगा जब ऑनलाइन गेटवे के माध्यम से भुगतान पूर्ण हो जाए। गौरतलब है कि यह प्रक्रिया उन छात्रों के लिए अंतिम अवसर है जो अपने मूल्यांकन से असंतुष्ट हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उन लाखों छात्रों के लिए व्यावहारिक बाधा बन सकता है जिनके पास स्वयं का आधार नहीं है — विशेषकर ग्रामीण और वंचित वर्ग के छात्र। बोर्ड ने अभिभावक के आधार का विकल्प दिया है, परंतु इसके लिए डेटा मिलान की शर्त तकनीकी त्रुटियों का जोखिम बढ़ाती है। महज चार दिन की आवेदन विंडो — और वह भी परिणाम घोषणा के तुरंत बाद — छात्रों और अभिभावकों पर अनावश्यक दबाव डालती है। यह सवाल उठता है कि क्या बोर्ड समावेशिता और तकनीकी सुरक्षा के बीच उचित संतुलन बना पाया है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीबीएसई री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि क्या है?
सीबीएसई का री-इवैल्यूएशन पोर्टल 6 जून 2025 की मध्यरात्रि तक खुला रहेगा। इस समयसीमा के बाद प्राप्त किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
सीबीएसई वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए कितना शुल्क देना होगा?
वेरिफिकेशन (सत्यापन) के लिए ₹100 प्रति उत्तर-पुस्तिका और री-इवैल्यूएशन (पुनर्मूल्यांकन) के लिए ₹25 प्रति प्रश्न शुल्क निर्धारित है। भुगतान UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग से किया जा सकता है।
सीबीएसई पोर्टल पर आधार प्रमाणीकरण क्यों अनिवार्य किया गया है?
बोर्ड के अनुसार, आधार-आधारित प्रमाणीकरण छात्रों के रिकॉर्ड तक सुरक्षित पहुँच सुनिश्चित करने और आवेदन प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है। यदि छात्र के पास स्वयं का आधार नहीं है, तो माता-पिता या अभिभावक के आधार विवरण का उपयोग किया जा सकता है।
कक्षा 12 के किन छात्रों को री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने की पात्रता है?
केवल वे छात्र आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पहले से अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियाँ प्राप्त कर ली हैं। री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन में प्रश्न संख्या और पृष्ठ संख्या का उल्लेख अनिवार्य है।
वेरिफिकेशन के लिए किन समस्याओं पर आवेदन किया जा सकता है?
छात्र पृष्ठों का गायब होना, सप्लीमेंट्री शीट का न जुड़ना, धुंधला स्कैन, नक्शे या ग्राफ का अनुपस्थित होना, गलत उत्तर पुस्तिका मिलना या गलत प्रश्न-पत्र सेट के आधार पर मूल्यांकन जैसी समस्याओं के लिए आवेदन कर सकते हैं। एक आवेदन में एक से अधिक विषय और समस्याएँ शामिल की जा सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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